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दुर्गाष्टमी पर मंदिरों में आस्था का सैलाब
अमर उजाला ब्यूरो/लखीमपुर खीरी।
Updated Thu, 14 Apr 2016 10:31 PM IST
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नवरात्र
- फोटो : अमर उजाला
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भक्तों ने गुरुवार को श्रद्धा से की महागौरी की आराधना
मां के जयकारों और घंटे घड़ियाल की ध्वनि से गूंजे मंदिर
दुर्गाष्टमी को देवी मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गुरुवार को मां के महागौरी स्वरूप की आराधना की। मंदिरों और घरों में हवन पूजन की धूम रही। लोगों ने घरों में परिवार के साथ तो मंदिरों में सामूहिक रूप से हवन पूजन किया। देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दिनभर दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी कतार लगी रहीं। दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में स्थापित दिव्य देवी प्रतिमा का शृंगार किया गया। मंदिर में सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। छह बजते-बजते मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सुबह और शाम की आरती में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, शृंगार सामग्री, फल, मिष्ठान आदि अर्पित किए।
दुर्गाष्टमी होने के कारण गुरुवार को हवन की धूम रही। लोगों ने उपवास रखकर घरों में हवन किया। साथ ही घरों पर झंडे लगाए। बहुत से लोगों ने संकटा देवी और शीतला देवी मंदिर में सामूहिक रूप से हवन किया। संकटा देवी मंदिर में दिन के समय श्रीमद् देवी भागवत कथा और रात में देवी जागरण का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने मां का गुणगान करते हुए जमकर नृत्य किया।
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मां शीतला देवी और मां वंकटादेवी मंदिर में भी देवी जागरण और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला दिनभर जारी रहा। इन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां महागौरी स्वरूप की पूजा की। यहां भक्तों ने देवी के नौ स्वरूपों के अलावा दसविद्या के भी दर्शन किए। मां वंकटादेवी के रूप में महासरस्वती स्वरूप की पूजा अर्चना की। शहर का पूरा वातावरण भक्ति से ओत प्रोत दिखाई दिया। घर-घर मेें हवन होने से वातावरण सुगंध से गमकता रहा तो मंदिर मां के जयकारों, घंटा, घड़ियाल और शंख ध्वनि से गूंजते रहे।
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मां के जयकारों और घंटे घड़ियाल की ध्वनि से गूंजे मंदिर
दुर्गाष्टमी को देवी मंदिरों में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं ने गुरुवार को मां के महागौरी स्वरूप की आराधना की। मंदिरों और घरों में हवन पूजन की धूम रही। लोगों ने घरों में परिवार के साथ तो मंदिरों में सामूहिक रूप से हवन पूजन किया। देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। दिनभर दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी कतार लगी रहीं। दर्शन पूजन का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
शहर के प्राचीन संकटादेवी मंदिर में स्थापित दिव्य देवी प्रतिमा का शृंगार किया गया। मंदिर में सुबह चार बजे से श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी। छह बजते-बजते मंदिर में दर्शनार्थियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं। सुबह और शाम की आरती में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। भक्तों ने मां को नारियल, चुनरी, शृंगार सामग्री, फल, मिष्ठान आदि अर्पित किए।
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दुर्गाष्टमी होने के कारण गुरुवार को हवन की धूम रही। लोगों ने उपवास रखकर घरों में हवन किया। साथ ही घरों पर झंडे लगाए। बहुत से लोगों ने संकटा देवी और शीतला देवी मंदिर में सामूहिक रूप से हवन किया। संकटा देवी मंदिर में दिन के समय श्रीमद् देवी भागवत कथा और रात में देवी जागरण का आयोजन हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने मां का गुणगान करते हुए जमकर नृत्य किया।
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मां शीतला देवी और मां वंकटादेवी मंदिर में भी देवी जागरण और धार्मिक आयोजनों का सिलसिला दिनभर जारी रहा। इन मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। श्रद्धालुओं ने मां महागौरी स्वरूप की पूजा की। यहां भक्तों ने देवी के नौ स्वरूपों के अलावा दसविद्या के भी दर्शन किए। मां वंकटादेवी के रूप में महासरस्वती स्वरूप की पूजा अर्चना की। शहर का पूरा वातावरण भक्ति से ओत प्रोत दिखाई दिया। घर-घर मेें हवन होने से वातावरण सुगंध से गमकता रहा तो मंदिर मां के जयकारों, घंटा, घड़ियाल और शंख ध्वनि से गूंजते रहे।