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भारत-नेपाल के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान पर बल
लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 06 Feb 2015 06:26 PM IST
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एसएसबी सातवीं वाहिनी नानपारा में पायलेट प्रोजेक्ट की कार्यशाला का तीसरे दिन समापन हो गया। कार्यशाला की अध्यक्षता डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बालोदी ने किया। बैठक में भारत और नेपाल के विभिन्न विभागों के अधिकारियों और समाजसेवी संगठनों के पदाधिकारियों ने भाग लिया।
डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बालोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली सीमा होने के कारण विभिन्न प्रकार के अवैध कारोबार होते हैं। इसकी जानकारी एसएसबी या पुलिस से पहले वहां के स्थानीय ग्रामीणों के पास होती है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना जितना एक जवान का कर्तव्य होता है उतनी ही जिम्मेदारी सीमा पर रह रहे लोगों की भी होती है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में डीआईजी ने बताया कि जवानों को सीमा पर जांच के दौरान मानवाधिकार को सर्वोपरि रखते हुए भारत-नेपाल के बीच आने जाने वाले नागरिकों के साथ सामान्य व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पायलेट प्रोजेक्ट जल्दी ही सीमा क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा।
उन्होंने मौजूद लोगों का आह्वान किया कि एसएसबी सीमा पर जो कार्य करने जा रही है उसमें बढ़-चढ़ कर सहयोग करें ताकि यह कार्य राष्ट्र केनिर्माण में मील का पत्थर साबित हो और सीमा के आर पार जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। कार्यशाला में द्वितीय कमान अधिकारी प्रवीण कुमार ने भारत और नेपाल राष्ट्रों के बीच सूचनाओं के आदान प्रदान पर बल दिया। कार्यशाला में क्षेत्र में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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डीआईजी उपेंद्र प्रकाश बालोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच खुली सीमा होने के कारण विभिन्न प्रकार के अवैध कारोबार होते हैं। इसकी जानकारी एसएसबी या पुलिस से पहले वहां के स्थानीय ग्रामीणों के पास होती है। उन्होंने कहा कि देश की रक्षा करना जितना एक जवान का कर्तव्य होता है उतनी ही जिम्मेदारी सीमा पर रह रहे लोगों की भी होती है। तीन दिवसीय प्रशिक्षण में डीआईजी ने बताया कि जवानों को सीमा पर जांच के दौरान मानवाधिकार को सर्वोपरि रखते हुए भारत-नेपाल के बीच आने जाने वाले नागरिकों के साथ सामान्य व्यवहार का प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह पायलेट प्रोजेक्ट जल्दी ही सीमा क्षेत्रों में शुरू किया जाएगा।
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उन्होंने मौजूद लोगों का आह्वान किया कि एसएसबी सीमा पर जो कार्य करने जा रही है उसमें बढ़-चढ़ कर सहयोग करें ताकि यह कार्य राष्ट्र केनिर्माण में मील का पत्थर साबित हो और सीमा के आर पार जाने वाले लोगों को किसी तरह की परेशानी न हो। कार्यशाला में द्वितीय कमान अधिकारी प्रवीण कुमार ने भारत और नेपाल राष्ट्रों के बीच सूचनाओं के आदान प्रदान पर बल दिया। कार्यशाला में क्षेत्र में बढ़ रही आपराधिक गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई।
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