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पर्यटकों के लिए बंद हुए दुधवा के द्वार
अमर उजाला ब्यूरो पलियाकलां (लखीमपुर खीरी)।
Updated Wed, 15 Jun 2016 11:33 PM IST
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दुधवा
- फोटो : अमर उजाला
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15 नवंबर से शुरू होगा नया सत्र
दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र बुधवार को समाप्त हो गया और पर्यटन गेट पर ताला लटका दिया गया। अब सैलानी 15 नवंबर से ही दुधवा के दीदार कर सकेंगे। पर्यटन सत्र के समापन का कार्यक्रम सादगी से हुआ और कोई भी आयोजन नहीं किया गया।
गौरतलब है कि दुधवा नेशनल पार्क को मानसून सत्र के चलते हर वर्ष 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है और फिर उनके लिए इसको 15 नवंबर को खोला जाता है। ऐसा मानसून सत्र में आए दिन होने वाली बारिश के कारण किया जाता है क्योंकि बारिश के मौसम में यहां के कच्चे रास्तों पर कीचड़ होता है और इसके चलते वाहनों के फंसने का खतरा पैदा हो जाता है। हालांकि इस बार मुख्य मार्ग को लाल मौरंग से पाटा गया है लेकिन तब भी तमाम रास्ते ऐसे हैं जो कच्चे ही हैं। इसी को लेकर दुधवा नेशनल पार्क के द्वार मानसून सत्र की तयशुदा तारीख पर बुधवार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए । अंतिम दिन दुधवा घूमने के लिए पर्यटन परिसर में काफी पर्यटकों की भीड़ रही। उन्होंने सत्र के अंतिम भ्रमण कर लुत्फ लिया।
अंतिम दिन लगाया स्वयं सहायता समूह ने शिविर
दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर से सहभागी वन प्रबंध एवं निर्धनता उन्मूलन परियोजना के तहत ईको विकास समिति पिपरौला के स्वयं सहायता समूह ने सत्र के अंतिम दिन स्वागत कक्ष में हाथ से बने बैग, हथकरघा के साथ ही तमाम वस्तुओं का शिविर लगाया। जिसमें कई उत्पादों की बिक्री भी हुई।
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दुधवा का वर्ष 2015-16 का सत्र समाप्त हो गया है और पर्यटन गेट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। अब नए सत्र 2016-17 के लिए 15 नवंबर को ये खुलेगा।
-महावीर कौजलगि, डीडी, दुधवा
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दुधवा नेशनल पार्क का पर्यटन सत्र बुधवार को समाप्त हो गया और पर्यटन गेट पर ताला लटका दिया गया। अब सैलानी 15 नवंबर से ही दुधवा के दीदार कर सकेंगे। पर्यटन सत्र के समापन का कार्यक्रम सादगी से हुआ और कोई भी आयोजन नहीं किया गया।
गौरतलब है कि दुधवा नेशनल पार्क को मानसून सत्र के चलते हर वर्ष 15 जून को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया जाता है और फिर उनके लिए इसको 15 नवंबर को खोला जाता है। ऐसा मानसून सत्र में आए दिन होने वाली बारिश के कारण किया जाता है क्योंकि बारिश के मौसम में यहां के कच्चे रास्तों पर कीचड़ होता है और इसके चलते वाहनों के फंसने का खतरा पैदा हो जाता है। हालांकि इस बार मुख्य मार्ग को लाल मौरंग से पाटा गया है लेकिन तब भी तमाम रास्ते ऐसे हैं जो कच्चे ही हैं। इसी को लेकर दुधवा नेशनल पार्क के द्वार मानसून सत्र की तयशुदा तारीख पर बुधवार को पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए । अंतिम दिन दुधवा घूमने के लिए पर्यटन परिसर में काफी पर्यटकों की भीड़ रही। उन्होंने सत्र के अंतिम भ्रमण कर लुत्फ लिया।
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अंतिम दिन लगाया स्वयं सहायता समूह ने शिविर
दुधवा टाइगर रिजर्व की ओर से सहभागी वन प्रबंध एवं निर्धनता उन्मूलन परियोजना के तहत ईको विकास समिति पिपरौला के स्वयं सहायता समूह ने सत्र के अंतिम दिन स्वागत कक्ष में हाथ से बने बैग, हथकरघा के साथ ही तमाम वस्तुओं का शिविर लगाया। जिसमें कई उत्पादों की बिक्री भी हुई।
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दुधवा का वर्ष 2015-16 का सत्र समाप्त हो गया है और पर्यटन गेट को पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। अब नए सत्र 2016-17 के लिए 15 नवंबर को ये खुलेगा।
-महावीर कौजलगि, डीडी, दुधवा