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दुधवा में फिर से की जा रही गिद्धों की गणना
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बफरजोन क्षेत्र में गिद्धों के वासस्थल का चिह्नीकरण करती वन कर्मियों की टीम। संवाद
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज (लखीमपुर खीरी)। गिद्धों की संख्या का पता लगाने के लिए प्रदेश में एक साथ गिद्धों की गणना की जा रही है। गुरुवार को गिद्धों के वासस्थल का चिह्नीकरण करने के बाद शुक्रवार को पूरे दिन गिद्धों की गिनती कर इनका परिणाम प्रदेश मुख्यालय भेजा जाएगा। जहां गिद्धों के विवरण का मानचित्र तैयार होगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ वाइल्ड लाइफ साइंसेस और राज्य जैव विविधता बोर्ड के संयुक्त सौजन्य से अमिता कनौजिया के निर्देशन में यह गणना की जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व में हाल ही में हुई गिद्धों की गणना के सार्थक परिणाम और उनकी संख्या में उत्साहजनक बढ़ोत्तरी से उत्साहित राज्य जैव विविधता बोर्ड ने फिर से गिद्धों की गणना कर गिद्धों का मानचित्र बनाने का फैसला लिया है।
दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि इस निर्णय के तहत यूपी में एक साथ गुरुवार को गिद्धों के वासस्थल का चिह्नीकरण किया गया। शुक्रवार को गिद्धों की गिनती कर इसके परिणाम राज्य जैव विविधता बोर्ड को भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सैंक्चुरी की नौ रेंजों के अलावा बफरजोन की नौ रेंजों में एक साथ गणना करने के लिए 18 टीमें बनाई गईं हैं।
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दिसंबर में हुई गणना में मिले थे 182 गिद्ध
दिसंबर माह में कराई गई गणना में दुधवा टाइगर रिजर्व की तीनों डिवीजनों दुधवा नेशनल पार्क, बफरजोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) में कुल 182 गिद्ध मिले थे। इनमें दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी में 94, कतर्निया घाट में 35 और बफरजोन में 53 गिद्ध मिले थे। जबकि दिसंबर 2018 और जनवरी 2019 में गिद्धों की गणना कराई गई तो यहां मात्र 18 ही गिद्ध दिखाई दिए थे, जिसमें दुधवा नेशनल पार्क में एक भी गिद्ध नहीं दिखाई नहीं दिखाई दिया था, जबकि कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) 35 और बफरजोन में 53 गिद्ध दिखाई दिए थे। जबकि यह संख्या पिछली गणना की अपेक्षा 164 अधिक है यह बढ़ोत्तरी काफी उत्साहजनक मानी जा रही है। संवाद
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लखनऊ विश्वविद्यालय के इंस्टीट्यूट आफ वाइल्ड लाइफ साइंसेस और राज्य जैव विविधता बोर्ड के संयुक्त सौजन्य से अमिता कनौजिया के निर्देशन में यह गणना की जा रही है। दुधवा टाइगर रिजर्व में हाल ही में हुई गिद्धों की गणना के सार्थक परिणाम और उनकी संख्या में उत्साहजनक बढ़ोत्तरी से उत्साहित राज्य जैव विविधता बोर्ड ने फिर से गिद्धों की गणना कर गिद्धों का मानचित्र बनाने का फैसला लिया है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व बफरजोन के उपनिदेशक डॉ अनिल कुमार पटेल ने बताया कि इस निर्णय के तहत यूपी में एक साथ गुरुवार को गिद्धों के वासस्थल का चिह्नीकरण किया गया। शुक्रवार को गिद्धों की गिनती कर इसके परिणाम राज्य जैव विविधता बोर्ड को भेजे जाएंगे। उन्होंने बताया कि इसमें दुधवा नेशनल पार्क, किशनपुर सैंक्चुरी की नौ रेंजों के अलावा बफरजोन की नौ रेंजों में एक साथ गणना करने के लिए 18 टीमें बनाई गईं हैं।
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दिसंबर में हुई गणना में मिले थे 182 गिद्ध
दिसंबर माह में कराई गई गणना में दुधवा टाइगर रिजर्व की तीनों डिवीजनों दुधवा नेशनल पार्क, बफरजोन और कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) में कुल 182 गिद्ध मिले थे। इनमें दुधवा नेशनल पार्क और किशनपुर सेंक्चुरी में 94, कतर्निया घाट में 35 और बफरजोन में 53 गिद्ध मिले थे। जबकि दिसंबर 2018 और जनवरी 2019 में गिद्धों की गणना कराई गई तो यहां मात्र 18 ही गिद्ध दिखाई दिए थे, जिसमें दुधवा नेशनल पार्क में एक भी गिद्ध नहीं दिखाई नहीं दिखाई दिया था, जबकि कतर्निया घाट (वन्यजीव विहार) 35 और बफरजोन में 53 गिद्ध दिखाई दिए थे। जबकि यह संख्या पिछली गणना की अपेक्षा 164 अधिक है यह बढ़ोत्तरी काफी उत्साहजनक मानी जा रही है। संवाद