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कैश की किल्लत से शादी की खुशियों पर ग्रहण
अमर उजाला ब्यूरो शारदानगर।
Updated Tue, 09 May 2017 11:32 PM IST
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‘नो कैश’
- फोटो : अमर उजाला
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शादी विवाह वाले परिवारों को भी नहीं मिल रहा कैश
घरेलू जरूरतों के लिए कैश मिलने में लगते हैं कई दिन
कस्बे में मात्र एक बैंक शाखा में भी कैश न मिलने से लोग परेशान हैं। पूरे-पूरे दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। बैंक ग्राहकों को अगले दिन आने की बात कहकर रोज ही टरका रहे हैं। कैश की किचकिच के कारण आए दिन बैंक कर्मियों और ग्राहकों में नोकझोंक हो रही है।
शारदानगर कस्बे में मात्र इलाहाबाद बैंक की शाखा है। इसके अलावा न दूसरी बैंक और न ही एटीएम है। इस बैंक में सिंचाई विभाग के साथ ही बाढ़ खंड और राजकीय इंटर कॉलेज के कर्मियों और खंभारखेडा और गुलरिया चीनी मिल के किसानों का पैसा भी आता है। इससे आए दिन बैंक में भीड़ बनी रहती है। पैसा निकालने के लिए लोगों को पूरा दिन लाइन में लगना पड़ता है बावजूद इसके इधर कुछ दिनों से बैंक के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया जाता है कि बैंक में कैश नही है।
इन दिनों शादी विवाह का मौसम चल रहा है। जिनके यहां शादी है उन्हें भी पैसा नहीं मिल रहा है। मंगलवार को बैंक में पैसा निकालने आए अजय कुमार ने बताया कि घर में भाई की शादी है दो दिन पहले बैंक आए थे तो भी नोटिस चस्पा था और आज भी है। आोदारा के संजय यादव ने बताया कि बैंक से पैसा मिल ही नहीं रहा है मिलता है तो 10 और 20 के नोटों की गड्डी। व्यापारी अमर अग्रवाल ने कहा कि कोई भी काम कराने में घंटों लगते हैं। दिलीप कुमार ने बताया कि हफ्ते में दो दिन से ज्यादा पेमेंट होता ही नहीं है जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।
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शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि कैश ऊपर से ही नहीं मिल रहा है हालांकि उनका प्रयास रहता है कि शादी ब्याह वाले लोगों को पैसा दिया जाए वहीं छोटे नोट की समस्या को बताया कि उनके पास 10 के सिक्कों के लाखों रुपये हैं लेकिन उन्हें कोई लेना नहीं चाहता।
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घरेलू जरूरतों के लिए कैश मिलने में लगते हैं कई दिन
कस्बे में मात्र एक बैंक शाखा में भी कैश न मिलने से लोग परेशान हैं। पूरे-पूरे दिन लाइन में खड़े रहने के बाद भी लोगों को कैश नहीं मिल पा रहा है। बैंक ग्राहकों को अगले दिन आने की बात कहकर रोज ही टरका रहे हैं। कैश की किचकिच के कारण आए दिन बैंक कर्मियों और ग्राहकों में नोकझोंक हो रही है।
शारदानगर कस्बे में मात्र इलाहाबाद बैंक की शाखा है। इसके अलावा न दूसरी बैंक और न ही एटीएम है। इस बैंक में सिंचाई विभाग के साथ ही बाढ़ खंड और राजकीय इंटर कॉलेज के कर्मियों और खंभारखेडा और गुलरिया चीनी मिल के किसानों का पैसा भी आता है। इससे आए दिन बैंक में भीड़ बनी रहती है। पैसा निकालने के लिए लोगों को पूरा दिन लाइन में लगना पड़ता है बावजूद इसके इधर कुछ दिनों से बैंक के बाहर नोटिस चस्पा कर दिया जाता है कि बैंक में कैश नही है।
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इन दिनों शादी विवाह का मौसम चल रहा है। जिनके यहां शादी है उन्हें भी पैसा नहीं मिल रहा है। मंगलवार को बैंक में पैसा निकालने आए अजय कुमार ने बताया कि घर में भाई की शादी है दो दिन पहले बैंक आए थे तो भी नोटिस चस्पा था और आज भी है। आोदारा के संजय यादव ने बताया कि बैंक से पैसा मिल ही नहीं रहा है मिलता है तो 10 और 20 के नोटों की गड्डी। व्यापारी अमर अग्रवाल ने कहा कि कोई भी काम कराने में घंटों लगते हैं। दिलीप कुमार ने बताया कि हफ्ते में दो दिन से ज्यादा पेमेंट होता ही नहीं है जिससे लोगों को भारी दिक्कत हो रही है।
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शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार ने बताया कि कैश ऊपर से ही नहीं मिल रहा है हालांकि उनका प्रयास रहता है कि शादी ब्याह वाले लोगों को पैसा दिया जाए वहीं छोटे नोट की समस्या को बताया कि उनके पास 10 के सिक्कों के लाखों रुपये हैं लेकिन उन्हें कोई लेना नहीं चाहता।