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तलाक पीड़िता ने विधायक से लगाई न्याय की गुहार
लख्ाीमपुरख्ाीरी ब्यूराो
Updated Thu, 20 Apr 2017 11:53 PM IST
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शादी के छह माह बाद ही पति ने दे दिया था तलाक
शादी के छह महीने बाद ही पति के तलाक देने के बाद पीड़ित महिला चार साल से दर दर की ठोकरें खाती घूम रही है। बृहस्पतिवार को वह क्षेत्रीय विधायक बालाप्रसाद अवस्थी से न्याय की गुहार लगाने पहुंची। उसने आप बीती विधायक को बताई।
ईसानगर के मजरा नरगड़ा निवासी सगीर ने अपनी बेटी तबस्सुम का निकाह पांच साल पहले लहरपुर थाना क्षेत्र के लघुचा बैरागढ़ निवासी जब्बार के पुत्र कल्लन के साथ की थी। शादी के तीन महीने बाद ही कल्लन तबस्सुम के साथ बुरा बर्ताव करने के साथ दहेज की मांग करने लगा। तब्बसुम के मुताबिक कल्लन दहेज में मोटरसाइकिल और लखीमपुर में मकान बनवाने का दबाव बनाने लगा। खराब माली हालत के चलते उसके पिता सगीर ने यह देने में असमर्थता जाहिर की। इसी बीच कल्लन ने तबस्सुम को उसको मायके वापस भेज दिया। इसके बाद कल्लन ने तबस्सुम को तलाक दे दिया।
तलाक बाद से तबस्सुम अपने मायके नरगड़ा में रह रही है मोदी सरकार की तीन तलाक के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को उसने क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी को अपनी विपदा सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान तबस्सुम ने बताया कि न्यायालय में उसने हर्जा खर्चा का मुकदमा दायर किया है लेकिन उसमें चार साल बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने के कारण वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
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तबस्सुम का कहना है कि तलाक पीड़ित महिला का क्या दर्द होता है यह वही जान सकती है। बिना संतान के तलाकशुदा जीवन व्यतीत कर रही है। बाला प्रसाद अवस्थी ने कहा पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश सरकार तक तबस्सुम की बात रखेंगे।
शादी के छह महीने बाद ही पति के तलाक देने के बाद पीड़ित महिला चार साल से दर दर की ठोकरें खाती घूम रही है। बृहस्पतिवार को वह क्षेत्रीय विधायक बालाप्रसाद अवस्थी से न्याय की गुहार लगाने पहुंची। उसने आप बीती विधायक को बताई।
ईसानगर के मजरा नरगड़ा निवासी सगीर ने अपनी बेटी तबस्सुम का निकाह पांच साल पहले लहरपुर थाना क्षेत्र के लघुचा बैरागढ़ निवासी जब्बार के पुत्र कल्लन के साथ की थी। शादी के तीन महीने बाद ही कल्लन तबस्सुम के साथ बुरा बर्ताव करने के साथ दहेज की मांग करने लगा। तब्बसुम के मुताबिक कल्लन दहेज में मोटरसाइकिल और लखीमपुर में मकान बनवाने का दबाव बनाने लगा। खराब माली हालत के चलते उसके पिता सगीर ने यह देने में असमर्थता जाहिर की। इसी बीच कल्लन ने तबस्सुम को उसको मायके वापस भेज दिया। इसके बाद कल्लन ने तबस्सुम को तलाक दे दिया।
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तलाक बाद से तबस्सुम अपने मायके नरगड़ा में रह रही है मोदी सरकार की तीन तलाक के प्रति संवेदनशीलता को देखते हुए गुरुवार को उसने क्षेत्रीय विधायक बाला प्रसाद अवस्थी को अपनी विपदा सुनाई और न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान तबस्सुम ने बताया कि न्यायालय में उसने हर्जा खर्चा का मुकदमा दायर किया है लेकिन उसमें चार साल बाद भी कोई सुनवाई नहीं होने के कारण वह दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर है।
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तबस्सुम का कहना है कि तलाक पीड़ित महिला का क्या दर्द होता है यह वही जान सकती है। बिना संतान के तलाकशुदा जीवन व्यतीत कर रही है। बाला प्रसाद अवस्थी ने कहा पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए प्रदेश सरकार तक तबस्सुम की बात रखेंगे।