{"_id":"5e9b26358ebc3e76b3253dda","slug":"education-lakhimpur-news-bly4030732135","type":"story","status":"publish","title_hn":"अधिकतर छात्रों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं, कैसे होंगी वर्चुअल क्लासेस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अधिकतर छात्रों के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं, कैसे होंगी वर्चुअल क्लासेस
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लखीमपुर खीरी। माध्यमिक शिक्षा परिषद ने लॉकडाउन में ऑनलाइन क्लासेस शुरू करने के निर्देश दिए हैं, जिससे छात्रों की पढ़ाई का क्रम जारी रहे। मगर, अधिकतर छात्रों के पास स्मार्ट फोन ही नहीं हैं। ऐसे में बोर्ड की मंशा पूरी होती नहीं दिख रही है। शिक्षकों के आंकड़ों पर यदि गौर किया जाए तो शहर में जहां 50 प्रतिशत छात्रों एवं उनके घरों में स्मार्ट फोन है तो वहीं गांवों में करीब 25 प्रतिशत के पास ही मोबाइल हैं। ऐसी स्थिति में छात्रों को वर्चुअल क्लासेस का लाभ मिल पाना मुश्किल है।
बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों के तहत यूपी बोर्ड के स्कूलों में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। व्हाट्सएप वर्चुअल क्लासेस क्लास के माध्यम से कक्षाएं प्रारंभ कर असाइनमेंट दिए जाए। प्रधानाचार्य व्हाट्सएप ग्रुप पर बताएंगे कि पाठ्यक्रम के कितने हिस्से पढ़ाने होंगे। वहीं, विभाग की ओर से ई-लेक्चर के वीडियो और ई-किताबें ग्रुप पर मुहैया कराई जाएंगी। शिक्षक अपनी कक्षा के छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाएंगे और उसी पर ऑनलाइन लेक्चर, पाठ्यसामग्री शेयर करेंगे। शिक्षकों को इसके लिए टाइमटेबल बनाकर पढ़ाना होगा। हालांकि इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि शहर के स्कूलों में भी अधिकतर छात्र देहात से पढ़ने आते हैं। इनमें से अधिकतर के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है। ऐसे में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ा पाना संभव नहीं है। ऑनलाइन क्लासेस का फायदा सिर्फ 20 से 25 प्रतिशत उन छात्रों को ही मिलेगा, जिनके पास स्मार्ट फोन है।
नई व्यवस्था में तमाम प्रकार की दिक्कतें आती हैं। न तो इनसे घबराने की जरूरत है और न ही हताश होने की। फिलहाल विभागीय निर्देशों का पालन करना है। छात्र परिवार एवं पड़ोसियों के स्मार्ट मोबाइल की मदद ले सकते हैं।
विज्ञापन
- डॉ. आरके जायसवाल, डीआईओएस
विज्ञापन
बोर्ड की ओर से जारी निर्देशों के तहत यूपी बोर्ड के स्कूलों में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाएगी। व्हाट्सएप वर्चुअल क्लासेस क्लास के माध्यम से कक्षाएं प्रारंभ कर असाइनमेंट दिए जाए। प्रधानाचार्य व्हाट्सएप ग्रुप पर बताएंगे कि पाठ्यक्रम के कितने हिस्से पढ़ाने होंगे। वहीं, विभाग की ओर से ई-लेक्चर के वीडियो और ई-किताबें ग्रुप पर मुहैया कराई जाएंगी। शिक्षक अपनी कक्षा के छात्रों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाएंगे और उसी पर ऑनलाइन लेक्चर, पाठ्यसामग्री शेयर करेंगे। शिक्षकों को इसके लिए टाइमटेबल बनाकर पढ़ाना होगा। हालांकि इस मामले में शिक्षकों का कहना है कि शहर के स्कूलों में भी अधिकतर छात्र देहात से पढ़ने आते हैं। इनमें से अधिकतर के पास स्मार्ट मोबाइल नहीं है। ऐसे में छात्रों को ऑनलाइन पढ़ा पाना संभव नहीं है। ऑनलाइन क्लासेस का फायदा सिर्फ 20 से 25 प्रतिशत उन छात्रों को ही मिलेगा, जिनके पास स्मार्ट फोन है।
विज्ञापन
नई व्यवस्था में तमाम प्रकार की दिक्कतें आती हैं। न तो इनसे घबराने की जरूरत है और न ही हताश होने की। फिलहाल विभागीय निर्देशों का पालन करना है। छात्र परिवार एवं पड़ोसियों के स्मार्ट मोबाइल की मदद ले सकते हैं।
विज्ञापन
- डॉ. आरके जायसवाल, डीआईओएस