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Lakhimpur Kheri News: 17 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका आईटीआई कॉलेज भवन का निर्माण

Fri, 12 Sep 2025 12:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:31 AM IST
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Even after 17 years, the construction of ITI college building could not be completed
निर्माणधीन आईटीआई कॉलेज। फाइल फोटो
लखीमपुर खीरी/धौरहरा। जिम्मेदारों की लापरवाही, अनदेखी व मनमानी के चलते धौरहरा के टेगनहा-सिसैया में निर्माणाधीन राजकीय आईटीआई कॉलेज भवन का निर्माण 17 साल बाद भी पूरा नहीं हो सका है। पहले निर्माण में गड़बड़ी के चलते वर्षों तक कार्य बंद रहा। बाद में बजट के अभाव से काम अटका रहा। हालांकि अफसरों का कहना है कि अब काम तेजी से कराया जा रहा है। नवंबर तक पूरा करा लिया जाएगा।
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वर्ष 2008 में राजकीय आईटीआई कॉलेज के निर्माण की स्वीकृति मिली थी। टेगनहा-सिसैया में जमीन आवंटित होने के बाद 2.30 करोड़ की लागत में निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। निर्माण के कुछ साल बाद ही पूर्व विधायक बाला प्रसाद अवस्थी ने अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए एक अक्टूबर 2021 को मामले को विधानसभा में रखा। शासन ने इस पर जांच बिठा दी। शासन से आई जांच कमेटी को निर्माण कार्य में काफी खामियां मिलीं। जिसके बाद तत्कालीन डीएम महेंद्र बहादुर ने कार्यदायी संस्था के पांच अधिकारियों के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराने के आदेश दिए।
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तत्कालीन जिला अल्पसंख्यक अधिकारी बीरपाल ने कार्यदायी संस्था के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक अम्बिकेश्वर राय, एसपी मिश्रा, आरके वर्मा, एसएम सिद्दीकी, इंद्रजीत आदि के खिलाफ धौरहरा कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, जिसकी विवेचना अब तक पूरी नहीं हो सकी।
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दो गुनी हो गई लागत, कार्यदायी संस्था भी बदली
स्वीकृति के दौरान आईटीआई कॉलेज निर्माण की लागत 2.30 करोड़ रुपये थी, लेकिन मौजूदा समय में इसकी लागत 4.29 करोड़ हो गई है, वह भी अवशेष कामों के लिए है। पहले निर्माण की जिम्मेदारी कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के पास थी, लेकिन अब यूपीएनएसएस को निर्माण की जिम्मेदारी मिली है। पहले इस आईटीआई कॉलेज का निर्माण अल्पसंख्यक विभाग से कराया जा रहा था, लेकिन अब यह भवन औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान लखीमपुर के जिम्मे सौंपा गया है।


युवाओं में मायूसी, मुख्यालय दौड़ लगाते को मजबूर
जब आईटीआई कॉलेज का निर्माण शुरू हुआ था तो क्षेत्र के युवाओं में खुशी की लहर दौड़ गई थी। उनको पास में ही रोजगारपरक शिक्षा मिलेगी, लेकिन यह खुशी ज्यादा दिनों तक नहीं रह सकी। धीरे-धीरे आज 17 साल से अधिक का समय बीत गया न तो आईटीआई कॉलेज चालू हो सका न ही युवाओं का सपना पूरा हो सका। क्षेत्र के छात्र-छात्राओं को लखीमपुर जाना पड़ता है।



निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। साफ-सफाई का काम बाकी है, जो नवंबर तक पूरा करा लिया जाएगा। मई में फंड मिला था। बीच में बारिश के चलते कुछ काम प्रभावित रहा। -अनुराग कुमार, सहायक अभियंता, यूपीएनएसएस
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