फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lakhimpur Kheri News ›   dudhawa jungal

किसी खतरे का संकेत तो नहीं दुधवा के जंगल में दरार

Fri, 30 Aug 2019 06:59 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 30 Aug 2019 06:59 PM IST
विज्ञापन
dudhawa jungal
पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क के आदिवासी थारू गांव बजाही के पास जंगल की जमीन में पड़ी दरार को भविष्य में किसी खतरे के रूप में देखा जा रहा है। विशेषज्ञ दुधवा के जंगल में दरार की वजह कम बारिश और बढ़ते यूकेलिप्टस के पेड़ों की देन बता रहे हैं। विशेषज्ञों की मानें तो ऐसी दरार जमीन सूखने के बाद अक्सर पड़ जाती हैं। पहले भी कई स्थानों पर ऐसा हो चुका है।
विज्ञापन

बजाही गांव में ज्यादातर वाशिंदे आदिवासी हैं। वह इस हादसे से काफी डरे हुए हैं। गांव वाले दुधवा की दरार को किसी बड़ी आपदा का संकेत मान रहे हैं। तेज आवाज के साथ ऐसी दरार किसी को कुछ भी सोचने के लिए मजबूर कर सकती है। जिस तरह से धरती फटने की आवाज हुई तो वह डराने वाला ही था। वन विभाग के विशेषज्ञों के मुताबिक यह भविष्य में किसी बड़े खतरे का संकेत हो सकता है। ऐसा हादसा जमीन सूखी होने की वजह से है। जमीन में पानी की कमी उसे खुश्क कर देती है और इस वजह से जमीन दरक जाती है। इलाके में इस बार पिछले वर्षों की तुलना में बारिश काफी कम हुई है। इससे भी उनकी बात में दम नजर आ रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि जमीन में बढ़ते यूकेलिप्टस के पेड़ों की वजह से पानी काफी कम हो रहा है। जहां पर धरती में दरार पड़ी है, वहां पास में ही यूकेलिप्टस के पेड़ का जंगल भी है। यूकेलिप्टस के पेड़ बड़े पैमाने पर पानी खींचते हैं जो कि प्रकृति के लिए काफी खतरनाक है और इससे आने वाले समय में दुधवा की जमीन में काफी बदलाव हो सकते हैं।
विज्ञापन

जमीन में दरारें पानी की कमी से अक्सर देखने को मिलती हैं। मौके पर यूकेलिप्टस के जंगल का एरिया है। पेड़ को पानी की आवश्यकता बहुत होती है।
- डॉ. संजय अरोड़ा, प्रधान भूगर्भ वैज्ञानिक, लखनऊ
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed