Lakhimpur Kheri News: कागजों पर दवा कंपनी, एंटीबायोटिक के नाम पर बेची खड़िया, जांच में हुआ बड़ा खुलासा
जून 2022 में एंटीबायोटिक टेबलेट जेसेफ एजेड और विन कोल्ड प्लस सीरप के नमूने लिए गए थे। दोनों नमूनों की लैब से जांच रिपोर्ट आई, जिसमें एंटीबायोटिक जेसेफ एजेड टेबलेट पूरी तरह खड़िया पाई गई।
विस्तार
एंटीबायोटिक टैबलेट जेसेएफ एजेड जांच में खड़िया निकली। इसे शाहजहांपुर की दो फर्में फर्जी कंपनी बनाकर लखीमपुर खीरी के गोला के फिक कनेक्ट ट्रेडर्स को सप्लाई कर रही थीं। मामले में कनेक्ट ट्रेडर्स के चार पार्टनर और दो फर्मों पर मुकदमा दर्ज किया गया है।
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की ओर से जून 2022 में फिक कनेक्ट ट्रेडर्स के स्टोर से जेसेफ एजेड और विन कोल्ड प्लस सिरप का नमूना लिया गया था। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने बताया कि दवा का नमूना फेल होने पर जेसेफ एजेड निर्माता कंपनी जिया हेल्थकेयर रेवाड़ी हरियाणा को नोटिस भेजा गया तो पता चला कि वहां ऐसी कोई कंपनी नहीं है।
स्थानीय स्तर पर पड़ताल की गई, जिसमें इस फर्जीवाड़े में फिक कनेक्ट ट्रेडर्स और शाहजहांपुर की फर्में स्काई वर्ल्ड फार्मास्यूटिकल्स और रोहित मेडिकल एजेंसी संलिप्त पाईं गई। इसके बाद सीजेएम कोर्ट में मुकदमा दर्ज कराया गया। विनकोल्ड सिरप का नमूना अधोमानक पाए जाने पर भी निर्माता कंपनी टेक्सा लाइफ साइंस डेराबसी पंजाब के विरुद्ध मुकदमा दायर किया गया है।
जांच में फेल हुए नमूने
जीवन रक्षक दवाओं में शुमार एंटीबायोटिक दवाओं में सबसे ज्यादा गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत ने एंटीबायोटिक टेबलेट जेसेफ एजेड और विन कोल्ड प्लस सीरप का नमूना लिया था। दोनों नमूनों की लैब से जांच रिपोर्ट आई, जिसमें एंटीबायोटिक जेसेफ एजेड टेबलेट पूरी तरह खड़िया पाई गई। इसमें निर्धारित कंटेंट की मात्रा का एक प्रतिशत भी नहीं मिला है।
विनकोल्ड प्लस सिरप में पैरासिटामॉल नामक कंटेट की मात्रा निर्धारित मानक से कम पाई गई है। ड्रग इंस्पेक्टर ने फिक कनेक्ट ट्रेडर्स गोला गोकर्णनाथ, विनकोल्ड प्लस सीरप की निर्माता कंपनी टेक्सा लाइफ साइंस डेराबसी पंजाब और जेसेफ एजेड की निर्माता कंपनी जिया हेल्थेकेयर रेवाड़ी हरियाणा को नोटिस जारी किया।
कागजों पर चल रही थी कंपनी
रेवाड़ी में जांच के दौरान पता चला कि जिया हेल्थकेयर नाम की कोई दवा फैक्ट्री संचालित नहीं है, जिसकी वहां के अधिकारियों ने भी पुष्टि की। इससे यह बात साफ हो गई कि जनपद में नकली कंपनी के नाम पर बनी नकली दवाएं बेचकर मेडिकल कारोबारी अपनी जेबें भरने में लगे हैं, तो वहीं मरीजों की सेहत और जान दोनों पर खतरा मंडरा रहा है।