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अब 14 शिक्षकों के संबद्धीकरण पर लटकी तलवार
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों के संबद्धीकरण को दो साल पहले ही शासन द्वारा समाप्त कर दिया गया था, जिसके बावजूद कई शिक्षक दूसरे विद्यालयों या कार्यालय से संबद्ध हैं। स्कूल शिक्षा उत्तर प्रदेश के महानिदेशक विजय किरन आनंद ने एक बार फिर संबद्धीकरण समाप्त करने के सख्त आदेश जारी किए हैं। इसके बाद से बीएसए कार्यालय में खलबली मची है, क्योंकि कुछ शिक्षक तो इसी कार्यालय में संबद्ध हैं और विभागीय कामकाज संभाल रहे हैं। इसके अलावा शहर के आसपास के विद्यालयों में कुछ शिक्षक संबद्ध हैं।
जनपद में कुल 3856 परिषदीय विद्यालय हैं, जिसमें 2719 प्राथमिक और 1137 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
इनमें 6,721 शिक्षकों की कमी है। इससे कई विद्यालय बंद पड़े हैं। नगर क्षेत्र में 224 और ग्रामीण क्षेत्र में 6497 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इससे मनचाहे स्कूलों में तैनाती पाने के लिए संबद्धीकरण का खेल काफी फल-फूल रहा था, जिस पर योगी सरकार ने अंकुश लगाने के लिए दो साल पहले ही सभी संबद्धीकरण समाप्त कर दिए थे। साथ ही बीएसए को कड़ी चेतावनी के साथ जनपद में एक भी संबद्धीकरण न होने का प्रमाण पत्र भी मांगा था। इसके बावजूद 14 शिक्षक अब भी अपने मूल विद्यालयों के बजाय दूसरे स्थानों पर संबद्ध हैं, जबकि प्रदेश के 52 जनपदों में करीब 327 शिक्षक ऐसे हैं। लिहाजा इस बार महानिदेशक ने मूल विद्यालयों से इतर दूसरी जगहों पर संबद्ध शिक्षकों का तत्काल संबद्धीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बीएसए से प्रमाण पत्र भी मांगा है, जिसमें यह कहा जाए कि जनपद में सभी शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में ही कार्यरत हैं।
सिर्फ 14 शिक्षक दूसरे स्थानों पर संबद्ध हैं, जिनके हटाने से वह विद्यालय बंद हो जाएंगे। इसलिए उच्चाधिकारियों को सूचित करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय में संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालयों में भेजा जा चुका है।
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-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए
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जनपद में कुल 3856 परिषदीय विद्यालय हैं, जिसमें 2719 प्राथमिक और 1137 उच्च प्राथमिक विद्यालय हैं।
इनमें 6,721 शिक्षकों की कमी है। इससे कई विद्यालय बंद पड़े हैं। नगर क्षेत्र में 224 और ग्रामीण क्षेत्र में 6497 शिक्षकों के पद रिक्त हैं। इससे मनचाहे स्कूलों में तैनाती पाने के लिए संबद्धीकरण का खेल काफी फल-फूल रहा था, जिस पर योगी सरकार ने अंकुश लगाने के लिए दो साल पहले ही सभी संबद्धीकरण समाप्त कर दिए थे। साथ ही बीएसए को कड़ी चेतावनी के साथ जनपद में एक भी संबद्धीकरण न होने का प्रमाण पत्र भी मांगा था। इसके बावजूद 14 शिक्षक अब भी अपने मूल विद्यालयों के बजाय दूसरे स्थानों पर संबद्ध हैं, जबकि प्रदेश के 52 जनपदों में करीब 327 शिक्षक ऐसे हैं। लिहाजा इस बार महानिदेशक ने मूल विद्यालयों से इतर दूसरी जगहों पर संबद्ध शिक्षकों का तत्काल संबद्धीकरण समाप्त करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए बीएसए से प्रमाण पत्र भी मांगा है, जिसमें यह कहा जाए कि जनपद में सभी शिक्षक अपने मूल विद्यालयों में ही कार्यरत हैं।
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सिर्फ 14 शिक्षक दूसरे स्थानों पर संबद्ध हैं, जिनके हटाने से वह विद्यालय बंद हो जाएंगे। इसलिए उच्चाधिकारियों को सूचित करके अग्रिम कार्रवाई की जाएगी। कार्यालय में संबद्ध शिक्षकों को मूल विद्यालयों में भेजा जा चुका है।
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-बुद्धप्रिय सिंह, बीएसए