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Lakhimpur Kheri News: चार माह से अटका पॉपकॉर्न और दोना पत्तल मशीनों का वितरण
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जिला पंचायत कार्यालय परिसर में रखीं पॉपकार्न मशीनें संवाद
लखीमपुर खीरी। पॉपकार्न, इलेक्ट्रॉनिक चॉक और दोना-पत्तल मशीनें केे लिए लाभार्थियों ने खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग में आवेदन किया था। चयन और प्रशिक्षण हो गया। मशीनें भी आ गईं। मगर चार माह बाद भी उनका वितरण नहीं हो सका है। मशीनें जिला पंचायत कार्यालय परिसर में धूल खा रहीं हैं।
उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से भुर्जी समाज के लोगों को आधुनिक पॉपकॉर्न मशीन उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवेदन मांगे गए थे। जिले के लक्ष्य के सापेक्ष 10 पात्र लाभार्थियों के लिए मार्च में मशीनें भी जिला मुख्यालय पर आ गईं। मशीनों को जिला पंचायत कार्यालय परिसर में रखवा दिया गया, तब से यह मशीनें उसी स्थान पर रखी धूल खा रही हैं। अब तक मशीनों के वितरण की तारीख तय नहीं हो सकी है। विभाग का तर्क है कि मशीनें आने के समय ही लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। इस वजह से वितरण लटक गया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी मशीनों का वितरण नहीं किया जा सका।
लाभार्थी बोले- मशीनें मिल जातीं तो कमाई कर लेते
माटी कला बोर्ड की ओर से पात्र कुम्हारों के लिए 50 इलेक्ट्रॉनिक चॉक का वितरण भी अटका है। इलेक्ट्रॉनिक चॉक भी आ चुके हैं। इनके वितरण की तारीख तय हो तो कुम्हारों को राहत मिले। इसी तरह सात दोना-पत्तल मशीनों के वितरण की तारीख भी मार्च से अब तक तय नहीं हो सकी है। लाभार्थियों को समय से मशीनें मिल जातीं तो अब तक थोड़ी-बहुत कमाई कर लेते।
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जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मशीनें आने के बाद ही अधिसूचना जारी हो गई थी। इस वजह से वितरण नहीं हो सका। वितरण की तारीख मुख्यालय की ओर से तय होगी। यहां बता दें कि पॉपकार्न मशीनें आने के बाद लाभार्थियों का प्रशिक्षण भी कराया जा चुका है। उम्मीद थी कि प्रशिक्षण के बाद मशीनें मिल जाएंगी, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 का लक्ष्य आने वाला है।
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उत्तर प्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से भुर्जी समाज के लोगों को आधुनिक पॉपकॉर्न मशीन उपलब्ध कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में आवेदन मांगे गए थे। जिले के लक्ष्य के सापेक्ष 10 पात्र लाभार्थियों के लिए मार्च में मशीनें भी जिला मुख्यालय पर आ गईं। मशीनों को जिला पंचायत कार्यालय परिसर में रखवा दिया गया, तब से यह मशीनें उसी स्थान पर रखी धूल खा रही हैं। अब तक मशीनों के वितरण की तारीख तय नहीं हो सकी है। विभाग का तर्क है कि मशीनें आने के समय ही लोकसभा चुनाव की अधिसूचना जारी हो गई। इस वजह से वितरण लटक गया। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भी मशीनों का वितरण नहीं किया जा सका।
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लाभार्थी बोले- मशीनें मिल जातीं तो कमाई कर लेते
माटी कला बोर्ड की ओर से पात्र कुम्हारों के लिए 50 इलेक्ट्रॉनिक चॉक का वितरण भी अटका है। इलेक्ट्रॉनिक चॉक भी आ चुके हैं। इनके वितरण की तारीख तय हो तो कुम्हारों को राहत मिले। इसी तरह सात दोना-पत्तल मशीनों के वितरण की तारीख भी मार्च से अब तक तय नहीं हो सकी है। लाभार्थियों को समय से मशीनें मिल जातीं तो अब तक थोड़ी-बहुत कमाई कर लेते।
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जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डीके श्रीवास्तव ने बताया कि मशीनें आने के बाद ही अधिसूचना जारी हो गई थी। इस वजह से वितरण नहीं हो सका। वितरण की तारीख मुख्यालय की ओर से तय होगी। यहां बता दें कि पॉपकार्न मशीनें आने के बाद लाभार्थियों का प्रशिक्षण भी कराया जा चुका है। उम्मीद थी कि प्रशिक्षण के बाद मशीनें मिल जाएंगी, जबकि वित्तीय वर्ष 2024-25 का लक्ष्य आने वाला है।