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Lakhimpur Kheri News: कटान पीड़ितों ने मांगा बाढ़ में कटी जमीन का मुआवजा
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लखीमपुर खीरी। निघासन के ग्रंट नंबर 12 में शारदा नदी ने जमकर कटान किया है। कटान में तमाम घर, जमीन और फसलें बर्बाद हो गईं हैं, लोग बेघर हो गए। आरोप है कि प्रशासन की तरफ से कोई मदद भी नहीं मिल रही। परेशान होकर कटान पीड़ितों ने कलक्ट्रेट में विरोध-प्रदर्शन कर मुआवजे की मांग की।
शुक्रवार को कटान पीड़ितों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा बताई। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के कटान से क्षेत्र में बहुत त्रासदी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी मांगें को ज्ञापन के माध्यम से डीएम को बताई हैं। ज्ञापन में लिखा कि उनकी अधिकतर भूमि नदी में समा चुकी है। नदी घरों के समीप आ गई है, तमाम लोगों के घर भी नदी में कट गए हैं।
कटान पीड़ितों ने मांग की है कि जो कृषि भूमि नदी में कटी है। उसका सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए। घरों की भूमि व भवनों का उचित मुआवजा देकर उन्हें बंधे के बाहर ग्राम पंचायत श्रीनगर व लखीमपुर में बसाया जाए, ताकि जो खेत बचे हैं। वह उनके नजदीक रह सकें। शारदा नदी की कटान को रोकने को प्रभावी और स्थायी समाधान ड्रेजिंग, डिसिल्टिंग कराई जाए। विरोध-प्रदर्शन में गांव के नन्हे, जयपाल, प्रेमचंद, बालकराम, रामरतन, कमलेश कुमार शिव कुमार, दुर्गेश, सतीश समेत सैकड़ों बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।
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शुक्रवार को कटान पीड़ितों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर अपनी व्यथा बताई। ग्रामीणों का कहना है कि शारदा नदी के कटान से क्षेत्र में बहुत त्रासदी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी मांगें को ज्ञापन के माध्यम से डीएम को बताई हैं। ज्ञापन में लिखा कि उनकी अधिकतर भूमि नदी में समा चुकी है। नदी घरों के समीप आ गई है, तमाम लोगों के घर भी नदी में कट गए हैं।
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कटान पीड़ितों ने मांग की है कि जो कृषि भूमि नदी में कटी है। उसका सर्किल रेट के अनुसार मुआवजा दिया जाए। घरों की भूमि व भवनों का उचित मुआवजा देकर उन्हें बंधे के बाहर ग्राम पंचायत श्रीनगर व लखीमपुर में बसाया जाए, ताकि जो खेत बचे हैं। वह उनके नजदीक रह सकें। शारदा नदी की कटान को रोकने को प्रभावी और स्थायी समाधान ड्रेजिंग, डिसिल्टिंग कराई जाए। विरोध-प्रदर्शन में गांव के नन्हे, जयपाल, प्रेमचंद, बालकराम, रामरतन, कमलेश कुमार शिव कुमार, दुर्गेश, सतीश समेत सैकड़ों बाढ़ पीड़ित मौजूद रहे।
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