फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   Electricity workers on strike against layoffs in Lakhimpur kheri

Lakhimpur Kheri: छंटनी के विरोध में हड़ताल पर बिजली कर्मचारी, गर्मी में उपभोक्ताओं की बढ़ेंगी मुश्किलें

Tue, 20 May 2025 02:51 PM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी Published by: मुकेश कुमार Updated Tue, 20 May 2025 02:51 PM IST
सार

लखीमपुर खीरी में छंटनी के विरोध में बिजली निगम के आउटसोर्स कर्मचारियों ने मंगलवार को हड़ताल पर बैठ गए। कर्मचारियों ने 72 घंटे तक हड़ताल करने का एलान किया है।  

विज्ञापन
Electricity workers on strike against layoffs in Lakhimpur kheri
हड़ताल पर बैठे विद्युत कर्मचारी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

लखीमपुर खीरी में  विद्युत निगम के आउटसोर्स कर्मचारी मंगलवार से 72 घंटे की हड़ताल पर चले गए। छंटनी के विरोध में कर्मचारी हड़ताल कर रहे हैं। हड़ताल में वह कर्मचारी भी शामिल हैं, जिनकी छंटनी नहीं की गई है। 72 घंटे की हड़ताल के कारण जिलेभर के बिजली उपभोक्ताओं की दिक्कतें बढ़ सकती हैं। 

विज्ञापन


कर्मचारियों ने रात 12 बजे के बाद से पूर्ण रूप से कार्य बहिष्कार कर दिया। अब यदि ऐसे में कोई फॉल्ट हो गया तो उपभोक्ताओं के लिए बड़ी समस्या हो सकती है। बिजली उपकेंद्र का संचालन, बिजली लाइन के रखरखाव, ट्रांसफार्मर की खराबी, केबिल कटने समेत तमाम दिक्कतों का समाधान नहीं हो पाएगा। लोगों को भीषण गर्मी में बिजली की समस्या से जूझना पड़ सकता है। कर्मचारियों का कहना है कि हड़ताल के दौरान वह कोई भी काम नहीं करेंगे। अगर कहीं फाल्ट होता तो वह भी दुरुस्त नहीं हो पाएगा। ऐसे में 72 घंटे बिजली उपभोक्ताओं के साथ ही बिजली निगम के लिए अफसरों के लिए काफी मुश्किल भरे रहेंगे। 
विज्ञापन


आउटसोर्स कर्मचारी व यूनियन के उपाध्यक्ष प्रदीप दीक्षित ने बताया कि पावर कार्पोरेशन प्रबंधन वर्ष 2017 में ग्रामीण पर 20 और शहरी विद्युत उपकेंद्रों पर 36 कर्मचारियों को तैनात करने का आदेश निर्गत किया गया था। लेकिन वर्तमान में निगम अपने ही आदेश का उल्लंघन कर 20 के स्थान पर 12.5 और 36 की जगह 18.5 तैनात किया जा रहा है, जिससे बड़े पैमाने पर बिजली के आउटसोर्स कर्मचारी बेरोजगार हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि प्रबंधन उनकी मांगों को नहीं मानता है तो यह हड़ताल अनिश्चितकालीन के लिए होगी। जिले में बिजली समस्या होने पर प्रबंधन और सरकार जिम्मेदार होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed