{"_id":"614b7e748ebc3e004f53f38e","slug":"elephants-create-ruckus-in-bhuyan-mata-temple-crops-trampled-lakhimpur-news-bly4604366110","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथियों ने भुइयां माता मंदिर में मचाया उत्पात, फसलें रौंदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथियों ने भुइयां माता मंदिर में मचाया उत्पात, फसलें रौंदी
विज्ञापन
महेशपुर में उत्पात मचाते हाथी।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
मुुख्य वन संरक्षक और डीएफओ ने महेशपुर पहुंचकर हालत का जायजा लिया
विज्ञापन
ममरी। मोहम्मदी रेंज की सहजनिया और देवीपुर बीट के जंगल में तीन दिनों से डेरा जमाए नेपाली हाथियों का झुंड मंगलवार रात गोला-शाहजहांपुर रोड पार करके महेशपुर बीट के जंगल में पहुंचा गया।
नेपाली हाथियों ने कठिना नदी के पास स्थित माता भुइंया देवी के प्राचीन मंदिर के चारों ओर बनी लोहे की जालीदार बाउंड्री और मंदिर का मुख्य गेट तोड़कर तहस-नहस कर डाला। मंदिर में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड बिहारीपुर फार्म निवासी इंद्रजीत सिंह, गुरिंदर सिंह, बबली सिंह, अमरिक सिंह आदि किसानों के खेतों में जा पहुंचा और धान व गन्ने की फसलें रौंद डाली। हाथियों ने मंदिर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बनी सीमेंट की बेंच भी तोड़ डालीं। रेंजर मोबिन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर और खेतों में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड फिर जंगल लौट गया।
हाथियों के उत्पात मचाने की सूचना पाकर मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह और डीएफओ समीर कुमार महेशपुर रेंज पहुंचे। मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने रेंजर मोबीन आरिफ के साथ हाथियों ने रौंदी फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वनकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इन दोनों अधिकारियों के शिवपुरी पहुंचने पर उन्हें ग्रामीणों ने घेर लिया और अपनी समस्याएं बताईं। इस पर अधिकारियों ने हाथियों द्वारा ध्वस्त की गई फसलों का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
नेपाली हाथियों ने कठिना नदी के पास स्थित माता भुइंया देवी के प्राचीन मंदिर के चारों ओर बनी लोहे की जालीदार बाउंड्री और मंदिर का मुख्य गेट तोड़कर तहस-नहस कर डाला। मंदिर में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड बिहारीपुर फार्म निवासी इंद्रजीत सिंह, गुरिंदर सिंह, बबली सिंह, अमरिक सिंह आदि किसानों के खेतों में जा पहुंचा और धान व गन्ने की फसलें रौंद डाली। हाथियों ने मंदिर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बनी सीमेंट की बेंच भी तोड़ डालीं। रेंजर मोबिन आरिफ, फॉरेस्टर जगदीश वर्मा, रोहित श्रीवास्तव ने बताया कि मंदिर और खेतों में उत्पात मचाने के बाद हाथियों का झुंड फिर जंगल लौट गया।
विज्ञापन
हाथियों के उत्पात मचाने की सूचना पाकर मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह और डीएफओ समीर कुमार महेशपुर रेंज पहुंचे। मुख्य वन संरक्षक आरके सिंह ने रेंजर मोबीन आरिफ के साथ हाथियों ने रौंदी फसलों का निरीक्षण किया। उन्होंने वनकर्मियों को जरूरी निर्देश दिए और ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए कहा है। इन दोनों अधिकारियों के शिवपुरी पहुंचने पर उन्हें ग्रामीणों ने घेर लिया और अपनी समस्याएं बताईं। इस पर अधिकारियों ने हाथियों द्वारा ध्वस्त की गई फसलों का मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया है।
विज्ञापन