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जिले के पहले ग्रीन डिजिटल स्मार्ट विलेज रेवाना का डीएम ने किया निरीक्षण
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बीडीओ को निर्देश देते डीएम।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
डीएम बोले, बीडीओ और उनकी टीम की अनूठी पहल से रेवाना में हुआ बेहतरीन काम
सामुदायिक टीवी कक्ष का फीता काटकर ग्रामीणों को किया समर्पित
लखीमपुर खीरी। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शनिवार को जिले के पहले ग्रीन डिजिटल स्मार्ट विलेज रेवाना ब्लॉक मितौली का भ्रमण किया। उन्होंने गांव में सोलर पैनल से बिजली व्यवस्था के लिए स्थापित किए गए प्लांट का निरीक्षण किया। सामुदायिक टीवी कक्ष का फीता काटकर गांववासियों को समर्पित किया। गांव में लगे 16 सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम व मानीटरिंग कक्ष का निरीक्षण किया।
डीएम ने कहा कि सीडीओ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में बीडीओ चंदन देव पांडेय और उनकी पूरी टीम ने एक अनोखी पहल के तहत ग्रीन डिजिटल स्मार्ट विलेज की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार किया है, जो अन्य जनपदों के लिए रोल मॉडल साबित हो सकता है।
रेवाना में निरीक्षण के दौरान इंटीग्रेटेड आवासीय परिसर के बारे में सीडीओ ने बताया कि 30 योजनाओं को समेकित करते हुए इस आवासीय परिसर को विकसित किया गया है। डीएम ने आवासीय परिसर के लाभार्थियों से बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
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उन्होंने इंटीग्रेटेड साउंड सिस्टम के जरिए ग्रामवासियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि गांव के एक-एक व्यक्ति को सुख समृद्धि मिले। इस दौरान उन्होंने मिनी सचिवालय, सामुदायिक शौचालय, एनआरएलएम समूह से समृद्धि की ओर दोना मेकिंग सेंटर एवं कपड़ा छपाई केंद्र भी देखा। समूह की महिलाओं से उत्पाद के विपणन के संबंध में जानकारी ली। नारायण प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मसाले को भी देखा। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए कि विकास भवन में इन समूहों के काउंटर स्थापित करके समूहों की ब्रांडिंग करते हुए इन्हें स्वावलंबी बनाने में मदद की जाए। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय रेवाना में बच्चों को पाठ्य पुस्तकें बांटी। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पहाड़े सुनें। उन्होंने आवासीय परिसर में कैटल शेड, वर्मी कंपोस्ट, ग्रे वाटर ट्रीटमेंट, पेयजल आपूर्ति हेतु पानी टंकी, कैच द रेन प्रोजेक्ट के तहत तालाब निर्माण आदि विकास कार्य देखें। इसके बाद डीएम ने सीडीओ अनिल सिंह व एडीएम संजय सिंह के साथ टाटा कंपनी द्वारा सीएसआर फंड से बनाए जा रहे सोलर पावर प्लांट का शिलान्यास किया। इस प्लांट के जरिए इस गांव में न्यूनतम दर पर लगभग मुफ्त सोलर बिजली मिलेगी। डीएम ने कहा कि बीडीओ और उनकी टीम ने पूरी शिद्दत से इस गांव को विकसित करने में भूमिका निभाई है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। इस दौरान पीडी केके पांडेय, डीसी एनआरएलएम राजेंद्र श्रीवास, डीसी मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, बीडीओ चंदन देव पांडेय सहित उनकी पूरी टीम मौजूद रही।
बैंकों के चक्कर काटने का झंझट खत्म, 950 खाते खोले
रेवाना गांव का डिजिटलाइजेशन किया गया है। गांव में 950 नए बैंक खाते खोले गए हैं। डीएम ने 190 लाभार्थियों को बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड बांटे। बीसी सखी के जरिए कुछ ग्रामीणों ने शनिवार को अपने खाते से लेन-देन भी किया। एलडीएम वीएस राणा ने बताया कि सीडीओ की पहल पर उन्होंने गांव में बैंक सखी की तैनाती करके अभियान चलाया और 950 खाते खोले गए। अब किसी को भी बैंक जाने की जरूरत नहीं है। बैंक संबंधी सभी काम बीसी के जरिए गांव में ही किए जाएंगे।
इन सुविधाओं से लैस हो रहा रेवाना गांव
रेवाना गांव को सरकार की विभिन्न योजनाओं को आपस में जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही शहरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव में ही रोजगार की उपलब्धता, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना (अंतरराष्ट्रीय सौर गठबन्धन 2015 पर आधारित पीएम के आत्मनिर्भर भारत तथा ग्रीन एनवायरनमेंट से सम्बंधित है), स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल लेनदेन को प्रमोट करना, पारदर्शिता तथा लोकल स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण करना (ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से), बच्चों व युवाओं के लिए पार्क और ओपन जिम की सुविधा, कैच द रेन प्रोग्राम के तहत रूफ टॉप और सरफेस वाटर को हार्वेस्ट करना, ग्रे वाटर ट्रीटमेंट के जरिए गांव की नालियों को फ़िल्टर कर के डिस्पोस करना आदि प्रमुख हैं। शाम को सामाजिक परस्परता को बढ़ावा देने हेतु आपसी सहयोग से कॉमन कम्युनिटी हाल का भी निर्माण कराया गया है, जिसमें टेलीविजन, पत्र पत्रिका आदि की व्यवस्था की गई है। विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कुछ विशेष सुविधाएं जैसे गांव में सोलर पावर प्लांट की स्थापना टाटा सोलर पावर की तरफ से उपलब्ध कराई गई है। जो सिर्फ मैंटीनेंस चार्ज पर आधारित है। गांव के लोगों को फाइनेंसियल सुविधाएं ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी, कैशलेस कार्ड्स, बैंक मित्र आदि की सुविधा इंडियन बैंक द्वारा प्रदान की जा रही है।
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सामुदायिक टीवी कक्ष का फीता काटकर ग्रामीणों को किया समर्पित
लखीमपुर खीरी। डीएम महेंद्र बहादुर सिंह ने शनिवार को जिले के पहले ग्रीन डिजिटल स्मार्ट विलेज रेवाना ब्लॉक मितौली का भ्रमण किया। उन्होंने गांव में सोलर पैनल से बिजली व्यवस्था के लिए स्थापित किए गए प्लांट का निरीक्षण किया। सामुदायिक टीवी कक्ष का फीता काटकर गांववासियों को समर्पित किया। गांव में लगे 16 सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम व मानीटरिंग कक्ष का निरीक्षण किया।
डीएम ने कहा कि सीडीओ अनिल कुमार सिंह के नेतृत्व में बीडीओ चंदन देव पांडेय और उनकी पूरी टीम ने एक अनोखी पहल के तहत ग्रीन डिजिटल स्मार्ट विलेज की परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार किया है, जो अन्य जनपदों के लिए रोल मॉडल साबित हो सकता है।
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रेवाना में निरीक्षण के दौरान इंटीग्रेटेड आवासीय परिसर के बारे में सीडीओ ने बताया कि 30 योजनाओं को समेकित करते हुए इस आवासीय परिसर को विकसित किया गया है। डीएम ने आवासीय परिसर के लाभार्थियों से बातचीत कर उन्हें बधाई दी।
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उन्होंने इंटीग्रेटेड साउंड सिस्टम के जरिए ग्रामवासियों को उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि गांव के एक-एक व्यक्ति को सुख समृद्धि मिले। इस दौरान उन्होंने मिनी सचिवालय, सामुदायिक शौचालय, एनआरएलएम समूह से समृद्धि की ओर दोना मेकिंग सेंटर एवं कपड़ा छपाई केंद्र भी देखा। समूह की महिलाओं से उत्पाद के विपणन के संबंध में जानकारी ली। नारायण प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए मसाले को भी देखा। उन्होंने सीडीओ को निर्देश दिए कि विकास भवन में इन समूहों के काउंटर स्थापित करके समूहों की ब्रांडिंग करते हुए इन्हें स्वावलंबी बनाने में मदद की जाए। डीएम ने प्राथमिक विद्यालय रेवाना में बच्चों को पाठ्य पुस्तकें बांटी। इसके बाद उन्होंने बच्चों से पहाड़े सुनें। उन्होंने आवासीय परिसर में कैटल शेड, वर्मी कंपोस्ट, ग्रे वाटर ट्रीटमेंट, पेयजल आपूर्ति हेतु पानी टंकी, कैच द रेन प्रोजेक्ट के तहत तालाब निर्माण आदि विकास कार्य देखें। इसके बाद डीएम ने सीडीओ अनिल सिंह व एडीएम संजय सिंह के साथ टाटा कंपनी द्वारा सीएसआर फंड से बनाए जा रहे सोलर पावर प्लांट का शिलान्यास किया। इस प्लांट के जरिए इस गांव में न्यूनतम दर पर लगभग मुफ्त सोलर बिजली मिलेगी। डीएम ने कहा कि बीडीओ और उनकी टीम ने पूरी शिद्दत से इस गांव को विकसित करने में भूमिका निभाई है, जिसका परिणाम आज सबके सामने है। इस दौरान पीडी केके पांडेय, डीसी एनआरएलएम राजेंद्र श्रीवास, डीसी मनरेगा प्रेम प्रकाश त्रिपाठी, बीडीओ चंदन देव पांडेय सहित उनकी पूरी टीम मौजूद रही।
बैंकों के चक्कर काटने का झंझट खत्म, 950 खाते खोले
रेवाना गांव का डिजिटलाइजेशन किया गया है। गांव में 950 नए बैंक खाते खोले गए हैं। डीएम ने 190 लाभार्थियों को बैंक पासबुक एवं एटीएम कार्ड बांटे। बीसी सखी के जरिए कुछ ग्रामीणों ने शनिवार को अपने खाते से लेन-देन भी किया। एलडीएम वीएस राणा ने बताया कि सीडीओ की पहल पर उन्होंने गांव में बैंक सखी की तैनाती करके अभियान चलाया और 950 खाते खोले गए। अब किसी को भी बैंक जाने की जरूरत नहीं है। बैंक संबंधी सभी काम बीसी के जरिए गांव में ही किए जाएंगे।
इन सुविधाओं से लैस हो रहा रेवाना गांव
रेवाना गांव को सरकार की विभिन्न योजनाओं को आपस में जोड़ते हुए विभिन्न विभागों के समन्वय से मूलभूत सुविधाओं के साथ ही शहरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। गांव में ही रोजगार की उपलब्धता, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना (अंतरराष्ट्रीय सौर गठबन्धन 2015 पर आधारित पीएम के आत्मनिर्भर भारत तथा ग्रीन एनवायरनमेंट से सम्बंधित है), स्वयं सहायता समूहों को आत्मनिर्भर बनाना, डिजिटल लेनदेन को प्रमोट करना, पारदर्शिता तथा लोकल स्तर पर समस्याओं का त्वरित निराकरण करना (ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से), बच्चों व युवाओं के लिए पार्क और ओपन जिम की सुविधा, कैच द रेन प्रोग्राम के तहत रूफ टॉप और सरफेस वाटर को हार्वेस्ट करना, ग्रे वाटर ट्रीटमेंट के जरिए गांव की नालियों को फ़िल्टर कर के डिस्पोस करना आदि प्रमुख हैं। शाम को सामाजिक परस्परता को बढ़ावा देने हेतु आपसी सहयोग से कॉमन कम्युनिटी हाल का भी निर्माण कराया गया है, जिसमें टेलीविजन, पत्र पत्रिका आदि की व्यवस्था की गई है। विभिन्न सरकारी व गैर सरकारी संस्थाओं के माध्यम से कुछ विशेष सुविधाएं जैसे गांव में सोलर पावर प्लांट की स्थापना टाटा सोलर पावर की तरफ से उपलब्ध कराई गई है। जो सिर्फ मैंटीनेंस चार्ज पर आधारित है। गांव के लोगों को फाइनेंसियल सुविधाएं ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी, कैशलेस कार्ड्स, बैंक मित्र आदि की सुविधा इंडियन बैंक द्वारा प्रदान की जा रही है।