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Lakhimpur Kheri News: चोट छोटी हो, फिर भी खतरा बड़ा हो सकता है
Sun, 18 Oct 2026 01:10 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Sun, 18 Oct 2026 01:10 AM IST
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लखीमपुर खीरी। खेलते समय गिरने, ऊंचाई से फिसलने या किसी चीज से टकराने पर बच्चों के सिर में चोट लग सकती है। कई बार चोट बाहर से मामूली दिखती है, लेकिन अंदरूनी चोट गंभीर हो सकती है। ऐसे में अभिभावकों को चोट के बाद बच्चे की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि सिर में चोट लगने के बाद लगातार सिरदर्द, असामान्य व्यवहार, चलने या बोलने में परेशानी और बच्चे को जगाने में कठिनाई जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। नाक या कान से खून अथवा साफ तरल निकलना भी खतरे का संकेत हो सकता है।
n चोट के बाद निगरानी भी जरूरी ः बच्चा चोट के तुरंत बाद सामान्य दिखे, तब भी उसकी स्थिति पर नजर रखें, क्योंकि कुछ लक्षण बाद में उभर सकते हैं। कोई नया या बढ़ता लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें। गंभीर लक्षण होने पर इंतजार न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचें।
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जिला अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. आरपी वर्मा ने बताया कि सिर में चोट लगने के बाद लगातार सिरदर्द, असामान्य व्यवहार, चलने या बोलने में परेशानी और बच्चे को जगाने में कठिनाई जैसे लक्षणों को गंभीरता से लेना चाहिए। नाक या कान से खून अथवा साफ तरल निकलना भी खतरे का संकेत हो सकता है।
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n चोट के बाद निगरानी भी जरूरी ः बच्चा चोट के तुरंत बाद सामान्य दिखे, तब भी उसकी स्थिति पर नजर रखें, क्योंकि कुछ लक्षण बाद में उभर सकते हैं। कोई नया या बढ़ता लक्षण दिखने पर चिकित्सकीय सलाह लें। गंभीर लक्षण होने पर इंतजार न करें और तत्काल अस्पताल पहुंचें।
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