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Lakhimpur Kheri News: मेहमान पक्षियों से गुलजार हुए दुधवा के जलाशय
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बांकेगंज। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी का झादीताल और दुधवा का ककरहा तालाब मेहमान पक्षियों के कलरव से गुलजार होने लगा है। सर्दियों की दस्तक के साथ ही ठंडे देशों से हजारों किलोमीटर की उड़ान भरकर मेहमान पक्षी यहां आ गए हैं।
सर्दियों की शुरूआत होते ही ठंडे देशों से आए प्रवासी पक्षियों ने किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल और दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा तालाब को अपना नया बसेरा बना लिया है। वन विभाग ने इन नए मेहमानों की सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। वन कर्मियों की टीम गठित कर निगरानी की जा रही है।
सर्दियों के मौसम में झादीताल, भादीताल समेत ककरहा जलाशय चार महीने तक रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों से गुलजार रहते हैं। ये परिंदे जलाशयों में चारों तरफ लगे घने पेड़ों पर अपने घोंसले बनाकर प्रजनन करते हैं और अंडे देते हैं। जाड़ा खत्म होने तक इनके चूजे उड़ने लायक हो जाते हैं। तब यह प्रवासी पक्षी झुंड में अपने वतन लौट जाते हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा का कहना है कि झादीताल, भादीताल और ककरहा समेत जंगल के अन्य जलाशयों में ठंडे देशों से प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। वन कर्मियों की टीम उन जलाशयों की बराबर निगरानी कर रही है,जहां प्रवासी पक्षी आते हैं। सभी जलाशयों के लिए दो टीम गठित की गई हैं, जो बारी-बारी से चौबीस घंटे निगरानी करेंगी।
दुधवा के जलाशयों में आते हैं यह प्रवासी परिंदे
झादीताल,भादीताल और ककरहा में पक्षी मुख्य रूप से यूरोप, मध्य एशिया, पूर्वी साइबेरिया, चीन, लद्दाख और तिब्बत से आते हैं। इसमें स्पाॅट विल्ड डक, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, ग्रे लग गूस,बार हेडेड गूस, टस्टेड डक, कामन टील, पिन टील, ब्राहमानी डक, कूट मूर हेन, अबलक, गुर्चिया बत्तख आदि शामिल हैं।
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सर्दियों की शुरूआत होते ही ठंडे देशों से आए प्रवासी पक्षियों ने किशनपुर सेंक्चुरी के झादीताल और दुधवा नेशनल पार्क की दक्षिण सोनारीपुर रेंज के ककरहा तालाब को अपना नया बसेरा बना लिया है। वन विभाग ने इन नए मेहमानों की सुरक्षा के खास इंतजाम किए हैं। वन कर्मियों की टीम गठित कर निगरानी की जा रही है।
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सर्दियों के मौसम में झादीताल, भादीताल समेत ककरहा जलाशय चार महीने तक रंग-बिरंगे प्रवासी परिंदों से गुलजार रहते हैं। ये परिंदे जलाशयों में चारों तरफ लगे घने पेड़ों पर अपने घोंसले बनाकर प्रजनन करते हैं और अंडे देते हैं। जाड़ा खत्म होने तक इनके चूजे उड़ने लायक हो जाते हैं। तब यह प्रवासी पक्षी झुंड में अपने वतन लौट जाते हैं।
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दुधवा टाइगर रिजर्व के एफडी ललित वर्मा का कहना है कि झादीताल, भादीताल और ककरहा समेत जंगल के अन्य जलाशयों में ठंडे देशों से प्रवासी पक्षियों का आना शुरू हो गया है। वन कर्मियों की टीम उन जलाशयों की बराबर निगरानी कर रही है,जहां प्रवासी पक्षी आते हैं। सभी जलाशयों के लिए दो टीम गठित की गई हैं, जो बारी-बारी से चौबीस घंटे निगरानी करेंगी।
दुधवा के जलाशयों में आते हैं यह प्रवासी परिंदे
झादीताल,भादीताल और ककरहा में पक्षी मुख्य रूप से यूरोप, मध्य एशिया, पूर्वी साइबेरिया, चीन, लद्दाख और तिब्बत से आते हैं। इसमें स्पाॅट विल्ड डक, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, ग्रे लग गूस,बार हेडेड गूस, टस्टेड डक, कामन टील, पिन टील, ब्राहमानी डक, कूट मूर हेन, अबलक, गुर्चिया बत्तख आदि शामिल हैं।