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असाढ़ी अमावस्या पर सरयू में लगायी श्रद्धा की डुबकी
धौरहरा-खीरी।
Updated Sat, 24 Jun 2017 10:22 PM IST
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गंगा स्नान
- फोटो : अमर उजाला
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अवध क्षेत्र में सरयू स्नान का है खासा महत्व
असाढ़ी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में श्रद्धा की डुबकी लगायी। अवध क्षेत्र में असाढ़ी अमावस्या में सरयू स्नान का खासा महत्व माना जाता है। श्रद्धालु मानते है कि इस अमावस्या से सावन माह शुरू होने तक मां गौरी का और सावन माह भगवान शिव का होता है। आद्रा नक्षत्र में पड़ने वाली इस अमावस्या पर श्रद्धालु ब्राह्मणों और कन्याओं को खीर खिलाते हैं। किसान इस परंपरा का निर्वहन सदियों से करते चले आ रहे हैं। किसानों का मानना है ऐसा करने से धान की पैदावार अच्छी होती है। इस अमावस्या पर कस्बे सहित इलाके के श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में डुबकी लगाई और पुरोहितों को दान दिया। इसके अलावा भक्तों ने सरयू नदी से कांवड़ भर कर कफारा के श्री लीलानाथ मंदिर कस्बे के नागेश्वरनाथ मंदिर नारायणेश्वर मंदिर और जंगलीनाथ मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सुबह से श्रद्धालुओं का मंदिरों में तांता लगा रहा।
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असाढ़ी अमावस्या पर श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में श्रद्धा की डुबकी लगायी। अवध क्षेत्र में असाढ़ी अमावस्या में सरयू स्नान का खासा महत्व माना जाता है। श्रद्धालु मानते है कि इस अमावस्या से सावन माह शुरू होने तक मां गौरी का और सावन माह भगवान शिव का होता है। आद्रा नक्षत्र में पड़ने वाली इस अमावस्या पर श्रद्धालु ब्राह्मणों और कन्याओं को खीर खिलाते हैं। किसान इस परंपरा का निर्वहन सदियों से करते चले आ रहे हैं। किसानों का मानना है ऐसा करने से धान की पैदावार अच्छी होती है। इस अमावस्या पर कस्बे सहित इलाके के श्रद्धालुओं ने पवित्र सरयू नदी में डुबकी लगाई और पुरोहितों को दान दिया। इसके अलावा भक्तों ने सरयू नदी से कांवड़ भर कर कफारा के श्री लीलानाथ मंदिर कस्बे के नागेश्वरनाथ मंदिर नारायणेश्वर मंदिर और जंगलीनाथ मंदिरों में भगवान शिव का जलाभिषेक किया। सुबह से श्रद्धालुओं का मंदिरों में तांता लगा रहा।