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डीटीआर में हाथियों ने उड़ाई दावत
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दुधवा में दावत खाते हाथी।
विश्व हाथी दिवस : दुधवा के अधिकारियों ने परोसे फल, सब्जियां और गन्ने
बांकेगंज-पलिया। दुधवा टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को विश्व हाथी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। दुधवा नेशनल पार्क में हाथियों के बेस कैंप सलूकापुर में राजकीय हाथियों के लिए शानदार दावत का इंतजाम किया गया। दुधवा के अधिकारियों ने हाथियों के पसंदीदा भोजन फल, सब्जियां और गन्ने परोसे।
इससे पहले दुधवा के महावतों ने पालतू हाथियों को हौज में भरे ठंडे पानी से नहलाकर उनका शृंगार किया। इस मौके पर दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पेट के कीड़ों के लिए उन्हें दवाइयां दीं और जरूरी वैक्सीनेशन किया।
बारिश के मौसम में पालतू हाथियों को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने के लिए एहतियाती दवाइयां भी दीं गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और महावतों ने हाथियों को लाड़ प्यार भी किया। हाथियों को गन्ना, गुण, सेब, लौकी, कद्दू, अन्नास, तरबूज, केला, खीरा, गुड़ आदि खिलाया गया।
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इस मौके पर दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक पीके पांडेय, वार्डेन एसके अमरेश, पीके वर्मा, रेंजर सुरेंद्र कुमार आदि समेत महावत इदरीश, अयूब, इरशाद, रामेश्वर मौजूद रहे।
मैराथन दौड़ में दुधवा तक दौड़े हाथी
हाथी दिवस पर बांकेताल से लेकर दुधवा तक हाथियों की मैराथन दौड़ हुई। इससे पहले सभी हाथियों को बांकेताल ले जाया गया और वहां से दौड़ का शुभारंभ कराया गया हुआ। करीब आठ किलोमीटर की दूरी हाथियों ने दौड़कर तय की। हाथियों की दौड़ में उनके महावत भी शामिल रहे।
नेपाल के पार्कों में हाथियों की संख्या 400 के पार
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में जंगली व पालतू हाथियों की संख्या 400 के पार हो गई है।
संरक्षणविद् डॉ. अशोकराम के अनुसार, देशभर में 227 पालतू हाथी हैं, जबकि करीब सौ से डेढ़ सौ जंगली हाथियों का झुंड है, जो भारतीय क्षेत्र से आता-जाता है। खासकर भारतीय सीमा से लगे झापा और बर्दिया नेशनल पार्क में जंगली हाथियों के झुंड का आवागमन होता है।
नेपाल में करीब 176 हाथी पालतू हैं, जो विभिन्न राष्ट्रीय पार्क व वन्य जंतु आरक्षित क्षेत्र में हैं। इसमें 99 हाथी सरकार की तरफ से व 77 हाथी निजी तरीके से पले हुए हैं। अभी हाल ही के अध्ययन में नेपाल के बांके-बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज कॉरीडोर में 113 हाथी, चितवन-पर्सा क्षेत्र में 45, शुक्लाफांटा राष्ट्रीय पार्क में 26, झापा में 19 व कोसी में 16 हाथी हैं। उधर, देश के 20 जिलों में झापा से महाकाली के कंचनपुर जिला तक हाथी और मनुष्यों के झगड़ में करीब 274 लोगों ने जान गंवाई है और करीब सौ लोग हाथी के आक्रमण में घायल हुए हैं। संवाद
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बांकेगंज-पलिया। दुधवा टाइगर रिजर्व में शुक्रवार को विश्व हाथी दिवस समारोह पूर्वक मनाया गया। दुधवा नेशनल पार्क में हाथियों के बेस कैंप सलूकापुर में राजकीय हाथियों के लिए शानदार दावत का इंतजाम किया गया। दुधवा के अधिकारियों ने हाथियों के पसंदीदा भोजन फल, सब्जियां और गन्ने परोसे।
इससे पहले दुधवा के महावतों ने पालतू हाथियों को हौज में भरे ठंडे पानी से नहलाकर उनका शृंगार किया। इस मौके पर दुधवा नेशनल पार्क के पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर ने हाथियों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। पेट के कीड़ों के लिए उन्हें दवाइयां दीं और जरूरी वैक्सीनेशन किया।
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बारिश के मौसम में पालतू हाथियों को बैक्टीरियल इंफेक्शन से बचाने के लिए एहतियाती दवाइयां भी दीं गईं। अधिकारियों, कर्मचारियों और महावतों ने हाथियों को लाड़ प्यार भी किया। हाथियों को गन्ना, गुण, सेब, लौकी, कद्दू, अन्नास, तरबूज, केला, खीरा, गुड़ आदि खिलाया गया।
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इस मौके पर दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक पीके पांडेय, वार्डेन एसके अमरेश, पीके वर्मा, रेंजर सुरेंद्र कुमार आदि समेत महावत इदरीश, अयूब, इरशाद, रामेश्वर मौजूद रहे।
मैराथन दौड़ में दुधवा तक दौड़े हाथी
हाथी दिवस पर बांकेताल से लेकर दुधवा तक हाथियों की मैराथन दौड़ हुई। इससे पहले सभी हाथियों को बांकेताल ले जाया गया और वहां से दौड़ का शुभारंभ कराया गया हुआ। करीब आठ किलोमीटर की दूरी हाथियों ने दौड़कर तय की। हाथियों की दौड़ में उनके महावत भी शामिल रहे।
नेपाल के पार्कों में हाथियों की संख्या 400 के पार
धनगढ़ी (नेपाल)। नेपाल में जंगली व पालतू हाथियों की संख्या 400 के पार हो गई है।
संरक्षणविद् डॉ. अशोकराम के अनुसार, देशभर में 227 पालतू हाथी हैं, जबकि करीब सौ से डेढ़ सौ जंगली हाथियों का झुंड है, जो भारतीय क्षेत्र से आता-जाता है। खासकर भारतीय सीमा से लगे झापा और बर्दिया नेशनल पार्क में जंगली हाथियों के झुंड का आवागमन होता है।
नेपाल में करीब 176 हाथी पालतू हैं, जो विभिन्न राष्ट्रीय पार्क व वन्य जंतु आरक्षित क्षेत्र में हैं। इसमें 99 हाथी सरकार की तरफ से व 77 हाथी निजी तरीके से पले हुए हैं। अभी हाल ही के अध्ययन में नेपाल के बांके-बर्दिया राष्ट्रीय निकुंज कॉरीडोर में 113 हाथी, चितवन-पर्सा क्षेत्र में 45, शुक्लाफांटा राष्ट्रीय पार्क में 26, झापा में 19 व कोसी में 16 हाथी हैं। उधर, देश के 20 जिलों में झापा से महाकाली के कंचनपुर जिला तक हाथी और मनुष्यों के झगड़ में करीब 274 लोगों ने जान गंवाई है और करीब सौ लोग हाथी के आक्रमण में घायल हुए हैं। संवाद