फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   eliphant

नेपाल के उत्पाती हाथियों ने सोलर फेंसिंग तोड़ी,खेतों में मचाया उत्पात,उजाड़ी फसलें

Sun, 20 Oct 2019 09:43 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 20 Oct 2019 09:43 PM IST
विज्ञापन
eliphant
बांकेगंज-मैलानी। किशनपुर सेंक्चुरी के मड़हा जंगल में पिछले दो दिन से डेरा डाले बैठे नेपाली जंगली हाथियों ने दिन भर आराम किया। शुक्रवार रात इन हाथियों ने मड़हा कंपार्टमेंट पांच से वन्यजीव विहार की ही जटपुरा बीट की ओर अपना रुख किया। उत्पाती हाथियों ने जंगल किनारे वन विभाग की सोलर फेंसिंग के पिलर्स उखाड़ दिए और तार लांघ कर जंगल से चंद कदमों की दूरी पर बसे बांकेगंज के पहाड़ नगर गांव के खेतों में पहुंच गए। जहां इन्होंने करीब 25 एकड़ धान और गन्ने की फसल को रौंद डाला।
विज्ञापन

झुंड में शामिल सभी 30 हाथियों ने एक साथ मिलकर तीन घंटे से अधिक समय तक खेतों में उत्पात मचाया। उनकी चिंघाड़ सुनकर दहशत में आए ग्रामीण घरों में दुबक गए। हाथी लगातार आक्रामक होते जा रहे हैं। इधर, वन कर्मी और पश्चिम बंगाल से आए एलीफेंट मैनेजमेंट टीम के एक्सपर्ट ट्रैकर्स उनका मल और पगचिन्ह के सहारे मूवमेंट पर नजर रखे हुए है। उधर डीटीआर बफरजोन के डीडी डॉ. अनिल कुमार पटेल जटपुरा बीट पहुंचे और हाथियों द्धारा उजाड़ी गई फसलों के नुकसान का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि शनिवार शाम ये हाथी जटपुरा बीट संख्या 39 में आराम करते देखे गए हैं।
विज्ञापन

लगातार चकमा दे रहे नेपाली हाथी
अफसरों,वन कर्मिर्यों और पश्चिम बंगाल से आए एक्सपर्ट ट्रैकर्स का कहना है कि यह हाथी चकमा देने में माहिर हैं। इनकी निगरानी करने में खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे राहत देने वाली बात यह है कि यह हाथी आबादी के निकट तो पहुंच रहे हैं, लेकिन गांव के नजदीक नहीं जा रहे हैं। फिर भी लोगों में दहशत है। हाथी अपनी सुरक्षा के प्रति इतने अलर्ट हैं कि वन कर्मियों को देखते ही उन पर हमला करने का प्रयास करते हैं। इनकी चालाकी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि बीती रात जब उन्होंने सोलर फेंसिंग तोड़ी, उससे पहले उन्होंने पिलर्स गिरा दिए, ताकि उसमें प्रवाहित करंट बंद हो जाए। इसके बाद भी हाथी तारों पर पैर रखने के बजाए उन्हें लांघकर खेतों में पहुंचे।
विज्ञापन
विज्ञापन

पेड़ा की छाल, बांस की पत्तियां रास आ रही हैं हाथियों को
मैलानी। रेंजर आरपी सिंह के मुताबिक हाथियों को पेड़ों की छाल और बांस की पत्तियां खूब रास आ रही हैं। मड़हा जंगल में बांस की बहुतायत है और यहां एक तालाब भी है। सामने एक फाटा भी है। संभवत: इसी से यहां की आबोहवा हाथियों को रास आ रही है और शायद इसी से हाथी पिछले दो दिनों से यहीं डेरा डाले हुए हैं।

नेपाल से आए हाथी धीरे-धीरे वापसी का रास्ता पकड़ रहे हैं। उनकी लगातार निगरानी की जा रही है। हाथियों ने जिन किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचाया है, उन्हें नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। ग्रामीणों से अपील है कि वे हाथियों से दूर रहें, उनकी तस्वीर लेने की कोशिश और छेड़छाड़ न करें। - डॉ अनिल कुमार पटेल,डीडी,डीटीआर,बफरजोन।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed