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चालकों ने थाने में खड़े किए निजी वाहन
लखीमपुर, ब्यूरो
Updated Tue, 07 Mar 2017 11:06 PM IST
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पुलिस की कार्यशैली से परेशान हैं वाहन चालक
थानों और चौकियों पर चढ़ानी पड़ती हैं भेंट
प्राइवेट टैक्सी एसोसिएशन ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में मंगलवार को अपने वाहन नहीं चलाए, सभी चालकों ने अपने अपने वाहन कोतवाली ले जाकर खड़े कर दिए, जिससे पुलिस प्रशासन में अफरा तफरी मच गई।
चालकों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मोहम्मदी से गोला तक वाहन चलाने के लिए प्रति थाना पांच सौ रुपये तथा चौकी पर चार सौ रुपये बतौर सुविधा शुल्क माहवार प्रति गाड़ी के हिसाब से दिए जा रहे हैं। इस रूट पर मोहम्मदी, हैदराबाद, गोला तीन थानों पर 1500 और रेहरिया चौकी पर 400 रुपये देने पड़ते हैं। बेइमानी का यह खेल बहुत साफ सुथरा तथा ईमानदारी से एक कथित ठेकेदार द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। बावजूद इसके समय समय पर पुलिस की बेगार भरने के अलावा आरक्षियों द्वारा अवैध वसूली से टैक्सी चालक एवं मालिक त्रस्त रहते हैं, रोज रोज की खिच खिचबाजी से तंग आकर टैक्सी चालकों ने मंगलवार को अपना कारोबार ठप रखा तथा वाहनों को कोतवाली ले जाकर खड़ा कर दिया।
उधर पुलिस इस आरोप से इंकार कर रही है, उनका कहना है कि रोडवेज के सामने टैक्सी चालक सवारियां ढोते हैं जिससे सड़कों पर जाम लग जाती है। कुछ गाड़ियां बिना परमिट के सवारियां ढो रही है और मानक से ज्यादा सवारियां भरते हैं जिससे आए दिन एक्सीडेंट होते हैं।
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इसी के चलते टैक्सी चालकों में रोष है। पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक के नियमों के मुताबिक ही सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति दी जा सकती है। कस्बे में तकरीबन 150 से ज्यादा वाहन हैं जो गोला शाहजहांपुर, अमीरनगर, पुवायां, बरवर, पसगवां आदि रूटों पर पुलिस की कृपा से संचालित है। इसके अलावा अमीरनगर कस्बे के दिल्ली से लिए संचालित प्राइवेट बस सेवा भी पुलिस के सहयोग को संचालित होती है, जिसमें कभी कभी पुलिस और बस संचालकों के बीच लेनदेन के लेकर जब टकराहट हो जाती है जो पुलिस बस को कोतवाली में लाकर खड़ा कर देती है लेकिन शीघ्र ही समझौता होकर पुन: बसों का संचालन शुरू हो जाता है। इन प्राइवेट संचालित वाहनों से एक ओर जहां परिवहन विभाग को लाखों का चूना लगाया जा रहा है वहीं प्राइवेट गाड़ियों के संचालक और पुलिस की मिली भगत से यह धंधा फल फूल रहा है।
थानों और चौकियों पर चढ़ानी पड़ती हैं भेंट
प्राइवेट टैक्सी एसोसिएशन ने पुलिस की कार्यशैली के विरोध में मंगलवार को अपने वाहन नहीं चलाए, सभी चालकों ने अपने अपने वाहन कोतवाली ले जाकर खड़े कर दिए, जिससे पुलिस प्रशासन में अफरा तफरी मच गई।
चालकों ने अपना नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मोहम्मदी से गोला तक वाहन चलाने के लिए प्रति थाना पांच सौ रुपये तथा चौकी पर चार सौ रुपये बतौर सुविधा शुल्क माहवार प्रति गाड़ी के हिसाब से दिए जा रहे हैं। इस रूट पर मोहम्मदी, हैदराबाद, गोला तीन थानों पर 1500 और रेहरिया चौकी पर 400 रुपये देने पड़ते हैं। बेइमानी का यह खेल बहुत साफ सुथरा तथा ईमानदारी से एक कथित ठेकेदार द्वारा अंजाम दिया जा रहा है। बावजूद इसके समय समय पर पुलिस की बेगार भरने के अलावा आरक्षियों द्वारा अवैध वसूली से टैक्सी चालक एवं मालिक त्रस्त रहते हैं, रोज रोज की खिच खिचबाजी से तंग आकर टैक्सी चालकों ने मंगलवार को अपना कारोबार ठप रखा तथा वाहनों को कोतवाली ले जाकर खड़ा कर दिया।
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उधर पुलिस इस आरोप से इंकार कर रही है, उनका कहना है कि रोडवेज के सामने टैक्सी चालक सवारियां ढोते हैं जिससे सड़कों पर जाम लग जाती है। कुछ गाड़ियां बिना परमिट के सवारियां ढो रही है और मानक से ज्यादा सवारियां भरते हैं जिससे आए दिन एक्सीडेंट होते हैं।
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इसी के चलते टैक्सी चालकों में रोष है। पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक के नियमों के मुताबिक ही सड़क पर वाहन चलाने की अनुमति दी जा सकती है। कस्बे में तकरीबन 150 से ज्यादा वाहन हैं जो गोला शाहजहांपुर, अमीरनगर, पुवायां, बरवर, पसगवां आदि रूटों पर पुलिस की कृपा से संचालित है। इसके अलावा अमीरनगर कस्बे के दिल्ली से लिए संचालित प्राइवेट बस सेवा भी पुलिस के सहयोग को संचालित होती है, जिसमें कभी कभी पुलिस और बस संचालकों के बीच लेनदेन के लेकर जब टकराहट हो जाती है जो पुलिस बस को कोतवाली में लाकर खड़ा कर देती है लेकिन शीघ्र ही समझौता होकर पुन: बसों का संचालन शुरू हो जाता है। इन प्राइवेट संचालित वाहनों से एक ओर जहां परिवहन विभाग को लाखों का चूना लगाया जा रहा है वहीं प्राइवेट गाड़ियों के संचालक और पुलिस की मिली भगत से यह धंधा फल फूल रहा है।