फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Expired drugs found in the plot started investigation

प्लॉट में मिलीं एक्सपायर्ड दवाओं की शुरू हुई जांच

Mon, 06 Jun 2022 12:44 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 06 Jun 2022 12:44 AM IST
विज्ञापन
Expired drugs found in the plot started investigation
जिला अस्पताल के कुपोषण वार्ड मे रखी गईं दवाइयां।
एमसीएच विंग पहुंची जांच टीम ने खंगाले रजिस्टर
विज्ञापन

पुराने रजिस्टर मुहैया कराने के लिए अस्पताल प्रशासन ने मांगा दो दिन का वक्त
लखीमपुर खीरी। शनिवार को एक खाली प्लॉट में पड़ी मिलीं एक्सपायर्ड दवाओं की जांच शुरू हो गई है। रविवार को जांच टीम ने एमसीएच विंग जाकर स्टोर रूम के स्टॉक रजिस्टर खंगाले। अचानक बिजली चले जाने से तमाम पुराने रजिस्टर नहीं मिल सके। इस पर अस्पताल प्रशासन ने रजिस्टर उपलब्ध कराने के लिए दो दिन का समय मांगा है।
ग्राम पचायत उदयपुर महेवा के श्मशान घाट के पास एक खाली प्लॉट में शनिवार को तमाम एक्सपायर्ड दवाओं से भरे गत्ते पड़े मिले थे। खुले प्लॉट में सरकारी सप्लाई की दवाएं पड़ी होने की खबर पर एसीएमओ डॉ. अश्वनी कुमार, डॉ. बीसी पंत, चीफ फार्मासिस्ट आशुतोष अवस्थी एवं परमानंद सहित एसडीएम सदर श्रद्घा सिंह व सीओ सिटी पहुंच गए। अधिकारियों ने सभी दवाएं कब्जे में लेकर उन्हें जिला अस्पताल के कुपोषण वार्ड में रखवाकर कमरा सील करा दिया। उधर, सीएमओ ने मामले की हकीकत का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर दी। टीम ने रविवार को एमसीएच विंग पहुंचकर स्टोर रूम के स्टॉक रजिस्टर खंगाले। इस दौरान बिजली चले जाने से पुराने रजिस्टर नहीं मिले। इस पर अस्पताल प्रशासन ने दो दिन का समय मांगा है।
विज्ञापन

जांच टीम का कहना है कि एक्सपायर्ड दवाओं में 2015 से लेकर 2022 तक की दवाएं मिली हैं। कुछ रजिस्टर मिल गए हैं। उनसे दवाओं की आपूर्ति कब हुई, बैच नंबर आदि का मिलान कराया जा रहा है। वहीं उस समय के रजिस्टर निकलवाए जा रहे हैं, जिससे जांच जल्द पूरी हो सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

गठित टीम की निगरानी में नष्ट होनी चाहिए एक्सपायर्ड दवाएं
ड्रग इंस्पेक्टर सुनील रावत का कहना है कि सरकारी सप्लाई में आईं दवाएं जब एक्सपायर्ड हो जाती हैं तो उनकी एक रजिस्टर पर सूची बनाई जाती है। इसके बाद उच्चाधिकारी द्वारा गठित टीम जांच कर अपनी देखरेख में नियमानुसार दवाओं को नष्ट कराती है, जिससे मानव से लेकर पशु पक्षियों को किसी तरह का नुकसान न पहुंचे।
शहर से बाहर एक खाली प्लॉट में सरकारी दवाएं मिलनी की सूचना मिलने पर मौके पर गई थी, जितनी भी दवाएं वहां पड़ी थीं वह सब एक्सपायर्ड थीं। सभी दवाओं को जिला अस्पताल के कुपोषण वार्ड में रखवाकर कमरा सील करवा दिया है। सोमवार को इसकी रिपोर्ट डीएम को भेजी जाएगी।

- श्रद्घा सिंह, एसडीएम सदर
इतनी मात्रा में दवाओं के एक्सपायर्ड होने और शहर के बाहर खुले में फेंके जाने की जांच कराई जा रही है। गरीबों के लिए आईं दवाओं का इस तरह दुरुपयोग करना बेहद गलत है। जांच रिपोर्ट तीन दिन में मांगी गई है। इसमें जो दोषी मिलेगा उस पर कार्रवाई होगी।
- डॉ. अनिल कुमार गुप्ता, एसीएमओ एवं प्रभारी सीएमओ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed