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अब 15 नवंबर को खुलेगा दुधवा
अमर उजाला ब्यूरो/पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Tue, 14 Jun 2016 11:49 PM IST
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- फोटो : amar ujala
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पर्यटकों के लिए आज बंद हो जाएगा नेशनल पार्क बंद
अखिरी दिन बड़ी तादाद में आए सैलानी
उत्तर प्रदेश के इकलौते नेशनल पार्क दुधवा मानसून सत्र में पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के 15 जून को दुधवा सैलानियों के लिए बंद हो जाएगा और 15 नवंबर को खुलेगा।
दुधवा नेशनल पार्क को मानसून सत्र के चलते हर वर्ष 15 जून को सैलानियों के लिए बंद कर दिया जाता है। इसे 15 नवंबर को खोला जाता है। मानसून सत्र में आए दिन होने वाली बारिश के कारण कच्चे रास्तों पर कीचड़ होने से वाहनों के फंसने का खतरा पैदा हो जाता है। इसको देखते हुए नेशनल पार्क को बंद किया जाता है। हालांकि इस बार मुख्य मार्ग को लाल मौरंग से पाटा गया है लेकिन अब भी तमाम रास्ते ऐसे हैं जो कच्चे ही हैं। 15 जून को सैलानी यहां आखिरी बार अलौकिक वातावरण और दुलर्भ जीवों के दीदार करेंगे। आखिरी दिन का लुत्फ उठाने के कारण खासी तादाद में सैलानी यहां आए हैं और वह आखिरी दिन दुधवा का भ्रमण करेंगे।
हट के रेट बढ़ाए, आमदनी घट गई
आंदोलनों में करीब 45 दिन पार्क बंद रहने का भी पड़ा असर
सैलानी बढ़े 1700 और आमदनी घटी दो लाख रुपये
सुविधाओं की कमी के चलते हट में नहीं रुके सैलानी
पलियाकलां। आमदनी बढ़ाने के लिए दुधवा नेशनल पार्क में विभिन्न सुविधाओं की कीमतों में किया गया इजाफा और पीक सीजन में करीब 45 दिन की हड़ताल दुधवा की आमदनी पर भारी पड़े। सैलानियों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी आमदनी करीब दो लाख रुपये कम हो गई। सुविधाएं बढ़ाए बिना हट का किराया बढ़ाने से पर्यटकों ने जंगल से बाहर होटलों का रुख किया। दुधवा में वर्ष 2014-15 में 20225 सैलानी आए थे जबकि वर्ष 2015-16 में 21904 सैलानी आए। पर्यटक बढ़े लेकिन आमदनी 42 लाख रुपये से घटकर 40 लाख रुपये रह गई। विदेशी सैलानियों की संख्या 94 के मुकाबले 84 रह गई।
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इस बार दुधवा नेशनल पार्क में आने के लिए आनलाइन बुकिंग की गई। इस वर्ष रात्रि विश्राम के लिए हट का किराया एक व्यक्ति के लिए 2000 रुपये और दो व्यक्तियों के लिए 3000 रुपये मय खाने नाश्ते कर दिया गया। पहले यह 400 रुपये और पांच सौ रुपये था। सोलर एनर्जी से बिजली सप्लाई के कारण बिजली गुल होने के कारण इन हट के एसी नहीं चल पाते हैं। वहीं बाहर के होटलों में ठहरने का किराया 400 रुपये से लेकर 1200 तक है। ऐसे में पर्यटकों ने बाहर के होटलों में रात गुजारी।
विवादों से घिरा रहा दुधवा
पलियाकलां। वर्ष 2015-16 का सत्र शुरूआती दौर यानी नवंबर से ही विवादों से घिर गया था। डीएम और डीडी के बीच विवाद और फिर जिप्सी चालकों के विरोध के चलते तीन बार दुधवा नेशनल पार्क बंद रहा। एक बार चार दिन, एक बार दो दिन और जनवरी फरवरी के पीक सीजन में एक महीने से अधिक नेशनल पार्क में हड़ताल रही। पहले नवंबर, फिर दिसंबर और उसके बाद जनवरी फरवरी में हड़ताल के चलते पार्क की साख गिरी और सैलानियों की संख्या कम हो गई। लोगों की कराई गई आनलाइन बुुकिंग रद करनी पड़ी। बुकिंग रद नहीं होती तो दुधवा में सैलानियों की संख्या में रिकार्ड इजाफा होता।
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अखिरी दिन बड़ी तादाद में आए सैलानी
उत्तर प्रदेश के इकलौते नेशनल पार्क दुधवा मानसून सत्र में पर्यटकों के लिए बंद रहेगा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के 15 जून को दुधवा सैलानियों के लिए बंद हो जाएगा और 15 नवंबर को खुलेगा।
दुधवा नेशनल पार्क को मानसून सत्र के चलते हर वर्ष 15 जून को सैलानियों के लिए बंद कर दिया जाता है। इसे 15 नवंबर को खोला जाता है। मानसून सत्र में आए दिन होने वाली बारिश के कारण कच्चे रास्तों पर कीचड़ होने से वाहनों के फंसने का खतरा पैदा हो जाता है। इसको देखते हुए नेशनल पार्क को बंद किया जाता है। हालांकि इस बार मुख्य मार्ग को लाल मौरंग से पाटा गया है लेकिन अब भी तमाम रास्ते ऐसे हैं जो कच्चे ही हैं। 15 जून को सैलानी यहां आखिरी बार अलौकिक वातावरण और दुलर्भ जीवों के दीदार करेंगे। आखिरी दिन का लुत्फ उठाने के कारण खासी तादाद में सैलानी यहां आए हैं और वह आखिरी दिन दुधवा का भ्रमण करेंगे।
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हट के रेट बढ़ाए, आमदनी घट गई
आंदोलनों में करीब 45 दिन पार्क बंद रहने का भी पड़ा असर
सैलानी बढ़े 1700 और आमदनी घटी दो लाख रुपये
सुविधाओं की कमी के चलते हट में नहीं रुके सैलानी
पलियाकलां। आमदनी बढ़ाने के लिए दुधवा नेशनल पार्क में विभिन्न सुविधाओं की कीमतों में किया गया इजाफा और पीक सीजन में करीब 45 दिन की हड़ताल दुधवा की आमदनी पर भारी पड़े। सैलानियों की संख्या में इजाफा होने के बाद भी आमदनी करीब दो लाख रुपये कम हो गई। सुविधाएं बढ़ाए बिना हट का किराया बढ़ाने से पर्यटकों ने जंगल से बाहर होटलों का रुख किया। दुधवा में वर्ष 2014-15 में 20225 सैलानी आए थे जबकि वर्ष 2015-16 में 21904 सैलानी आए। पर्यटक बढ़े लेकिन आमदनी 42 लाख रुपये से घटकर 40 लाख रुपये रह गई। विदेशी सैलानियों की संख्या 94 के मुकाबले 84 रह गई।
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इस बार दुधवा नेशनल पार्क में आने के लिए आनलाइन बुकिंग की गई। इस वर्ष रात्रि विश्राम के लिए हट का किराया एक व्यक्ति के लिए 2000 रुपये और दो व्यक्तियों के लिए 3000 रुपये मय खाने नाश्ते कर दिया गया। पहले यह 400 रुपये और पांच सौ रुपये था। सोलर एनर्जी से बिजली सप्लाई के कारण बिजली गुल होने के कारण इन हट के एसी नहीं चल पाते हैं। वहीं बाहर के होटलों में ठहरने का किराया 400 रुपये से लेकर 1200 तक है। ऐसे में पर्यटकों ने बाहर के होटलों में रात गुजारी।
विवादों से घिरा रहा दुधवा
पलियाकलां। वर्ष 2015-16 का सत्र शुरूआती दौर यानी नवंबर से ही विवादों से घिर गया था। डीएम और डीडी के बीच विवाद और फिर जिप्सी चालकों के विरोध के चलते तीन बार दुधवा नेशनल पार्क बंद रहा। एक बार चार दिन, एक बार दो दिन और जनवरी फरवरी के पीक सीजन में एक महीने से अधिक नेशनल पार्क में हड़ताल रही। पहले नवंबर, फिर दिसंबर और उसके बाद जनवरी फरवरी में हड़ताल के चलते पार्क की साख गिरी और सैलानियों की संख्या कम हो गई। लोगों की कराई गई आनलाइन बुुकिंग रद करनी पड़ी। बुकिंग रद नहीं होती तो दुधवा में सैलानियों की संख्या में रिकार्ड इजाफा होता।