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हाथियों ने ठप किया पलिया-दुधवा मार्ग
पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)
Updated Wed, 17 Dec 2014 07:48 PM IST
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पलिया से दुधवा और गौरीफंटा जाने वाले मार्ग पर जंगली हाथियों का एक झुंड आ
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गया। इस झुंड ने करीब आधा घंटा आवागमन ठप कर दिया। इस दौरान लोग दहशत में
रहे।
मंगलवार की देरशाम जंगली हाथियों का एक झुंड सुहेली से कुछ आगे आ खड़ा हुआ, जिसे देखकर राहगीरों के हाथ-पांव फूल गए और जो जहां था वह वहीं रुक गया। झुंड के हाथी वहीं अठखेलियां करते रहे जिससे लोग और भी भयभीत हो गए हालांकि करीब आधे घंटे बाद जंगली हाथियों का यह झुंड जंगल की ओर निकल गया। इसके कुछ देर बाद ही राहगीर अपने-अपने गंतव्यों को रवाना जा पाए। बता दें कि इन दिनाें इस इलाके में जंगली हाथियों का झुंड कभी खेतों की ओर पहुंच जाता है तो कभी सड़क की ओर आ जाता है। खेतों में हाथी पहुंचते हैं तो किसान को काफी नुकसान होता है।
इधर, मझगईं परिक्षेत्र के गांव कोठिया निवासी मुसाफिर और स्वामी दयाल बुधवार की दोपहर चौखड़ा फार्म के खल्ले गुरुद्वारे के पास जलौनी लकड़ी लेने गए थे। तभी वहां एक जंगली हाथी आ धमका। दोनो वहां से जैसे-तैसे जान बचाकर भागे। इसी दौरान आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। जिससे हाथी वापस जंगल की ओर चला गया।
मंगलवार की देरशाम जंगली हाथियों का एक झुंड सुहेली से कुछ आगे आ खड़ा हुआ, जिसे देखकर राहगीरों के हाथ-पांव फूल गए और जो जहां था वह वहीं रुक गया। झुंड के हाथी वहीं अठखेलियां करते रहे जिससे लोग और भी भयभीत हो गए हालांकि करीब आधे घंटे बाद जंगली हाथियों का यह झुंड जंगल की ओर निकल गया। इसके कुछ देर बाद ही राहगीर अपने-अपने गंतव्यों को रवाना जा पाए। बता दें कि इन दिनाें इस इलाके में जंगली हाथियों का झुंड कभी खेतों की ओर पहुंच जाता है तो कभी सड़क की ओर आ जाता है। खेतों में हाथी पहुंचते हैं तो किसान को काफी नुकसान होता है।
इधर, मझगईं परिक्षेत्र के गांव कोठिया निवासी मुसाफिर और स्वामी दयाल बुधवार की दोपहर चौखड़ा फार्म के खल्ले गुरुद्वारे के पास जलौनी लकड़ी लेने गए थे। तभी वहां एक जंगली हाथी आ धमका। दोनो वहां से जैसे-तैसे जान बचाकर भागे। इसी दौरान आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने हल्ला मचाना शुरू कर दिया। जिससे हाथी वापस जंगल की ओर चला गया।