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दुधवा टाइगर रिजर्व में पर्यटन अनिश्चितकाल के लिए बंद
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। कोरोना संक्रमण को देखते हुए एनटीसीए (राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ) की पहल पर भारत सरकार के वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने देश के सभी टाइगर रिजर्व में पर्यटन तत्काल बंद करने के निर्देश जारी किए हैं। इस बात की पुष्टि दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक ने की है।
इसके अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के वन्यजीव प्रभाग ने समस्त राष्ट्रीय वन्यजीव अभयारण्य एवं अन्य संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। यह प्रतिबंध अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा।
दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 14 जून तक चलता है। इस साल बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते वन मंत्रालय के निर्देश पर ढाई महीने पहले एक मई से पर्यटन रोका जा रहा है। पिछले साल भी कोरोना संक्रमण के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व में 14 मार्च को पर्यटन रोक दिया गया था। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक ने वनाधिकारियों और वन कर्मियों को सभी बाघों की गहन निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। एफडी संजय पाठक ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कैमरे लगवाए जाएंगे। यदि किसी बाघ में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे अन्य बाघों से तत्काल अलग करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व प्रशासन बाघों के अलावा अन्य वन्यजीवों को कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। सभी वन अधिकारियों और वन कर्मियों की कोरोना जांच के साथ ही उन्हें वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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इसके अलावा वन एवं पर्यावरण मंत्रालय के वन्यजीव प्रभाग ने समस्त राष्ट्रीय वन्यजीव अभयारण्य एवं अन्य संरक्षित क्षेत्रों में पर्यटन भी तत्काल बंद करने के आदेश दिए हैं। यह प्रतिबंध अग्रिम आदेशों तक जारी रहेगा।
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दुधवा टाइगर रिजर्व का पर्यटन सत्र 14 जून तक चलता है। इस साल बढ़ते कोरोना संक्रमण के चलते वन मंत्रालय के निर्देश पर ढाई महीने पहले एक मई से पर्यटन रोका जा रहा है। पिछले साल भी कोरोना संक्रमण के चलते दुधवा टाइगर रिजर्व में 14 मार्च को पर्यटन रोक दिया गया था। दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक ने वनाधिकारियों और वन कर्मियों को सभी बाघों की गहन निगरानी करने के निर्देश जारी किए हैं। एफडी संजय पाठक ने बताया कि दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पूरे टाइगर रिजर्व क्षेत्र में कैमरे लगवाए जाएंगे। यदि किसी बाघ में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो उसे अन्य बाघों से तत्काल अलग करने के प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि टाइगर रिजर्व प्रशासन बाघों के अलावा अन्य वन्यजीवों को कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। सभी वन अधिकारियों और वन कर्मियों की कोरोना जांच के साथ ही उन्हें वैक्सीन लगवाने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद
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