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बोर्ड ड्यूटी से बचने को अब नहीं चलेगा बीमारी का बहाना
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सीएमओ को सौंपना होगा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र, 18 फरवरी से होनी है परीक्षा
लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर शासन गंभीर नजर आ रहा है। अब परीक्षा में लगी ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी व अन्य ऊट पटांग बहाने करने पर शिक्षकों पर भी लगाम कसने को निर्देश जारी किए गए हैं। अब शिक्षकों को स्वास्थ्य परीक्षण कराकर सीएमओ को प्रमाण पत्र सौंपने होंगे। इसे लेकर डीआईओएस कार्यालय में भी गहमागहमी शुरू हो गई है।
केंद्र व्यवस्थापक बनाने की प्रक्रिया जोरों के साथ चल रही है। परीक्षाएं शांतिपूर्ण और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निरंतर सख्ती बरती जा रही है। पिछले वर्षों में परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए शिक्षक और कर्मचारी बीमारी आदि का बहाना बनाकर छुट्टी पर चले जाते थे। इस कारण परीक्षा कारने में भी शासन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। शिक्षकों की इस कारगुजारी पर अंकुश लगाने के लिए परिषद ने इस बार नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शिक्षक और कर्मचारियों को अवकाश लेने के लिए सीएमओ से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर डीआईओएस कार्यालय में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. आरके जायसवाल का कहना है कि बोर्ड ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड परीक्षा को लेकर शासन गंभीर नजर आ रहा है। अब परीक्षा में लगी ड्यूटी से बचने के लिए बीमारी व अन्य ऊट पटांग बहाने करने पर शिक्षकों पर भी लगाम कसने को निर्देश जारी किए गए हैं। अब शिक्षकों को स्वास्थ्य परीक्षण कराकर सीएमओ को प्रमाण पत्र सौंपने होंगे। इसे लेकर डीआईओएस कार्यालय में भी गहमागहमी शुरू हो गई है।
केंद्र व्यवस्थापक बनाने की प्रक्रिया जोरों के साथ चल रही है। परीक्षाएं शांतिपूर्ण और नकल विहीन संपन्न कराने के लिए माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से निरंतर सख्ती बरती जा रही है। पिछले वर्षों में परीक्षा ड्यूटी से बचने के लिए शिक्षक और कर्मचारी बीमारी आदि का बहाना बनाकर छुट्टी पर चले जाते थे। इस कारण परीक्षा कारने में भी शासन को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता था। शिक्षकों की इस कारगुजारी पर अंकुश लगाने के लिए परिषद ने इस बार नई व्यवस्था लागू की है। इसके तहत शिक्षक और कर्मचारियों को अवकाश लेने के लिए सीएमओ से स्वास्थ्य परीक्षण कराकर डीआईओएस कार्यालय में प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। इस संबंध में डीआईओएस डॉ. आरके जायसवाल का कहना है कि बोर्ड ने जो दिशा-निर्देश जारी किए हैं उनका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
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