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फीस जमा करने को लेकर अभिभावकों में ऊहापोह

Mon, 31 Aug 2020 01:09 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 31 Aug 2020 01:09 AM IST
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लखीमपुर खीरी। कोरोना संक्रमण के चलते लॉकडाउन के बाद अनलॉक-4 में भी स्कूल-कॉलेज नहीं खोले गए हैं। मार्च 2020 से हुए लॉकडाउन के बाद से बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह चौपट है। वहीं ऑनलाइन पढ़ाई भी बच्चों को रास नहीं आ रही, क्योंकि ज्यादातर बच्चों के पास स्मार्टफोन की सुविधा नहीं है। गांवों में इंटरनेट के नेटवर्क की समस्या भी बनी हुई है। ऐसे में अप्रैल, मई, जून, जुलाई, अगस्त माह की प्राइवेट स्कूलों की भारी-भरकम फीस जमा करने में अभिभावक असमर्थ हैं। काफी अभिभावक ऐसे भी हैं, जो अभी तक बच्चों का कोर्स भी नहीं खरीद पाए हैं। रोजगार-धंधे पर पहले से ही कोरोना संक्रमण का ग्रहण लगा हुआ है। ऐसे में फीस जमा करने को लेकर अभिभावकों में काफी बेचैनी है और सरकार से किसी प्रकार से राहत मिलने की उम्मीद में हैं।
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जनपद में लॉकडाउन के बाद अनलॉक में कोरोना संक्रमण के मामले में तेजी से बढ़ रहे हैं। इससे सप्ताह में दो दिन शनिवार और रविवार को लॉकडाउन रहता है। नौकरीपेशा को छोड़कर शेष मध्यमवर्गीय परिवारों की कोरोना संक्रमण के चलते कमर ही टूट चुकी है, क्योंकि कामधंधा सुस्त हो चुका है। लॉकडाउन के बाद की स्थितियों से लोगों की जेब ढीली हो चुकी है, जिस पर प्राइवेट स्कूलों की भारी-भरकम फीस बेचैन किए हैं। सरकार ने अभी तक अभिभावकों को राहत देने के संबंध में कोई निर्णय नहीं लिया है, जिससे जिला प्रशासन भी इस मामले में कोई निर्णय नहीं ले पा रहा है। बस फीस को एक-एक महीने में जमा करने की सहूलियत देने के नाम पर अभिभावकों को छला गया है। इससे अभिभावकों की मुश्किलों का कोई समाधान नहीं हुआ है। जिनका व्यापार चौपट रहा, वो फीस के पैसे कैसे जुटाएंगे। वहीं अप्रैल से अगस्त 2020 तक फीस जमा करने के स्कूल प्रबंधन लगातार अभिभावकों पर दबाव बनाता जा रहा है। वहीं अभिभावक इस उम्मीद हैं कि सरकार से इस संबंध में कोई निर्णय होगा, जिससे उन्हें थोड़ी राहत मिल पाएगी। हालांकि संपूर्णानगर क्षेत्र के मझरा-पूरब स्थित सोनिया इंटरनेशनल स्कूल समेत कुछ स्कूलों के प्रबंधन ने पहल करते हुए अप्रैल से अगस्त 2020 तक फीस माफ की है, लेकिन वह भी गिनती के ग्रामीण क्षेत्र के हैं। जबकि शहरी क्षेत्र के किसी स्कूल प्रबंधन ने अप्रैल, मई, जून की फीस माफ नहीं की हैै।
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प्राइवेट स्कूलों के प्रबंधन को फीस जमा करने के लिए दबाव न बनाने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावक अपनी इच्छानुसार एक-एक माह की फीस जमा कर सकते हैं। फीस माफ करने के संबंध में ज्ञापन मिला था, जिसे शासन में भेज दिया गया है।
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शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
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