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खीरी: बाघ और बाघिन में संघर्ष, शावक की मौत
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लखीमपुर खीरी में दुधवा की किशनपुर रेंज में शावक के शव के पास खड़ी बाघिन। (कैमरा ट्रैप दुधवा पार्क)
- फोटो : LAKHIMPUR
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बांकेगंज/पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में बुधवार को जलाशय पर चार शावकों के साथ पानी पीने गई बाघिन के एक शावक पर वहां मौजूद बाघ ने हमला कर दिया। ऐसे में शावक को बचाने के लिए बाघिन, बाघ से भिड़ गई। दोनों के बीच कई घंटे तक जमकर संघर्ष हुआ। इस बीच तीन शावक तो भाग गए पर एक की मौत हो गई। संघर्ष थमने पर बाघिन मृत बच्चे को लेकर घास के मैदान में चली गई।
दुधवा पार्क प्रशासन ने गुरुवार को घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब संघर्ष के दौरान बाघ-बाघिन की दहाड़ सुनकर किशनपुर सेंक्चुरी की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। उसने दूर से इस नजारे को देखकर तुरंत आला अफसरों को वायरलेस से जानकारी दी। जानकारी मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक, दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर, वार्डन तौफीक अहमद आदि वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निगरानी शुरू कर दी। इस संघर्ष में बाघिन के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्क प्रशासन ने बाघिन और उसके शावकों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ने घटनास्थल और घास के मैदानों के इर्द-गिर्द 10 जोड़ी कैमरे लगाए हैं। इस घटना के बाद पार्क प्रशासन काफी चौकन्ना हो गया है और उस इलाके में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में बाघों के बीच संघर्ष की बुधवार को सूचना मिली थी। इस संघर्ष में एक शावक की मौत हुई है। बाघिन अपने मृत बच्चे को लेकर घास के मैदान में छिप गई है। जिसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए घटनास्थल के आसपास 10 जोड़ी कैमरे लगाए गए हैं। वन कर्मियों को बाघ, बाघिन और शेष शावकों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए है।
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- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व
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दुधवा पार्क प्रशासन ने गुरुवार को घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब संघर्ष के दौरान बाघ-बाघिन की दहाड़ सुनकर किशनपुर सेंक्चुरी की गश्ती टीम मौके पर पहुंची। उसने दूर से इस नजारे को देखकर तुरंत आला अफसरों को वायरलेस से जानकारी दी। जानकारी मिलते ही दुधवा टाइगर रिजर्व के मुख्य वन संरक्षक / फील्ड निदेशक संजय पाठक, दुधवा नेशनल पार्क के उपनिदेशक मनोज सोनकर, वार्डन तौफीक अहमद आदि वन कर्मियों की टीम के साथ मौके पर पहुंचे और निगरानी शुरू कर दी। इस संघर्ष में बाघिन के घायल होने की भी आशंका जताई जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पार्क प्रशासन ने बाघिन और उसके शावकों की लोकेशन ट्रेस करने के लिए ने घटनास्थल और घास के मैदानों के इर्द-गिर्द 10 जोड़ी कैमरे लगाए हैं। इस घटना के बाद पार्क प्रशासन काफी चौकन्ना हो गया है और उस इलाके में पर्यटकों की आवाजाही पर रोक लगा दी है।
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दुधवा टाइगर रिजर्व की किशनपुर सेंक्चुरी में बाघों के बीच संघर्ष की बुधवार को सूचना मिली थी। इस संघर्ष में एक शावक की मौत हुई है। बाघिन अपने मृत बच्चे को लेकर घास के मैदान में छिप गई है। जिसकी लोकेशन ट्रेस करने के लिए घटनास्थल के आसपास 10 जोड़ी कैमरे लगाए गए हैं। वन कर्मियों को बाघ, बाघिन और शेष शावकों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए है।
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- संजय पाठक, मुख्य वन संरक्षक/फील्ड निदेशक, दुधवा टाइगर रिजर्व

लखीमपुर खीरी की किशनपुर सेंक्चुरी में मृत बच्चे को जबड़े में दबाकर ले जाता बाघ। (दुधवा पार्क का क?- फोटो : LAKHIMPUR