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डीएम ने सौंपे पंचायत चुनाव के दायित्व
लखीमपुर खीरी
Updated Thu, 24 Sep 2015 12:48 AM IST
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पंचायत चुनाव की अधिसूचना जारी होने के तत्काल बाद अधिकारियों की बैठक हुई। इसमें डीएम किंजल सिंह ने कहा कि वे पंचायत चुनाव को एक चुनौती के रूप में स्वीकार करें। हमें हर हाल में निष्पक्ष, निर्विघ्न और शांतिपूर्ण चुनाव कराना है। चुनाव के उत्तरदायित्व निर्वाहन में कोई भी लापरवाही अक्षम्य होगी। उन्होंने कहा कि जिला पंचायत सदस्यों की 72 सीटों पर 24 लाख 94 हजार मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
डीएम ने सभी एसडीएम से मतदान केंद्रों की संवेदन शीलता और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही चुनाव प्रभारियों, आरओ, एआरओ की घोषणा भी की। डीएम ने सीडीओ नितीश कुमार को प्रभारी अधिकारी कार्मिक, पीडी, डीआईओ एनआईसी और बीएसए को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। अतिरिक्त उपजिला अधिकारी को प्रभारी अधिकारी यातायात, एआरटीओ प्रवर्तन सहायक प्रभारी अधिकारी यातायात बनाए गए हैं। उप-कृषि निदेशक को लेखन सामग्री का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। एआर कोआपरेटिव और भूमि संरक्षण अधिकारी और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी प्रभारी अधिकारी कंट्रोल रूम होंगे। बैठक में सीडीओ नितीश कुमार, एडीएम एसपी सिंह समेत सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
अनारक्षित सीट से होगा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को घमासान
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सीट अनारक्षित यानी सामान्य होने से इस बार जिपं कुर्सी के लिए घमासान होगा। यह सीट पिछले चुनाव में सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी, जिस पर बसपा की दमयंती किशोर विजयी हुईं थीं, जिनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर सपा की कमलपाल कौर ने कब्जा जमाया, जो वर्तमान में इस सीट पर काबिज हैं।
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जिले में 72 वार्ड हैं। जिला पंचायत वार्ड के आरक्षण के बाद से ही अध्यक्ष की कुर्सी के लिए मोहरे भी फिट किए जा रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट आरक्षित होने की संभावनाओं की जानकारी होने पर सत्ता प्रमुख पदों पर बैठें लोगों ने जिला पंचायत की कुर्सी तक अपनों को पहुंचाने के लिए अपने सहयोगी और शुभचिंतकों के साथ बैठक कर रणनीति बनाने लगे, लेकिन अनारक्षित होते ही उनकी बांछेंऔर खिल गईं हैं हालांकि अब दावेदारों की संख्या बढ़ने के कारण वह भी अधिक तैयारी करने की बात मान रहे हैं। कुल मिलाकर आरक्षण स्पष्ट होने से यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान होगा। आरक्षित सीट होने से कई नेताओं के चेहरे खुशी से खिल गए है।
जिलाध्यक्ष बोले, पूरे दमखम से लड़ेंगे चुनाव
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पूरे दमखम से लड़ा जाएगा। सपा का ही परचम लहराना तय है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्र का कहना है कि पार्टी पूरी तरह से तैयार है। हरहाल में चुनाव जिलापंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही बनाया जाएगा।
अधिसूचना जारी होते ही बढ़ गई सरगर्मियां
लखीमपुर खीरी। पंचायत चुुनाव की अधिसूचना जारी होते ही ग्रामीण इलाके में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भले ही अभी नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने डोर टू डोर जनसंपर्क शुरू कर दिया है। साथ ही मान मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है। उम्मीदवारों से ज्यादा तो मतदाता उत्साहित हैं। मतदाताओं को मनाने और रिझाने के लिए दावतों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नामांकन दाखिल करने के बाद दावत करने पर होने वाली दुश्वारियों के मद्देनजर संभावित उम्मीदवार पहले ही दावतों के जरिए मतदाताओं को खुश करने का प्रयास कर रहे है। जैसे ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी पितृ पक्ष शुरू हो जाएगा। चुनाव निपटने तक नवरात्रि का समय रहेगा। ऐसे में उम्मीदवारों का दावत करना मुश्किल होगा। चुनाव के दौरान दावतों पर प्रतिबंध, पितृपक्ष और नवरात्रि के मद्देनजर संभावित उम्मीदवार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इसके चलते उन्होंने अभी से दावत का सिलसिला शुरू कर दिया है।
यह भी एक संयोग ही है कि पिछले पंचायत चुनाव के दौरान भी पितृपक्ष और नवरात्रि का लोचा फंसा था। इससे उम्मीदवार मतदाताओं को उनके मनमाफिक खुश नहीं कर पाए थे। फिलहाल चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही गांवों में चाय पान की दुकानों से लेकर चौपालों तक पंचायत चुनाव और उम्मीदवारों की ही चर्चा है। फिलहाल इन दिनों मतदाताओं की बल्ले-बल्ले है। जो लोग उनसे बात करने तक से कतराते थे आज उनके आगे पीछे खुशामद करते घूम रहे हैं।
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डीएम ने सभी एसडीएम से मतदान केंद्रों की संवेदन शीलता और सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी ली। साथ ही चुनाव प्रभारियों, आरओ, एआरओ की घोषणा भी की। डीएम ने सीडीओ नितीश कुमार को प्रभारी अधिकारी कार्मिक, पीडी, डीआईओ एनआईसी और बीएसए को सहायक प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। अतिरिक्त उपजिला अधिकारी को प्रभारी अधिकारी यातायात, एआरटीओ प्रवर्तन सहायक प्रभारी अधिकारी यातायात बनाए गए हैं। उप-कृषि निदेशक को लेखन सामग्री का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। एआर कोआपरेटिव और भूमि संरक्षण अधिकारी और बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी प्रभारी अधिकारी कंट्रोल रूम होंगे। बैठक में सीडीओ नितीश कुमार, एडीएम एसपी सिंह समेत सभी जिलास्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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अनारक्षित सीट से होगा जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी को घमासान
लखीमपुर खीरी। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए सीट अनारक्षित यानी सामान्य होने से इस बार जिपं कुर्सी के लिए घमासान होगा। यह सीट पिछले चुनाव में सामान्य महिला के लिए आरक्षित थी, जिस पर बसपा की दमयंती किशोर विजयी हुईं थीं, जिनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव आने पर सपा की कमलपाल कौर ने कब्जा जमाया, जो वर्तमान में इस सीट पर काबिज हैं।
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जिले में 72 वार्ड हैं। जिला पंचायत वार्ड के आरक्षण के बाद से ही अध्यक्ष की कुर्सी के लिए मोहरे भी फिट किए जा रहे थे। जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट आरक्षित होने की संभावनाओं की जानकारी होने पर सत्ता प्रमुख पदों पर बैठें लोगों ने जिला पंचायत की कुर्सी तक अपनों को पहुंचाने के लिए अपने सहयोगी और शुभचिंतकों के साथ बैठक कर रणनीति बनाने लगे, लेकिन अनारक्षित होते ही उनकी बांछेंऔर खिल गईं हैं हालांकि अब दावेदारों की संख्या बढ़ने के कारण वह भी अधिक तैयारी करने की बात मान रहे हैं। कुल मिलाकर आरक्षण स्पष्ट होने से यह तय हो गया है कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर घमासान होगा। आरक्षित सीट होने से कई नेताओं के चेहरे खुशी से खिल गए है।
जिलाध्यक्ष बोले, पूरे दमखम से लड़ेंगे चुनाव
सपा जिलाध्यक्ष अनुराग पटेल ने कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का चुनाव पूरे दमखम से लड़ा जाएगा। सपा का ही परचम लहराना तय है। वहीं भाजपा जिलाध्यक्ष विनोद मिश्र का कहना है कि पार्टी पूरी तरह से तैयार है। हरहाल में चुनाव जिलापंचायत अध्यक्ष भाजपा का ही बनाया जाएगा।
अधिसूचना जारी होते ही बढ़ गई सरगर्मियां
लखीमपुर खीरी। पंचायत चुुनाव की अधिसूचना जारी होते ही ग्रामीण इलाके में चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भले ही अभी नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई लेकिन संभावित उम्मीदवारों ने डोर टू डोर जनसंपर्क शुरू कर दिया है। साथ ही मान मनौव्वल का दौर शुरू हो गया है। उम्मीदवारों से ज्यादा तो मतदाता उत्साहित हैं। मतदाताओं को मनाने और रिझाने के लिए दावतों का सिलसिला शुरू हो गया है।
नामांकन दाखिल करने के बाद दावत करने पर होने वाली दुश्वारियों के मद्देनजर संभावित उम्मीदवार पहले ही दावतों के जरिए मतदाताओं को खुश करने का प्रयास कर रहे है। जैसे ही नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी पितृ पक्ष शुरू हो जाएगा। चुनाव निपटने तक नवरात्रि का समय रहेगा। ऐसे में उम्मीदवारों का दावत करना मुश्किल होगा। चुनाव के दौरान दावतों पर प्रतिबंध, पितृपक्ष और नवरात्रि के मद्देनजर संभावित उम्मीदवार कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते। इसके चलते उन्होंने अभी से दावत का सिलसिला शुरू कर दिया है।
यह भी एक संयोग ही है कि पिछले पंचायत चुनाव के दौरान भी पितृपक्ष और नवरात्रि का लोचा फंसा था। इससे उम्मीदवार मतदाताओं को उनके मनमाफिक खुश नहीं कर पाए थे। फिलहाल चुनाव की अधिसूचना जारी होते ही गांवों में चाय पान की दुकानों से लेकर चौपालों तक पंचायत चुनाव और उम्मीदवारों की ही चर्चा है। फिलहाल इन दिनों मतदाताओं की बल्ले-बल्ले है। जो लोग उनसे बात करने तक से कतराते थे आज उनके आगे पीछे खुशामद करते घूम रहे हैं।