{"_id":"1006315a4ab1834e35a71f4502248c41","slug":"dudhwa-live-asia-pacific-prize-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुधवा लाइव एशिया पेसिफिक मंथन पुरस्कार के लिए नामित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुधवा लाइव एशिया पेसिफिक मंथन पुरस्कार के लिए नामित
लखीमपुर खीरी/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2014 06:04 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुधवा लाइव डिजिटल मैगजीन और दुधवा लाइव रेडियो को एशिया पेसिफिक मंथन
विज्ञापन
पुरस्कार 2014 के लिए नामित किया गया है।
नई दिल्ली स्थित इंडिया हैविटेट सेंटर में चार दिसंबर को आयोजित एशिया पेसिफिक मंथन पुरस्कार 2014 में कुल 35 देशों ने हिस्सा लिया। श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान के तकनीकी संस्थाओं और इन्नोवेटर्स ने अपनी हिस्सेदारी की।
आयोजन के प्रमुख डिजिटल एंपावरमेंट फाउंडेशन के संस्थापक ओसामा मंजर रहे। दुधवा लाइव ने इंडिया हैविटेट सेंटर नई दिली में प्रदर्शनी भी लगाई। इसमें वन्य जीवन से संबंधित तस्वीरों और तराई के जंगलों की कहानियों को पेश किया। साथ ही एशिया पेसिफिक देशों से आए प्रतिनिधियों को तराई के जंगलों की जैव विविधिता और पर्यावरण की समस्याओं से अवगत कराया।
विश्व की वन्य जीवन और पर्यावरण पर पहली हिंदी पत्रिका दुधवा लाइव और दुधवा लाइव वेब रेडियो को दुनिया भर से आए तमाम तकनीकी विशेषज्ञों और आगंतुकों की सराहना मिली।
तराई के जंगलों पर केंद्रित दुधवा लाइव की प्रदर्शनी दुधवा लाइव के संस्थापक और संपादक कृष्ण कुमार मिश्र ने आयोजित की। इसमें हिमांशु तिवारी, सुशांत झा, मंगेश त्रिवेदी, और सतपाल सिंह का विशेष सहयोग रहा।
नई दिल्ली स्थित इंडिया हैविटेट सेंटर में चार दिसंबर को आयोजित एशिया पेसिफिक मंथन पुरस्कार 2014 में कुल 35 देशों ने हिस्सा लिया। श्रीलंका, बांग्लादेश और पाकिस्तान के तकनीकी संस्थाओं और इन्नोवेटर्स ने अपनी हिस्सेदारी की।
आयोजन के प्रमुख डिजिटल एंपावरमेंट फाउंडेशन के संस्थापक ओसामा मंजर रहे। दुधवा लाइव ने इंडिया हैविटेट सेंटर नई दिली में प्रदर्शनी भी लगाई। इसमें वन्य जीवन से संबंधित तस्वीरों और तराई के जंगलों की कहानियों को पेश किया। साथ ही एशिया पेसिफिक देशों से आए प्रतिनिधियों को तराई के जंगलों की जैव विविधिता और पर्यावरण की समस्याओं से अवगत कराया।
विश्व की वन्य जीवन और पर्यावरण पर पहली हिंदी पत्रिका दुधवा लाइव और दुधवा लाइव वेब रेडियो को दुनिया भर से आए तमाम तकनीकी विशेषज्ञों और आगंतुकों की सराहना मिली।
तराई के जंगलों पर केंद्रित दुधवा लाइव की प्रदर्शनी दुधवा लाइव के संस्थापक और संपादक कृष्ण कुमार मिश्र ने आयोजित की। इसमें हिमांशु तिवारी, सुशांत झा, मंगेश त्रिवेदी, और सतपाल सिंह का विशेष सहयोग रहा।