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एआरपी के 38 पद फिर रह गए खाली
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लखीमपुर खीरी। बेसिक शिक्षा विभाग में ब्लॉक संसाधन केंद्रों (बीआरसी) पर तैनाती के लिए एकेडमिक रिसोर्स पर्सन (एआरपी) के चयन की प्रक्रिया भले ही पूरी हो गई हो लेकिन लक्ष्य अधूरा ही रह गया। 15 बीआरसी के लिए 75 एआरपी का चयन शिक्षकों में से किया जाना था लेकिन 37 शिक्षक ही एआरपी बनने की योग्यता पर खरे उतरे। ऐसे में एआरपी के 38 पद रिक्त रह गए हैं। जिसमें सबसे अधिक हिंदी और विज्ञान विषय के 10-10, अंग्रेजी विषय के 11 पद रिक्त रह गए जबकि गणित के तीन, सामाजिक अध्ययन के चार विषय विशेषज्ञों का चयन होना शेष रह गया है।
समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक बीआरसी पर पांच-पांच एआरपी की नियुक्ति की जानी है, जो हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय के विशेषज्ञ होंगे। विभाग ने एआरपी चयन के लिए परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। जिनमें से 116 शिक्षकों ने एआरपी बनने के लिए आवेदन किए थे, जिसमें चार आवेदन निरस्त हुए थे। लिखित परीक्षा में 78 शिक्षक शामिल हुए, जिसमें 69 शिक्षक उत्तीर्ण हुए। इसके बाद माइक्रो टीचिंग (शिक्षण प्रदर्शन) के लिए 69 शिक्षकों को डायट पर बुलाया गया, जहां 61 शिक्षक ही पहुंचे फिर उनका विकास भवन में जनपदीय चयन समिति के समक्ष साक्षात्कार हुआ, जिसमें 60 प्रतिशत अंक पाने वाले 37 अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया। शेष अभ्यर्थियों को अयोग्य मानते हुए एआरपी की रेस से बाहर कर दिया गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कई अभ्यर्थियों ने मनमाफिक ब्लॉक न मिलने के कारण एआरपी बनने की रेस से किनारा कर लिया। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सोमवार को 37 एआरपी को ब्लॉक आवंटित करते हुए आदेश जारी कर जिला परियोजना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए।
दोबारा होगी चयन प्रक्रिया
एआरपी के रिक्त 38 पदों को भरने के लिए विभाग दोबारा चयन प्रकिया कराएगा। इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी करने की बात बीएसए ने कही है क्योंकि हिंदी, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञों के 31 पद रिक्त हैं।
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आदेश जारी होने की तिथि से एक साल तक एआरपी का कार्यकाल निर्धारित है। प्रत्येक वर्ष परफारमेंस के आधार पर अधिकतम तीन वर्ष के लिए जनपदीय चयन समिति के अनुमोदन के पश्चात् नवीनीकरण किया जाएगा। तीन वर्ष बाद फिर से चयन प्रक्रिया की जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए
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समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्रत्येक बीआरसी पर पांच-पांच एआरपी की नियुक्ति की जानी है, जो हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक अध्ययन विषय के विशेषज्ञ होंगे। विभाग ने एआरपी चयन के लिए परिषदीय स्कूलों में तैनात शिक्षकों से आवेदन मांगे थे। जिनमें से 116 शिक्षकों ने एआरपी बनने के लिए आवेदन किए थे, जिसमें चार आवेदन निरस्त हुए थे। लिखित परीक्षा में 78 शिक्षक शामिल हुए, जिसमें 69 शिक्षक उत्तीर्ण हुए। इसके बाद माइक्रो टीचिंग (शिक्षण प्रदर्शन) के लिए 69 शिक्षकों को डायट पर बुलाया गया, जहां 61 शिक्षक ही पहुंचे फिर उनका विकास भवन में जनपदीय चयन समिति के समक्ष साक्षात्कार हुआ, जिसमें 60 प्रतिशत अंक पाने वाले 37 अभ्यर्थियों को चयनित कर लिया गया। शेष अभ्यर्थियों को अयोग्य मानते हुए एआरपी की रेस से बाहर कर दिया गया। विभागीय सूत्र बताते हैं कि कई अभ्यर्थियों ने मनमाफिक ब्लॉक न मिलने के कारण एआरपी बनने की रेस से किनारा कर लिया। बीएसए बुद्ध प्रिय सिंह ने सोमवार को 37 एआरपी को ब्लॉक आवंटित करते हुए आदेश जारी कर जिला परियोजना कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए।
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दोबारा होगी चयन प्रक्रिया
एआरपी के रिक्त 38 पदों को भरने के लिए विभाग दोबारा चयन प्रकिया कराएगा। इसके लिए जल्द ही विज्ञापन जारी करने की बात बीएसए ने कही है क्योंकि हिंदी, विज्ञान और अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के विशेषज्ञों के 31 पद रिक्त हैं।
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आदेश जारी होने की तिथि से एक साल तक एआरपी का कार्यकाल निर्धारित है। प्रत्येक वर्ष परफारमेंस के आधार पर अधिकतम तीन वर्ष के लिए जनपदीय चयन समिति के अनुमोदन के पश्चात् नवीनीकरण किया जाएगा। तीन वर्ष बाद फिर से चयन प्रक्रिया की जाएगी।
बुद्ध प्रिय सिंह, बीएसए