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Lakhimpur Kheri News: एक साल बाद भी नहीं बनीं बाढ़ में बही पुलिया
Fri, 13 Jun 2025 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 13 Jun 2025 12:13 AM IST
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बरोठा-लंघनिया पुरवा गांव के बीच में पड़ी क्षतिग्रस्त पुलिया। संवाद
लखीमपुर खीरी। जिले में पिछले साल आई बाढ़ में कई गांवों में पुलिया जद में आकर क्षतिग्रस्त हो गईं। ऐसे में कहीं किसान खेतों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं तो कहीं बच्चों को विद्यालय तक पहुंचने में जान-जोखिम में डालनी पड़ रही है।
तिकुनिया में
ग्राम पंचायत देवरिया पश्चिम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय से देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर पिछले साल बारिश में बाढ़ के दौरान पुलिया ध्वस्त हो गई थी। इसको लेकर किसानों ने ब्लॉक निघासन में प्रार्थना पत्र देकर रपटा पुलिया निर्माण कराए जाने की मांग की थी, लेकिन पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हुआ। इससे किसानों को खेतों में जाने के लिए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं, खेत में इलाके का लोकप्रिय देवी मंदिर भी है, जहां पर श्रद्धालु भागवत, भजन व भंडारा के लिए आयोजन करते हैं। पुलिया टूट जाने से श्रद्धालु भी भारी परेशानी झेल रहे हैं।
निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोठा के लंघनिया पुरवा गांव के बीच स्थित सूखा नाले पर बनी जर्जर पुलिया वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। यह पुलिया गांव को दो हिस्सों में बांटती है। बरसात में नाले में जलभराव होने पर ग्रामीणों को आने-जाने में जान जोखिम में डालनी पड़ती है। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि कई बार लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं। राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न लेने के लिए बरोठा गांव तक कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। स्थानीय निवासी विश्राम, बहोरी, पप्पू, दीपू, माखन आदि ने बताया कि पुलिया निर्माण की मांग वह कई वर्षों से कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने विरोधस्वरूप ‘पुलिया नहीं तो पोल नहीं’ का नारा देकर मतदान का बहिष्कार किया था। हालांकि, बाद में जागरूक ग्रामीणों के समझाने पर मतदान कराया गया, लेकिन फिर से उन्हें कोरा आश्वासन ही दिया गया।
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पिछले साल जुलाई में भारी बारिश और बाढ़ के समय यह पुलिया टूट गई थी। पुलिया के पार ही सभी के खेत हैं, जहां ट्रैक्टर-ट्राली से जाना पहुंचाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
घसीटे लाल वर्मा, ग्रामीण
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पुलिया टूटी होने से खेती करने में बड़ी परेशानी आ रही है। खेतों तक पहुंचने में दो किलोमीटर का चक्कर लगाकर लगाना पड़ता है। पुलिया जल्दी बनवाई जाए तो किसानों को राहत मिल सके।
रामनरेश वर्मा, ग्रामीण
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एक साल पूरा होने को है। पुलिया भी नहीं बनी है। इस बाबत ब्लाॅक खंड निघासन को भी अवगत कराया जा चुका है। पुलिया न बनने से श्रद्धालुओं को मंदिर जाने में भारी परेशानी होती है। किसान भी परेशान हैं।
मुन्नालाल वर्मा, ग्रामीण
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तिकुनिया के देवरिया पश्चिम गांव में रपटा पुलिया की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो निरीक्षण करने के बाद प्रस्ताव बनवाकर भेजा जाएगा। जल्दी ही रपटा पुलिया का निर्माण करवाया जाएगा।
शशांक वर्मा, विधायक, निघासन
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तिकुनिया में
ग्राम पंचायत देवरिया पश्चिम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय से देवी मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर पिछले साल बारिश में बाढ़ के दौरान पुलिया ध्वस्त हो गई थी। इसको लेकर किसानों ने ब्लॉक निघासन में प्रार्थना पत्र देकर रपटा पुलिया निर्माण कराए जाने की मांग की थी, लेकिन पुलिया का निर्माण अब तक नहीं हुआ। इससे किसानों को खेतों में जाने के लिए दो किलोमीटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है। वहीं, खेत में इलाके का लोकप्रिय देवी मंदिर भी है, जहां पर श्रद्धालु भागवत, भजन व भंडारा के लिए आयोजन करते हैं। पुलिया टूट जाने से श्रद्धालु भी भारी परेशानी झेल रहे हैं।
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निघासन क्षेत्र की ग्राम पंचायत बरोठा के लंघनिया पुरवा गांव के बीच स्थित सूखा नाले पर बनी जर्जर पुलिया वर्षों से परेशानी का कारण बनी हुई है। यह पुलिया गांव को दो हिस्सों में बांटती है। बरसात में नाले में जलभराव होने पर ग्रामीणों को आने-जाने में जान जोखिम में डालनी पड़ती है। स्थिति इतनी विकट हो जाती है कि कई बार लोगों को नाव का सहारा लेना पड़ता है।
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ग्रामीणों ने बताया कि गांव के बच्चे पढ़ाई के लिए जान हथेली पर रखकर स्कूल जाते हैं। राशन कार्डधारकों को खाद्यान्न लेने के लिए बरोठा गांव तक कठिन रास्ता तय करना पड़ता है। स्थानीय निवासी विश्राम, बहोरी, पप्पू, दीपू, माखन आदि ने बताया कि पुलिया निर्माण की मांग वह कई वर्षों से कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई। पिछले लोकसभा चुनाव में ग्रामीणों ने विरोधस्वरूप ‘पुलिया नहीं तो पोल नहीं’ का नारा देकर मतदान का बहिष्कार किया था। हालांकि, बाद में जागरूक ग्रामीणों के समझाने पर मतदान कराया गया, लेकिन फिर से उन्हें कोरा आश्वासन ही दिया गया।
पिछले साल जुलाई में भारी बारिश और बाढ़ के समय यह पुलिया टूट गई थी। पुलिया के पार ही सभी के खेत हैं, जहां ट्रैक्टर-ट्राली से जाना पहुंचाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।
घसीटे लाल वर्मा, ग्रामीण
पुलिया टूटी होने से खेती करने में बड़ी परेशानी आ रही है। खेतों तक पहुंचने में दो किलोमीटर का चक्कर लगाकर लगाना पड़ता है। पुलिया जल्दी बनवाई जाए तो किसानों को राहत मिल सके।
रामनरेश वर्मा, ग्रामीण
एक साल पूरा होने को है। पुलिया भी नहीं बनी है। इस बाबत ब्लाॅक खंड निघासन को भी अवगत कराया जा चुका है। पुलिया न बनने से श्रद्धालुओं को मंदिर जाने में भारी परेशानी होती है। किसान भी परेशान हैं।
मुन्नालाल वर्मा, ग्रामीण
तिकुनिया के देवरिया पश्चिम गांव में रपटा पुलिया की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा है तो निरीक्षण करने के बाद प्रस्ताव बनवाकर भेजा जाएगा। जल्दी ही रपटा पुलिया का निर्माण करवाया जाएगा।
शशांक वर्मा, विधायक, निघासन

बरोठा-लंघनिया पुरवा गांव के बीच में पड़ी क्षतिग्रस्त पुलिया। संवाद

बरोठा-लंघनिया पुरवा गांव के बीच में पड़ी क्षतिग्रस्त पुलिया। संवाद

बरोठा-लंघनिया पुरवा गांव के बीच में पड़ी क्षतिग्रस्त पुलिया। संवाद

बरोठा-लंघनिया पुरवा गांव के बीच में पड़ी क्षतिग्रस्त पुलिया। संवाद