{"_id":"61c76c878e985966f7694630","slug":"dudhwa-national-park-buzzing-with-tourists-on-christmas-day-lakhimpur-news-bly470478671","type":"story","status":"publish","title_hn":"क्रिसमस के दिन सैलानियों से गुलजार रहा दुधवा नेशनल पार्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
क्रिसमस के दिन सैलानियों से गुलजार रहा दुधवा नेशनल पार्क
विज्ञापन
दुधवा में दूसरी शिफ्ट में जंगल भ्रमण करने जाते सैलानी।
- फोटो : LAKHIMPUR
पलियाकलां(पीलीभीत)। क्रिसमस पर शनिवार सुबह से ही दुधवा नेशनल पार्क सैलानियों से गुलजार रहा। दोपहर में दूसरी शिफ्ट में सैलानी पार्क के पर्यटन परिसर में मस्ती करते दिखे। कुछ सैलानी अपने परिजन व साथ आए लोगों के साथ खेलकूद भी करते रहे। वहीं ऑनलाइन बुकिंग कराकर दुधवा में ही स्टे करने वाले लोगों को वन निगम की तरफ से जिप्सियां व गाइड उपलब्ध कराए गए। दो बजे से स्थानीय सैलानियों का तांता भी दुधवा में लगने लगा।
कुछ सैलानियों ने बताया कि शनिवार को क्रिसमस और रविवार को छुट्टी होने के कारण दो दिन दुधवा भ्रमण को मिले हैं जिसका लुत्फ वह उठाना चाहते हैं। लखनऊ व लखीमपुर से आए दुधवा जंगल के अलौकिक वातावरण का आनंद लेने आए ऋषि गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, सिमरन दीक्षित, दीपिका, वर्षा गुप्ता आदि ने बताया कि वह सुबह से ही पार्क के पर्यटन परिसर में आ गए थे लेकिन सुबह की शिफ्ट में जिप्सियां न मिलने के कारण वह पार्क के जंगल का भ्रमण करने नहीं जा सके। दूसरी शिफ्ट में उनको एक जिप्सी उपलब्ध हो गई है जिससे वह पार्क के जंगल का नजारा लेने के लिए जा रहे हैं। बताया कि दुधवा के बारे में काफी सुन रखा था और पहली बार दुधवा के रोमांच का मजा लेने के लिए जंगल में जा रहे हैं। यहां स्वच्छंद विचरण करते बाघ के दीदार होने की खबरें भी अखबारों व सोशल मीडिया के जरिये मिलीं जिससे वह भी बाघ देखने के इच्छुक हैं और जंगल में बाघ का दीदार करना चाहते हैं। दोपहर ढाई बजे करीब पंद्रह जिप्सी व जीनान गाड़ियों से सैलानी दुधवा जंगल के लिए रवाना हुए। इससे पहले जंगल जाने वाले मुख्य द्वार पर तैनात वनकर्मियों ने गाइड व जिप्सी चालक से रसीदें देखने के बाद जंगल में वाहनों को एंट्री दी।
जिप्सियां कम होने से कुछ सैलानियों को हुई मायूसी
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराने के लिए जिप्सियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। ऐसे में जंगल भ्रमण करने आने वाले सैलानियों को भी मायूसी का सामना करना पड़ता है। वहीं अचानक से बिना प्रोटोकाल के आने वाले वीआईपी के कारण भी जिप्सियों की कमी से सैलानियों को दो-चार होना पड़ता है। शनिवार को भी भारी संख्या में लखीमपुर, लखनऊ, बरेली से तत्काल में आने वाले सैलानियों को जिप्सियां न मिलने के कारण मायूसी का सामना करना पड़ा। सैलानियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह काफी दूर से यहां तक आए हैं लेकिन जिप्सियां नहीं मिल पाने के कारण उनको हताशा ही हाथ लगी है। उधर, पार्क सूत्रों की मानें तो पार्क प्रशासन ने पूरे दिन की दोनों शिफ्टों को मिलाकर कुल 43 जिप्सियां ही जंगल भ्रमण कराने के लिए लगा रखी हैं। इसके कारण ही अधिकांश सैलानियों को जिप्सियां नहीं मिलती हैं।
विज्ञापन
रोजाना दिख रहे बाघ, सैलानी उत्साहित, भीड़ बढ़ी
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क का भ्रमण करने आ रहे सैलानियों को रोजाना बाघ के दीदार हो रहे हैं। शनिवार को सुबह की शिफ्ट में लखनऊ से आए सैलानियों को रोड नंबर एक पर बाघ के दीदार हुए। इसकी उन्होंने अपने कैमरे में तस्वीर भी कैद की है। गाइडों व जिप्सी चालकों की मानें तो दोनों ही शिफ्टों में अधिकांशत: सैलानियों को बाघ के दीदार हो रहे हैं, जिसके कारण सैलानियों की भीड़ बढ़ रही है।
सठियाना रूट बंद होने से दिक्कतें
दुधवा नेशनल पार्क से सठियाना रेंज जाने वाला रास्ता पर्यटन सत्र शुरू होने के बाद से बंद पड़ा है। पार्क सूत्रों की मानें तो इस रोड पर कौआ घटिया पुल लकड़ी का है जो खराब पड़ा है। जिसको अभी तक पार्क प्रशासन द्वारा ठीक नहीं कराया जा सका है। इसके कारण ही इस रूट पर सैलानियों की आवाजाही बंद हैं। वहीं दुधवा रेलवे स्टेशन से मसानखंभ तक जाने वाले रास्ते पर भी पर्यटन नहीं कराया जा रहा है। यह रास्ता पिछले तीन सालों से सैलानियों के लिए बिना कोई कारण के बंद है। जबकि इस रूट का रास्ता भी सही है।
दो दिनों की छुट्टियां होने के अलावा नया साल मनाने के लिए सैलानियों की आमद दुधवा नेशनल पार्क में लगातार हो रही है। दो जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क के सभी थारुहट व डॉरमेट्री सैलानियों द्वारा पहले से ही बुक करा ली गई है। कुछ सैलानियों ने एडवांस जिप्सियों की भी बुकिंग कराई है।
- कैलाश प्रकाश, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क
विज्ञापन
कुछ सैलानियों ने बताया कि शनिवार को क्रिसमस और रविवार को छुट्टी होने के कारण दो दिन दुधवा भ्रमण को मिले हैं जिसका लुत्फ वह उठाना चाहते हैं। लखनऊ व लखीमपुर से आए दुधवा जंगल के अलौकिक वातावरण का आनंद लेने आए ऋषि गुप्ता, प्रशांत गुप्ता, सिमरन दीक्षित, दीपिका, वर्षा गुप्ता आदि ने बताया कि वह सुबह से ही पार्क के पर्यटन परिसर में आ गए थे लेकिन सुबह की शिफ्ट में जिप्सियां न मिलने के कारण वह पार्क के जंगल का भ्रमण करने नहीं जा सके। दूसरी शिफ्ट में उनको एक जिप्सी उपलब्ध हो गई है जिससे वह पार्क के जंगल का नजारा लेने के लिए जा रहे हैं। बताया कि दुधवा के बारे में काफी सुन रखा था और पहली बार दुधवा के रोमांच का मजा लेने के लिए जंगल में जा रहे हैं। यहां स्वच्छंद विचरण करते बाघ के दीदार होने की खबरें भी अखबारों व सोशल मीडिया के जरिये मिलीं जिससे वह भी बाघ देखने के इच्छुक हैं और जंगल में बाघ का दीदार करना चाहते हैं। दोपहर ढाई बजे करीब पंद्रह जिप्सी व जीनान गाड़ियों से सैलानी दुधवा जंगल के लिए रवाना हुए। इससे पहले जंगल जाने वाले मुख्य द्वार पर तैनात वनकर्मियों ने गाइड व जिप्सी चालक से रसीदें देखने के बाद जंगल में वाहनों को एंट्री दी।
विज्ञापन
जिप्सियां कम होने से कुछ सैलानियों को हुई मायूसी
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क में सैलानियों को जंगल का भ्रमण कराने के लिए जिप्सियों की संख्या पर्याप्त नहीं है। ऐसे में जंगल भ्रमण करने आने वाले सैलानियों को भी मायूसी का सामना करना पड़ता है। वहीं अचानक से बिना प्रोटोकाल के आने वाले वीआईपी के कारण भी जिप्सियों की कमी से सैलानियों को दो-चार होना पड़ता है। शनिवार को भी भारी संख्या में लखीमपुर, लखनऊ, बरेली से तत्काल में आने वाले सैलानियों को जिप्सियां न मिलने के कारण मायूसी का सामना करना पड़ा। सैलानियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह काफी दूर से यहां तक आए हैं लेकिन जिप्सियां नहीं मिल पाने के कारण उनको हताशा ही हाथ लगी है। उधर, पार्क सूत्रों की मानें तो पार्क प्रशासन ने पूरे दिन की दोनों शिफ्टों को मिलाकर कुल 43 जिप्सियां ही जंगल भ्रमण कराने के लिए लगा रखी हैं। इसके कारण ही अधिकांश सैलानियों को जिप्सियां नहीं मिलती हैं।
विज्ञापन
रोजाना दिख रहे बाघ, सैलानी उत्साहित, भीड़ बढ़ी
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क का भ्रमण करने आ रहे सैलानियों को रोजाना बाघ के दीदार हो रहे हैं। शनिवार को सुबह की शिफ्ट में लखनऊ से आए सैलानियों को रोड नंबर एक पर बाघ के दीदार हुए। इसकी उन्होंने अपने कैमरे में तस्वीर भी कैद की है। गाइडों व जिप्सी चालकों की मानें तो दोनों ही शिफ्टों में अधिकांशत: सैलानियों को बाघ के दीदार हो रहे हैं, जिसके कारण सैलानियों की भीड़ बढ़ रही है।
सठियाना रूट बंद होने से दिक्कतें
दुधवा नेशनल पार्क से सठियाना रेंज जाने वाला रास्ता पर्यटन सत्र शुरू होने के बाद से बंद पड़ा है। पार्क सूत्रों की मानें तो इस रोड पर कौआ घटिया पुल लकड़ी का है जो खराब पड़ा है। जिसको अभी तक पार्क प्रशासन द्वारा ठीक नहीं कराया जा सका है। इसके कारण ही इस रूट पर सैलानियों की आवाजाही बंद हैं। वहीं दुधवा रेलवे स्टेशन से मसानखंभ तक जाने वाले रास्ते पर भी पर्यटन नहीं कराया जा रहा है। यह रास्ता पिछले तीन सालों से सैलानियों के लिए बिना कोई कारण के बंद है। जबकि इस रूट का रास्ता भी सही है।
दो दिनों की छुट्टियां होने के अलावा नया साल मनाने के लिए सैलानियों की आमद दुधवा नेशनल पार्क में लगातार हो रही है। दो जनवरी तक दुधवा नेशनल पार्क के सभी थारुहट व डॉरमेट्री सैलानियों द्वारा पहले से ही बुक करा ली गई है। कुछ सैलानियों ने एडवांस जिप्सियों की भी बुकिंग कराई है।
- कैलाश प्रकाश, डिप्टी डायरेक्टर, दुधवा नेशनल पार्क