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डीएम के समर्थन में उतरे थारू
लखीमपुर खीरी।
Updated Mon, 22 Feb 2016 11:30 PM IST
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दुधवा की जंग में अब थारू आदिवासी डीएम के समर्थन में सड़क पर उतर आए हैं। थारू जनजाति की सैकड़ों महिलाओं और पुरुषों ने वन विभाग के विरोध और डीएम के समर्थन में नारेबाजी करते हुए इंटरनेशनल हाइवे को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने दुधवा बैरियर के पास सड़क पर बैठकर पलिया-गौरीफंटा मार्ग जाम कर दिया और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। उधर, वन कर्मियों की हड़ताल सोमवार को भी जारी रही। उन्होंने जिला प्रशासन पर आदिवासियों को बरगलाकर प्रदर्शन का आरोप लगाया है। वहीं डीएम किंजल सिंह का कहना है कि वह अपने प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त हैं। उनका दुधवा के कर्मचारियों की हड़ताल से कोई मतलब नहीं है।
डीएम के समर्थन में आए थारू, लगाया जाम
पलियाकलां/चंदनचौकी। सोमवार को सैकड़ों थारू आदिवासी ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से दुधवा बेस कैंप के पास पहुंचे और नेपाल जाने वालेे अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। धरने में शामिल ग्रामीणों ने डीएम किंजल सिंह जिंदाबाद और पार्क प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान नेतृत्व करने वालों ने पार्क प्रशासन पर तमाम आरोप लगाए और कहा कि यह सब साजिशन किया गया है। हड़ताल से काफी नुकसान हो रहा है। बाद में वहां पहुंचे एसडीएम आलोक कुमार वर्मा को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि डीएम किंजल सिंह बेहतर कार्य कर रही हैं, ऐसे में उनका ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही दुधवा में उन्होंने प्राइवेट गाड़ियों को जाने की इजाजत समेत डीडी और दुधवा रेंजर को निलंबित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पूर्व पीसीसी सदस्य रिसाल अहमद, रामचंद्र राना समेत तमाम आदिवासी शामिल रहे। सीओ रामआसरे सिंह, पलिया एसओ केपी सिंह ने जाम खुलवाया और वाहनों को निकाला, तब जाकर राहगीरों ने राहत की सांस ली।
दुधवा के कर्मियों ने किया जोरदार प्रदर्शन
पलियाकलां। फेडरेशन आफ फारेस्ट के तत्वावधान में दुधवा कर्मियों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन पर आरोप मढ़े। फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार ने आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी चंदनचौकी में डट गए थे और घर-घर से आदिवासियों को बैठक के नाम पर लाया गया। उनको यहां भेजकर कुछ लोगों के जरिए प्रदर्शन और चक्काजाम कराया गया। अध्यक्ष पतिराज सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के रवैये से प्रदेश के पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शासन तक भी बात पहुंच चुकी है। कहा कि अब एफडी कहां हैं जो गुपचुप ढंग से समझौता कर आए थे। कर्मियों ने कहा कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश में भी आंदोलन तेज किया जा रहा है।
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डीएम के समर्थन में आए थारू, लगाया जाम
पलियाकलां/चंदनचौकी। सोमवार को सैकड़ों थारू आदिवासी ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य वाहनों से दुधवा बेस कैंप के पास पहुंचे और नेपाल जाने वालेे अंतरराष्ट्रीय राजमार्ग को जाम कर दिया। धरने में शामिल ग्रामीणों ने डीएम किंजल सिंह जिंदाबाद और पार्क प्रशासन मुर्दाबाद के नारे लगाए। करीब एक घंटे तक धरना-प्रदर्शन चलता रहा। इस दौरान नेतृत्व करने वालों ने पार्क प्रशासन पर तमाम आरोप लगाए और कहा कि यह सब साजिशन किया गया है। हड़ताल से काफी नुकसान हो रहा है। बाद में वहां पहुंचे एसडीएम आलोक कुमार वर्मा को दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में कहा गया है कि डीएम किंजल सिंह बेहतर कार्य कर रही हैं, ऐसे में उनका ट्रांसफर नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही दुधवा में उन्होंने प्राइवेट गाड़ियों को जाने की इजाजत समेत डीडी और दुधवा रेंजर को निलंबित करने की मांग की। ज्ञापन देने वालों में पूर्व पीसीसी सदस्य रिसाल अहमद, रामचंद्र राना समेत तमाम आदिवासी शामिल रहे। सीओ रामआसरे सिंह, पलिया एसओ केपी सिंह ने जाम खुलवाया और वाहनों को निकाला, तब जाकर राहगीरों ने राहत की सांस ली।
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दुधवा के कर्मियों ने किया जोरदार प्रदर्शन
पलियाकलां। फेडरेशन आफ फारेस्ट के तत्वावधान में दुधवा कर्मियों ने सोमवार को जोरदार प्रदर्शन कर प्रशासन पर आरोप मढ़े। फेडरेशन के उपाध्यक्ष रामकुमार ने आरोप लगाया कि सोमवार की सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारी चंदनचौकी में डट गए थे और घर-घर से आदिवासियों को बैठक के नाम पर लाया गया। उनको यहां भेजकर कुछ लोगों के जरिए प्रदर्शन और चक्काजाम कराया गया। अध्यक्ष पतिराज सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन के रवैये से प्रदेश के पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। शासन तक भी बात पहुंच चुकी है। कहा कि अब एफडी कहां हैं जो गुपचुप ढंग से समझौता कर आए थे। कर्मियों ने कहा कि उनकी मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश में भी आंदोलन तेज किया जा रहा है।
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