{"_id":"af6aba4cb88be9388c0ae25bb56d4ce4","slug":"dudhavakarmion-opened-a-front-against-dm-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दुधवाकर्मियों ने खोला डीएम के खिलाफ मोर्चा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दुधवाकर्मियों ने खोला डीएम के खिलाफ मोर्चा
पलियाकलां
Updated Fri, 27 Nov 2015 11:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दुधवा नेशनल पार्क के कर्मियों ने डीएम किंजल सिंह के खिलाफ फेडरेशन आफ फॉरेस्ट एसोसिएशन के बैनर तले मोर्चा खोल दिया है। एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर डीएम पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनमें वन्यजीव अधिनियम और पार्क नियमों की अवहेलना तक शामिल है।
पत्र में न सिर्फ लकड़ी कटान से जुड़ा मामला सामने आया है, बल्कि डीएम पर रात रात भर जंगल में घूमने का आरोप लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर इस पर 28 नवंबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो फिर वह कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करेंगे। उधर डीएम किंजल सिंह का कहना है कि उन्हें पार्क क्षेत्र की सठियाना रेंज में लकड़ी कटान की सूचना मिली थी, जिस पर एसडीएम पलिया को मौके पर भेजा था।
उस मामले की अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे पार्क अधिकारी तिलमिलाए हैं। यही वजह है उन्होंने यह पत्र भेजकर अपनी पेशबंदी शुरू की है, लेकिन वह किसी दबाव में न आकर जिले में कोई गलत काम नहींर होने देंगी। ज्ञापन में फेडरेशन के अध्यक्ष पतिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि डीएम किंजल सिंह काफी समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहीं हैं।
विज्ञापन
्उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम रात रात भर अपने काफिले के साथ भ्रमण करती हैं। कहा गया है कि यह प्रदेश सरकार के शासनादेश संख्या 992/14-4-97-812/97 दिनांक 15-4-1997 का उल्लंघन है। द्वेषपूर्ण भावना से एसडीएम को कैमा चौकी क्षेत्र में बिना पार्क प्रशासन के संज्ञान में कथित अवैध कटान की सूचना देकर भेजना आदि जैसे कई आरोप लगाए हैं। ये भी आरोप है कि दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह के साथ भी डीएम ने एक रिजोर्ट में अभद्रता की थी। उधर अपने साथ अभद्रता के मामले में दुध्ावा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैंने सारी बात आला अफसरों को बता दी है।
अवैध कार्य रोके तो बनाया जा रहा दबाव
डीएम किंजल सिंह ने दुधवा नेशनल पार्क के वन कर्मियों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उन्होंने पार्क क्षेत्र में हो रहे लकड़ी कटान समेत अवैध कार्य रोके, जिससे उन पर दबाव बनाया जा रहा है। वह किसी दबाव में आने वाली नहीं हैं। जिले में कोई अवैध कार्य नहीं होने देंगी।
फेडरेशन की मोर्चेबंदी पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व, पलिया के फेडरेशन आफ फॉरेस्ट एसोसिएशन के सीएम को भेजे गए पत्र में डीएम पर एकाएक गंभीर आरोप लगाकर की गई मोर्चेबंदी ने कई सवाल खड़े कर दिया हैं। पत्र में डीएम किंजल सिंह द्वारा विगत वर्ष से पार्क नियमों को तोड़कर रात रात भर जंगल में घूमना और वन कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के आरोप के साथ 23 नवंबर को अनाधिकृत रूप से सोनारीपुर वन विश्राम गृह पहुंचने की बात कही गई है। 23 नवंबर के घटनाक्रम के मुद्दे को 27 नवंबर को उठाए जाने और इस मामले में पार्क के स्थानीय अफसर उपनिदेशक पीपी सिंह की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि डीएम किंजल सिंह ने सिर्फ इतना कहा है कि यहां राजनीति हो रही है। उनके (डीएम) रहते पार्क में लकड़ी कटान नहीं हो पा रहा है।
विज्ञापन
पत्र में न सिर्फ लकड़ी कटान से जुड़ा मामला सामने आया है, बल्कि डीएम पर रात रात भर जंगल में घूमने का आरोप लगाया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अगर इस पर 28 नवंबर तक कोई कार्रवाई नहीं की गई तो फिर वह कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन करेंगे। उधर डीएम किंजल सिंह का कहना है कि उन्हें पार्क क्षेत्र की सठियाना रेंज में लकड़ी कटान की सूचना मिली थी, जिस पर एसडीएम पलिया को मौके पर भेजा था।
विज्ञापन
उस मामले की अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। इससे पार्क अधिकारी तिलमिलाए हैं। यही वजह है उन्होंने यह पत्र भेजकर अपनी पेशबंदी शुरू की है, लेकिन वह किसी दबाव में न आकर जिले में कोई गलत काम नहींर होने देंगी। ज्ञापन में फेडरेशन के अध्यक्ष पतिराज सिंह ने आरोप लगाया है कि डीएम किंजल सिंह काफी समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहीं हैं।
विज्ञापन
्उन्होंने आरोप लगाया कि डीएम रात रात भर अपने काफिले के साथ भ्रमण करती हैं। कहा गया है कि यह प्रदेश सरकार के शासनादेश संख्या 992/14-4-97-812/97 दिनांक 15-4-1997 का उल्लंघन है। द्वेषपूर्ण भावना से एसडीएम को कैमा चौकी क्षेत्र में बिना पार्क प्रशासन के संज्ञान में कथित अवैध कटान की सूचना देकर भेजना आदि जैसे कई आरोप लगाए हैं। ये भी आरोप है कि दुधवा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह के साथ भी डीएम ने एक रिजोर्ट में अभद्रता की थी। उधर अपने साथ अभद्रता के मामले में दुध्ावा के डिप्टी डायरेक्टर पीपी सिंह ने कुछ भी बोलने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मैंने सारी बात आला अफसरों को बता दी है।
अवैध कार्य रोके तो बनाया जा रहा दबाव
डीएम किंजल सिंह ने दुधवा नेशनल पार्क के वन कर्मियों के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा है कि उन्होंने पार्क क्षेत्र में हो रहे लकड़ी कटान समेत अवैध कार्य रोके, जिससे उन पर दबाव बनाया जा रहा है। वह किसी दबाव में आने वाली नहीं हैं। जिले में कोई अवैध कार्य नहीं होने देंगी।
फेडरेशन की मोर्चेबंदी पर उठे सवाल
लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व, पलिया के फेडरेशन आफ फॉरेस्ट एसोसिएशन के सीएम को भेजे गए पत्र में डीएम पर एकाएक गंभीर आरोप लगाकर की गई मोर्चेबंदी ने कई सवाल खड़े कर दिया हैं। पत्र में डीएम किंजल सिंह द्वारा विगत वर्ष से पार्क नियमों को तोड़कर रात रात भर जंगल में घूमना और वन कर्मचारियों को प्रताड़ित करने के आरोप के साथ 23 नवंबर को अनाधिकृत रूप से सोनारीपुर वन विश्राम गृह पहुंचने की बात कही गई है। 23 नवंबर के घटनाक्रम के मुद्दे को 27 नवंबर को उठाए जाने और इस मामले में पार्क के स्थानीय अफसर उपनिदेशक पीपी सिंह की चुप्पी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जबकि डीएम किंजल सिंह ने सिर्फ इतना कहा है कि यहां राजनीति हो रही है। उनके (डीएम) रहते पार्क में लकड़ी कटान नहीं हो पा रहा है।