Madrasa Survey: लखीमपुर खीरी में बिना मान्यता चलते मिले तीन मदरसे, एक में जमीन पर बैठकर तालीम पा रहे थे बच्चे
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने गुरुवार को टीम के साथ धौरहरा तहसील क्षेत्र में संचालित तीन मदरसों की जांच की, जो बिना मान्यता चलते मिले। इसमें एक मदरसे में बच्चे जमीन पर बैठकर तालीम पाते मिले।
विस्तार
शासन के निर्देश पर बिना मान्यता के संचालित मदरसों की जांच शुरू हो गई है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने गुरुवार को टीम के साथ धौरहरा तहसील क्षेत्र में संचालित तीन मदरसों की जांच की, जो बिना मान्यता चलते मिले। इसमें एक मदरसे में बच्चे जमीन पर बैठकर तालीम पाते मिले।
जांच के लिए शासन से 12 बिंदु निर्धारित हैं, जिस पर जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी को जांच रिपोर्ट भेजनी है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी वीरपाल ने बृहस्पतिवार को धौरहरा तहसील क्षेत्र में तीन मदरसे बिना मान्यता चलते पाए। उन्होंने मदरसों की छात्र एवं शिक्षक संख्या, भवन, छात्र सुविधाएं, संचालन के लिए धनराशि के स्रोतों सहित भूमि सहित कई अन्य बिंदुओं पर मदरसा संचालकों से पूछताछ कर रिपोर्ट तैयार की। इस दौरान दो मदरसों में स्थितियां सही सलामत मिली, लेकिन एक मदरसे में बच्चे जमीन पर बैठकर तालीम पाते मिले। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी का कहना है कि जिले भर में जांच चल रही है। इसकी रिपोर्ट आने के बाद शासन को फाइनल रिपोर्ट भेजी जाएगी।
उधर मितौली में एसडीएम विनीत कुमार उपाध्याय ने बताया कि तहसील क्षेत्र में चार मान्यता प्राप्त मदरसे है। मितौली में दो, अछनियां व रारी में एक-एक चल रहा है। गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की जांच के लिए पांच राजस्व निरीक्षकों की टीमें लगाई है, जो जांच कर रही हैं। जांच के उपरांत ही गैर मान्यता प्राप्त मदरसों की संख्या की जानकारी हो पाएगी।
नेपाल बार्डर पर भी चल रहे अवैध मदरसे
जिले के नेपाल बार्डर पर कई मदरसों के गैर मान्यता के चलने की सूचना है। बताते हैं कि मदरसों का संचालन घरों में हो रहा है। घनी आबादी वाले गांवों में इन तक लोगों को पहुंचना भी मुश्किल है। चंदनचौकी क्षेत्र के गांव रामगढ़ में एक मदरसा बिना मान्यता चलना बताया जाता है।
बांकेगंज में टीम ने छह मदरसों का किया निरीक्षण
बांकेगंज में मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत बीईओ ने ब्लॉक क्षेत्र में संचालित छह मदरसों का भौतिक सत्यापन किया। इसमें रोशन नगर में मान्यता स्तर प्राइमरी (तहतानिया) व हाईस्कूल ( फौकानिया) से संचालित मदरसा गुलशने मदीना की मान्यता स्थाई पाई गई। जबकि पांच अन्य मदरसे अस्थाई मान्यता के जरिए संचालित मिले। ब्लॉक क्षेत्र में संचालित मदरसों के भौतिक सत्यापन के लिए बीईओ राकेश कुमार ने छह मदरसों का औचक निरीक्षण किया।
इसमें उन्होंने रोशन नगर में आलिया स्तर के गुलशन ए मदीना, फौकानिया एवं तहतानिया स्तर के अल्जामिया इस्लामिया मदरसा अरबिया अशरफुल उलूम संसारपुर, मदरसा डॉ. नजर मोहम्मद फौकानिया स्तर कुकरा में दो , मदरसा बाग ए मदीना लाल्हापुर, कादिरी चिस्ती निजामिया जनकल्याण भुड़वारा में संचालित दो समेत छह मदरसों का भौतिक सत्यापन किया। बीईओ ने बताया कि ब्लॉक क्षेत्र में स्थाई एक एवं अस्थाई मान्यता प्राप्त पांच समेत संचालित छह मदरसों की कई बिंदुओं पर जांच कर इसकी रिपोर्ट एसडीएम गोला को भेज दी गई। उन्होंने बताया कि मदरसों की जांच का सिलसिला जारी है। इस दौरान जो भी मदरसे बगैर मान्यता के संचालित पाए गए उनके खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।