{"_id":"a9e4c263d91ddb9980b517eb831d3bdd","slug":"even-with-the-influx-of-intersection-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बाढ़ के साथ कटान भी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बाढ़ के साथ कटान भी
मझगईं
Updated Tue, 11 Aug 2015 07:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नयापुरवा में शारदा नदी की विनाशलीला बढ़ती ही जा रही है। शारदा ने अब तक करीब दो दर्जन घरों को अपने आगोश में ले लिया है और तमाम घर उसके निशाने पर हैं। हालात दुबहा गांव जैसे ही हैं, शारदा ने इस गांव का वजूद मिटा दिया था। ग्रामीणों को लग रहा है कि अब नयापुरवा का भी नामोनिशान मिट जाएगा। प्रशासन इस कटान के बारे में जानकर भी आंख मूंदे हुए है।
नयापुरवा गांव में शारदा नदी करीब पांच बार दस्तक दे चुकी है और गांव के अंदर तीन से चार फुट तक पानी घुसा हुआ है। जिससे ग्रामीण ऊंचं स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। पानी कम होते ही शारदा कटान करने लगती है जिससे ग्रामीणों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा का कहर दो माह से झेल रहे हैं लेकिन न प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने ही बाढ़ पीड़ितों की खबर ली है। बच्चे जानवर सभी भूख से तड़प रहे है। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश बना हुआ है। इस बारे में लेखपाल शशि तोमर से जानकरी की कोशिश की गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।
विज्ञापन
नयापुरवा गांव में शारदा नदी करीब पांच बार दस्तक दे चुकी है और गांव के अंदर तीन से चार फुट तक पानी घुसा हुआ है। जिससे ग्रामीण ऊंचं स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। पानी कम होते ही शारदा कटान करने लगती है जिससे ग्रामीणों को दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा का कहर दो माह से झेल रहे हैं लेकिन न प्रशासन और न ही किसी जनप्रतिनिधि ने ही बाढ़ पीड़ितों की खबर ली है। बच्चे जानवर सभी भूख से तड़प रहे है। इससे ग्रामीणों में काफी आक्रोश बना हुआ है। इस बारे में लेखपाल शशि तोमर से जानकरी की कोशिश की गई लेकिन कॉल रिसीव नहीं हो सकी।
विज्ञापन