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गरीबों को कंबल वितरण पर भारी प्रशासन की सुस्ती
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 07 Dec 2015 07:01 PM IST
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ठंड एवं शीतलहर से बचाव के लिए गरीबों और असहायों को कंबल वितरण किया जाना है, जिसके लिए चार नवंबर 2015 को शासन ने आदेेश जारी कर धन आवंटन कर दिया था। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अभी जिले में कंबलों की खरीद नहीं की जा सकी है, जबकि शासन ने 10 दिसंबर तक कंबल वितरण कराने के निर्देश दिए थे। ठंड और शीत लहर ने अपना प्रकोप दिखाना शुरू कर दिया है, जिसकी चपेट में आकर गरीब-असहाय ठिठुरने को मजबूर हैं।
वर्ष 2015-16 में गरीबों को ठंड से बचाव के लिए शासन ने समय से पूर्व ही तैयारी कर कंबल वितरण के निर्देश जारी किए थे, जिसमें प्रत्येक तहसील को पांच-पांच लाख के हिसाब से 35 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शासन ने डेडलाइन निर्धारित करते हुए सरकारी विभाग एवं शासकीय नियंत्रण वाले उपक्रमों से कंबल खरीद के निर्देश दिए।
ताकि समय रहते अत्यधिक ठंड एवं शीतलहरी की पूरी अवधि में सुविधा उन्हें प्राप्त हो सके। गुणवत्ता के निर्धारित मानक के अनुसार 70 फीसदी ऊन वाले अधिकतम 500 रुपये कीमत के कंबल खरीदने की अनुमति दी है। लाभार्थियों की सूची एक दिसंबर तक पूर्ण कर 10 दिसंबर तक वितरण कराया जाना है। अभी कंबल वितरण के लिए संस्थाओं से कुटेशन मांगे गए है, जिन पर विचार होना है। कंबल वितरण में देरी होने के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं, क्योंकि अभी तक पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध नहीं किया गया हैै। जबकि शासन ने इस बावत गांवों में प्रचार-प्रसार कराकर सही लाभार्थियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही लाभार्थियों की सूची वेबसाइट पर आनलाइन किया जाएगा।
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एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि कंबल खरीद की प्रक्रिया चल रही है। कंबलों को क्रय करने के साथ ही जल्द से जल्द कंबलों का वितरण कराया जाएगा।
कंबलों की गुणवत्ता के लिए डीएम होंगे जिम्मेदार
गरीबों को कंबल वितरण में अक्सर धांधली की शिकायतें आम रहतीं थीं, लेकिन इस बार शासन ने क्रय किए जाने वाले कंबलों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया हैै। मानक निर्धारण के साथ ही गुणवत्ता के प्रति डीएम को जिम्मेदार माना जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जले अलाव
नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए प्रत्येक तहसील को 50-50 हजार की धनराशि आवंटित की जा चुकी है।
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वर्ष 2015-16 में गरीबों को ठंड से बचाव के लिए शासन ने समय से पूर्व ही तैयारी कर कंबल वितरण के निर्देश जारी किए थे, जिसमें प्रत्येक तहसील को पांच-पांच लाख के हिसाब से 35 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई। इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शासन ने डेडलाइन निर्धारित करते हुए सरकारी विभाग एवं शासकीय नियंत्रण वाले उपक्रमों से कंबल खरीद के निर्देश दिए।
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ताकि समय रहते अत्यधिक ठंड एवं शीतलहरी की पूरी अवधि में सुविधा उन्हें प्राप्त हो सके। गुणवत्ता के निर्धारित मानक के अनुसार 70 फीसदी ऊन वाले अधिकतम 500 रुपये कीमत के कंबल खरीदने की अनुमति दी है। लाभार्थियों की सूची एक दिसंबर तक पूर्ण कर 10 दिसंबर तक वितरण कराया जाना है। अभी कंबल वितरण के लिए संस्थाओं से कुटेशन मांगे गए है, जिन पर विचार होना है। कंबल वितरण में देरी होने के पीछे कई वजहें जिम्मेदार हो सकती हैं, क्योंकि अभी तक पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध नहीं किया गया हैै। जबकि शासन ने इस बावत गांवों में प्रचार-प्रसार कराकर सही लाभार्थियों को चिह्नित करने के निर्देश दिए थे। साथ ही लाभार्थियों की सूची वेबसाइट पर आनलाइन किया जाएगा।
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एडीएम संतोष कुमार ने बताया कि कंबल खरीद की प्रक्रिया चल रही है। कंबलों को क्रय करने के साथ ही जल्द से जल्द कंबलों का वितरण कराया जाएगा।
कंबलों की गुणवत्ता के लिए डीएम होंगे जिम्मेदार
गरीबों को कंबल वितरण में अक्सर धांधली की शिकायतें आम रहतीं थीं, लेकिन इस बार शासन ने क्रय किए जाने वाले कंबलों की गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया हैै। मानक निर्धारण के साथ ही गुणवत्ता के प्रति डीएम को जिम्मेदार माना जाएगा।
सार्वजनिक स्थानों पर नहीं जले अलाव
नगर पालिका, नगर पंचायत और ग्राम पंचायतों के सार्वजनिक स्थानों पर अलाव जलाने के निर्देश दिए गए हैं, जिसके लिए प्रत्येक तहसील को 50-50 हजार की धनराशि आवंटित की जा चुकी है।