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अधूरा रहा बिजली विभाग का लक्ष्य
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 11 Dec 2014 11:02 PM IST
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तमाम कोशिशों के बावजूद बिजली विभाग नवंबर महीने में निर्धारित 5.50 करोड़ के राजस्व लक्ष्य को पूरा नहीं कर पाया, विभागीय अधिकारी 4.76 करोड़ का बकाया भुगतान ही जमा करा पाए।
अधिकारियों का कहना है कि गांवों से राजस्व लगभग न के बराबर आ रहा है, इसके मुकाबले शहरी उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में ज्यादा जागरूक हैं।
बता दें कि मौजूदा समय में लखीमपुर डिवीजन का घरेलू, व्यावसायिक और पॉवर के कनेक्शनों पर बिजली बिलों का करीब 35 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इसे देखते हुए बिजली अधिकारियों को साढ़े पांच करोड़ राजस्व जमा कराने का निर्देश दिया गया था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक टाउन एरिया को 4.50 करोड़ और देहात के अन्य दो सब डिवीजनों को 50-50 लाख का लक्ष्य निर्धारित हुआ। इसके मुकाबले टाउन एरिया से करीब चार करोड़ और दोनों सब डिवीजनों से 76 लाख रुपये जमा हुए। इस तरह दोनों जगहों के अधिकारी राजस्व लक्ष्य पूरा करने में फिसड्डी रहे।
एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद का कहना है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी उपभोक्ताओं ने अधिक बिल जमा किया है। गांवों में लोग फसल पर ही आश्रित हैं, फिर भी काफी हद तक बिल जमा हुए हैं।
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अधिकारियों का कहना है कि गांवों से राजस्व लगभग न के बराबर आ रहा है, इसके मुकाबले शहरी उपभोक्ता बिजली बिल जमा करने में ज्यादा जागरूक हैं।
बता दें कि मौजूदा समय में लखीमपुर डिवीजन का घरेलू, व्यावसायिक और पॉवर के कनेक्शनों पर बिजली बिलों का करीब 35 करोड़ से ज्यादा का बकाया है। इसे देखते हुए बिजली अधिकारियों को साढ़े पांच करोड़ राजस्व जमा कराने का निर्देश दिया गया था। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक टाउन एरिया को 4.50 करोड़ और देहात के अन्य दो सब डिवीजनों को 50-50 लाख का लक्ष्य निर्धारित हुआ। इसके मुकाबले टाउन एरिया से करीब चार करोड़ और दोनों सब डिवीजनों से 76 लाख रुपये जमा हुए। इस तरह दोनों जगहों के अधिकारी राजस्व लक्ष्य पूरा करने में फिसड्डी रहे।
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एसडीओ टाउन धर्मेंद्र आनंद का कहना है कि ग्रामीण इलाकों के मुकाबले शहरी उपभोक्ताओं ने अधिक बिल जमा किया है। गांवों में लोग फसल पर ही आश्रित हैं, फिर भी काफी हद तक बिल जमा हुए हैं।
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