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व्याकरण, साहित्य एवं शिक्षाशास्त्र विषय पर स्लाइड बनाने की दी सीख
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लखीमपुर खीरी। संस्कृत विभाग एंव संस्कृत साहित्य परिषद के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित संस्कृत कार्यशाला एवं संगोष्ठी के दूसरे तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ। इसमें संस्कृत भाषा के व्याकरण, साहित्य एवं शिक्षाशास्त्र विषय पर स्लाइड बनाने की जानकारी दी गई।
संगोष्ठी के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के प्रो. मदन मोहन झा ने वर्कशॉप का शुभारंभ मां सरस्वती का पूजन करके किया। साथ ही प्रजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को पाठ योजना बनाना, शोध पत्र को स्लाइड के माध्यम से प्रस्तुत करना, पठन-पाठन पर आधारित विषय, व्याकरण, साहित्य, शिक्षाशास्त्र आदि विषयों की स्लाइड बनाने की जानकारी देने के साथ इसका अभ्यास भी कराया।
तृतीय सत्र में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन हुआ। संचालन कवियत्री शिवा अवस्थी ने किया। जिसमें सूर्य प्रकाश शुक्ला, डॉ. गीता शुक्ला, मुदिता तिवारी ने संस्कृत में और अविनाश वर्मा, डॉ. बीना रानी गुप्ता, डॉ. शशिप्रभा बाजपेई, डॉ. सुशीला सिंह, डॉ. रीता सिंह, डॉ. पायल राय, कवि श्याम किशोर बेचैन, कवियत्री शिवा अवस्थी, छात्रा शिवा देवी ने हिंदी में काव्य पाठ किया।
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संगोष्ठी के दूसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर राष्ट्रीय संस्कृत संस्थान के प्रो. मदन मोहन झा ने वर्कशॉप का शुभारंभ मां सरस्वती का पूजन करके किया। साथ ही प्रजेंटेशन के माध्यम से छात्राओं को पाठ योजना बनाना, शोध पत्र को स्लाइड के माध्यम से प्रस्तुत करना, पठन-पाठन पर आधारित विषय, व्याकरण, साहित्य, शिक्षाशास्त्र आदि विषयों की स्लाइड बनाने की जानकारी देने के साथ इसका अभ्यास भी कराया।
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तृतीय सत्र में सांस्कृतिक काव्य संध्या का आयोजन हुआ। संचालन कवियत्री शिवा अवस्थी ने किया। जिसमें सूर्य प्रकाश शुक्ला, डॉ. गीता शुक्ला, मुदिता तिवारी ने संस्कृत में और अविनाश वर्मा, डॉ. बीना रानी गुप्ता, डॉ. शशिप्रभा बाजपेई, डॉ. सुशीला सिंह, डॉ. रीता सिंह, डॉ. पायल राय, कवि श्याम किशोर बेचैन, कवियत्री शिवा अवस्थी, छात्रा शिवा देवी ने हिंदी में काव्य पाठ किया।
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