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फर्जी नियुक्ति प्रकरण में प्रोफेसरों के चेक होंगे शैक्षिक अभिलेख
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में फर्जी नियुक्ति के मामले मिलने की आंच महाविद्यालयों तक पहुंच गई है। इनके प्राचार्य से लेकर प्रोफेसरों के शैक्षिक अभिलेखों का सत्यापन होगा। इसके लिए डीएम एक समिति गठित करेंगे। जांच में अभिलेख यदि फर्जी मिले तो संबंधित पर मुकदमा दर्ज होने के साथ वेतन की रिकवरी होगी।
बेसिक विद्यालयों में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी करने का मामला प्रकाश में आने के बाद योगी सरकार ने महाविद्यालय स्टाफ के शैक्षिक अभिलेखों की जांच करानी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन की ओर से महाविद्यालयों को पत्र भेज गया है। इसमें लिखा है कि यदि किसी को प्रोफेसर आदि की नियुक्ति गलत तरीके से होने की शंका है तो वह इसकी शासन से शिकायत कर सकता है। शैक्षिक अभिलेखों की जांच को लेकर आए पत्र से महाविद्यालय स्टाफ में खलबली मच गई। प्रोफेसरों का कहना है कि शैक्षिक प्रपत्रों की जांच से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बेसिक विभाग की श्रेणी में उच्च शिक्षा की गिनती करना सही नहीं है।
गठित टीम चेक करेगी अभिलेख
वाईडी कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। इसके लिए डीएम साहब की अध्यक्षता में एक टीम गठित होगी। वहीं शैक्षिक अभिलेखों की जांच पड़ताल करेगी।
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बेसिक विद्यालयों में फर्जी अभिलेखों पर नौकरी करने का मामला प्रकाश में आने के बाद योगी सरकार ने महाविद्यालय स्टाफ के शैक्षिक अभिलेखों की जांच करानी शुरू कर दी है। इसके लिए शासन की ओर से महाविद्यालयों को पत्र भेज गया है। इसमें लिखा है कि यदि किसी को प्रोफेसर आदि की नियुक्ति गलत तरीके से होने की शंका है तो वह इसकी शासन से शिकायत कर सकता है। शैक्षिक अभिलेखों की जांच को लेकर आए पत्र से महाविद्यालय स्टाफ में खलबली मच गई। प्रोफेसरों का कहना है कि शैक्षिक प्रपत्रों की जांच से कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन बेसिक विभाग की श्रेणी में उच्च शिक्षा की गिनती करना सही नहीं है।
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गठित टीम चेक करेगी अभिलेख
वाईडी कॉलेज प्राचार्य डॉ. डीएन मालपानी ने बताया कि शासन से पत्र मिला है। इसके लिए डीएम साहब की अध्यक्षता में एक टीम गठित होगी। वहीं शैक्षिक अभिलेखों की जांच पड़ताल करेगी।
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