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Dudhwa: 'दुर्गा' के बाद अब दुधवा को मिली 'गौरी', नवरात्र से पहले नन्हीं हथिनी का हुआ नामकरण
Sat, 14 Oct 2023 04:27 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Published by: मुकेश कुमार
Updated Sat, 14 Oct 2023 04:27 PM IST
सार
बिजनौर के नजीबाबाद जंगल में भूखी प्यासी भटकती मिली दो माह की हथिनी को वन विभाग ने रेस्क्यू किया था। इसके बाद उसे दुधवा टाइगर रिजर्व लाया गया। शारदीय नवरात्र से पहले उसका नामकरण हुआ। उसे गौरी नाम दिया गया है।
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गौरी को दूध पिलाते दुधवा के कर्मचारी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिजनौर के नजीबाबाद से दुधवा टाइगर रिजर्व लाई गई नन्हीं हथिनी का नामकरण कर दिया गया है। शारदीय नवरात्र से दो दिन पहले दुधवा आने के कारण दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने नन्हीं हथिनी का नाम 'गौरी' रखा है। गौरी को बोतल से दूध पिलाया जा रहा है।
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अपनी मां से बिछड़कर बिजनौर जिले के नजीबाबाद जंगल में भूखी प्यासी भटकती मिली दो माह की नन्हीं हथिनी को वन विभाग ने रेस्क्यू कर नजीबाबाद रेंज कार्यालय पर रखा था। वहां प्रशिक्षित महावत न होने के कारण हथिनी की अच्छे ढंग से देखभाल नहीं हो पा रही थी।
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इसके चलते इसे पालन पोषण के लिए दुधवा टाइगर रिजर्व भेजने का निर्णय लिया गया। प्रधान मुख्य वन संरक्षक की अनुमति मिलने के बाद दुधवा से दो सदस्यीय टीम इसे लेने बुधवार को बिजनौर रवाना हुई थी। यह टीम एक विशेष वाहन से नन्हीं हथिनी को लेकर शुक्रवार रात करीब दो बजे दुधवा पहुंची।
दुधवा टाइगर रिजर्व ने नन्हीं हथिनी को गोद लिया है। इसे सलूकापुर बेस कैंप में रखा गया है। शनिवार को दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा और उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी खुद सलूकापुर पहुंचे और उसे दुलारा। इस नन्हीं हथिनी को बोतल के जरिए पाइप लगाकर दूध पिलाया जा रहा है।
फील्ड डायरेक्टर ने किया नामकरण
शारदीय नवरात्र पहले नन्हीं हथिनी के दुधवा पहुंचने पर दुधवा के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने इसका नामकरण करते हुए इसे 'गौरी' नाम दिया। इस मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी, पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, सोनारीपुर के रेंजर आरपी सिह, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार और महावत इरशाद आदि वनकर्मी शामिल थे।
शारदीय नवरात्र पहले नन्हीं हथिनी के दुधवा पहुंचने पर दुधवा के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने इसका नामकरण करते हुए इसे 'गौरी' नाम दिया। इस मौके पर दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक डॉ. रंगाराजू टी, पशु चिकित्सक डॉ. दया शंकर, सोनारीपुर के रेंजर आरपी सिह, डिप्टी रेंजर सुरेंद्र कुमार और महावत इरशाद आदि वनकर्मी शामिल थे।
नन्हीं हथिनी का नामकरण होते ही जंगल तालियों की गड़गड़हाट से गूंज उठा। नन्हीं हथिनी के आने से दुधवा के सलूकापुर बेस कैंप में खुशी का माहौल है। इससे पांच साल पहले बिजनौर के अमानगढ़ से लाई गई नन्हीं हथिनी को नवरात्र में लाए जाने के कारण उसे दुर्गा नाम दिया गया था।
दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर ललित कुमार वर्मा ने बताया कि नजीबाबाद से लाई गई नन्हीं हथिनी को गौरी नाम दिया गया है। सलूकापुर बेस कैंप में रखकर उसकी अच्छे ढंग से देखभाल की जा रही है। उसे बोतल से दूध पिलाया जा रहा है। गौरी के स्वास्थ्य की भी नियमित जांच कराई जा रही है।