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दुधवा : किराया बढ़ने के बाद घटे 895 सैलानी, राजस्व दोगुने से भी ज्यादा
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दुधवा नेशनल पार्क में बने थारूहट।
पलियाकलां(लखीमपुर खीरी)। दुधवा बाघ संरक्षण की गवर्निंग काउंसिल की बैठक के बाद सैलानियों के लिए पार्क के किराये में कमी की गई है। अब दुधवा घूमने वाले स्थानीय और बाहरी सैलानियों को मन मसोसकर नहीं रहना पड़ेगा। उधर, प्रशासन को उम्मीद है कि घटे किराये से सैलानियों की तादाद में भी इजाफा होगा। 2022-23 में सैलानियों की संख्या 2020-21 के मुकाबले जहां 895 घटी, वहीं राजस्व बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा जा पहुंचा।
दुधवा नेशनल पार्क में देश और विदेश से भारी संख्या में सैलानियों की भीड़ हर साल लगती है, जो जंगल सफारी के साथ ही वन्यजीवों को स्वच्छंद विचरण करते हुए देखते हैं। हाथी की सवारी कर गैंडों को भी करीब से देखते हैं। बीते सालों में जंगल सफारी, हाथी की सवारी समेत कई चीजों का किराया काफी ज्यादा था, जिससे सैलानियों की जेब ढीली हो रही थी।
2018-19 के पर्यटन सत्र में 29644 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया था। यहां पार्क को 46 लाख 55 हजार 116 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। 2019-20 के पर्यटन सत्र में कोरोना काल की वजह से 17485 सैलानी आए जिनसे 25 लाख 65 हजार 427 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। 2020-21 का पर्यटन सत्र में 20781 सैलानी आए, इससे पार्क को 35 लाख सात हजार 201 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कोविड से उबरने के बाद 2021-22 में दुधवा की गाड़ी पटरी पर आई तो 29226 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया। सभी सैलानियों से पार्क को 55 लाख 28 हजार 815 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। किराया बढ़ने के बाद 2022-23 के पर्यटन सत्र में 28331 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया। सैलानी घटने के बाद भी इस सत्र में पार्क का राजस्व बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा एक करोड़ 45 लाख 16 हजार 127 रुपये हो गया।
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पर्यटन सत्र-सैलानियों की संख्या-कुल राजस्व- विदेशी सैलानी
(2018-19)- 29,644- 46,55,116 रुपये- 0
(2019-20)- 17,485- 25,65,427 रुपये -0
(2020-21)- 20,781- 35,07,201 रुपये- 3
(2021-22)- 29,226- 55,28,815 रुपये- 5
(2022-23)- 28,331- 1,45,16,127 रुपये- 15
पर्यटन परिसर में जाने का शुल्क नहीं हटा
कई चीजों के दाम में जहां कमी की गई है, वहीं दुधवा पार्क के पर्यटन परिसर में घुसने के लिए 100 रुपये एंट्री फीस है। जिस पर कोई विचार नहीं किया गया। एंट्री फीस पड़ने के कारण लोकल के सैलानियों की भीड़ भी दुधवा में कम होने की उम्मीद है।
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दुधवा नेशनल पार्क में देश और विदेश से भारी संख्या में सैलानियों की भीड़ हर साल लगती है, जो जंगल सफारी के साथ ही वन्यजीवों को स्वच्छंद विचरण करते हुए देखते हैं। हाथी की सवारी कर गैंडों को भी करीब से देखते हैं। बीते सालों में जंगल सफारी, हाथी की सवारी समेत कई चीजों का किराया काफी ज्यादा था, जिससे सैलानियों की जेब ढीली हो रही थी।
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2018-19 के पर्यटन सत्र में 29644 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया था। यहां पार्क को 46 लाख 55 हजार 116 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था। 2019-20 के पर्यटन सत्र में कोरोना काल की वजह से 17485 सैलानी आए जिनसे 25 लाख 65 हजार 427 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। 2020-21 का पर्यटन सत्र में 20781 सैलानी आए, इससे पार्क को 35 लाख सात हजार 201 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कोविड से उबरने के बाद 2021-22 में दुधवा की गाड़ी पटरी पर आई तो 29226 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया। सभी सैलानियों से पार्क को 55 लाख 28 हजार 815 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। किराया बढ़ने के बाद 2022-23 के पर्यटन सत्र में 28331 सैलानियों ने पार्क का भ्रमण किया। सैलानी घटने के बाद भी इस सत्र में पार्क का राजस्व बढ़कर दोगुने से भी ज्यादा एक करोड़ 45 लाख 16 हजार 127 रुपये हो गया।
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पर्यटन सत्र-सैलानियों की संख्या-कुल राजस्व- विदेशी सैलानी
(2018-19)- 29,644- 46,55,116 रुपये- 0
(2019-20)- 17,485- 25,65,427 रुपये -0
(2020-21)- 20,781- 35,07,201 रुपये- 3
(2021-22)- 29,226- 55,28,815 रुपये- 5
(2022-23)- 28,331- 1,45,16,127 रुपये- 15
पर्यटन परिसर में जाने का शुल्क नहीं हटा
कई चीजों के दाम में जहां कमी की गई है, वहीं दुधवा पार्क के पर्यटन परिसर में घुसने के लिए 100 रुपये एंट्री फीस है। जिस पर कोई विचार नहीं किया गया। एंट्री फीस पड़ने के कारण लोकल के सैलानियों की भीड़ भी दुधवा में कम होने की उम्मीद है।

दुधवा नेशनल पार्क में बने थारूहट।

दुधवा नेशनल पार्क में बने थारूहट।

दुधवा नेशनल पार्क में बने थारूहट।

दुधवा नेशनल पार्क में बने थारूहट।