{"_id":"62f56080be80b0278333f657","slug":"dispute-between-teacher-and-ngo-manager-regarding-mdm-audio-viral-lakhimpur-news-bly494151918","type":"story","status":"publish","title_hn":"एमडीएम को लेकर शिक्षक और एनजीओ मैनेजर में हुआ विवाद, ऑडियो वायरल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एमडीएम को लेकर शिक्षक और एनजीओ मैनेजर में हुआ विवाद, ऑडियो वायरल
विज्ञापन
धौरहरा क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में दाल-रोटी की जगह हलवा भेजने से उपजा विवाद
बीएसए ने 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज देने के जारी किए थे आदेश
विशेष भोज के लिए अलग से कोई बजट नहीं, शिक्षकों में भीतर खाने है भारी नाराजगी
धौरहरा/ लखीमपुर खीरी। धौरहरा नगर पंचायत क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में बृहस्पतिवार को फिर बच्चों को एमडीएम (दाल-रोटी) नहीं मिला। इसकी जगह एनजीओ के ठेकेदार ने केवल हलवा ही भेज दिया। एक शिक्षक ने एनजीओ मैनेजर को फोन कर आपत्ति जताई तो वह भड़क गया। कुछ देर बाद यह रिकार्डिंग वायरल हो गई तो शिक्षकों में आक्रोश फैल गया।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बीएसए ने तीन अगस्त को सभी बीईओ को एक पत्र जारी कर शिक्षकों को बच्चों को 11 से 17 अगस्त तक विशेष भोज देने का आदेश दिया था। इसके तहत 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को हर दिन खाने से अलग हलवा, खीर, लड्डू, बूंदी व फल आदि दिए जाने थे। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में बृहस्पतिवार को एनजीओ ने एमडीएम के मैन्यू के मुताबिक, दाल-रोटी नहीं भेजी और सिर्फ विशेष भोज में शामिल हलवा ही भिजवा दिया।
दाल-रोटी के साथ ही भेजा जाना था हलवा
नियम के मुताबिक, दाल-रोटी के साथ ही हलवा भी भेजा जाना था। इस बात को लेकर एक शिक्षक ने एनजीओ मैनेजर को फोन पर आपत्ति जताई तो वह भड़क गया। मैनेजर शिक्षक से बोला ‘ठेका तुम खुद ले लो, फिर चार रुपये में खिलाना हलवा पूड़ी सब्जी।’ शिक्षक को हड़काकर मैनेजर ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि ‘तुम मुझसे बात मत करो।’ कुछ देर बाद यह रिकार्डिंग वायरल हुई तो शिक्षकों में रोष फैल गया।
विज्ञापन
उधर, शिक्षक व एनजीओ मैनेजर के बीच फोन पर हुए विवाद की ऑडियो वायरल होने पर बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। एमडीएम जिला समन्वयक ऋतुराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच कमेटी करेगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनजीओ के मैनेजर का वार्तालाप निंदनीय
शिक्षक इस एनजीओ की कार्यशैली की शिकायत काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान तक आवाज नहीं पहुंचती। इससे पहले छह अगस्त को स्कूलों में एमडीएम की जगह पारले बिस्किट बांटे गए थे। धौरहरा शिक्षक संघ के अध्यक्ष सौरभ मिश्र का कहना है कि एनजीओ के मैनेजर का वार्तालाप निंदनीय है। यह अक्सर एमडीएम में गड़बड़ी करता है। आपत्ति करने वाले शिक्षक के साथ उसके अशिष्ट व्यवहार को लेकर उच्च अधिकारियों से कार्रवाई के लिए बात करेंगे।
दबी जुबान में शिक्षक भी फैसले से असहज
लखीमपुर खीरी। बीएसए ने 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज देने की व्यवस्था का एलान तो कर दिया, लेकिन इस मद में संबंधितों को कोई अतिरिक्त राशि नहीं जारी की गई है। ऐसे में शिक्षकों में पहले से ही भीतर खाने नाराजगी है कि वह आखिर सात दिन तक एमडीएम के अतिरिक्त विशेष भोज में शामिल हलवा, खीर, बूंदी, लड्डू और फल आदि बच्चों को अपनी जेब से कैसे खिलाएं। संवाद
विज्ञापन
बीएसए ने 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज देने के जारी किए थे आदेश
विशेष भोज के लिए अलग से कोई बजट नहीं, शिक्षकों में भीतर खाने है भारी नाराजगी
धौरहरा/ लखीमपुर खीरी। धौरहरा नगर पंचायत क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में बृहस्पतिवार को फिर बच्चों को एमडीएम (दाल-रोटी) नहीं मिला। इसकी जगह एनजीओ के ठेकेदार ने केवल हलवा ही भेज दिया। एक शिक्षक ने एनजीओ मैनेजर को फोन कर आपत्ति जताई तो वह भड़क गया। कुछ देर बाद यह रिकार्डिंग वायरल हो गई तो शिक्षकों में आक्रोश फैल गया।
आजादी के अमृत महोत्सव के तहत बीएसए ने तीन अगस्त को सभी बीईओ को एक पत्र जारी कर शिक्षकों को बच्चों को 11 से 17 अगस्त तक विशेष भोज देने का आदेश दिया था। इसके तहत 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को हर दिन खाने से अलग हलवा, खीर, लड्डू, बूंदी व फल आदि दिए जाने थे। नगर क्षेत्र के परिषदीय स्कूलों में बृहस्पतिवार को एनजीओ ने एमडीएम के मैन्यू के मुताबिक, दाल-रोटी नहीं भेजी और सिर्फ विशेष भोज में शामिल हलवा ही भिजवा दिया।
विज्ञापन
दाल-रोटी के साथ ही भेजा जाना था हलवा
नियम के मुताबिक, दाल-रोटी के साथ ही हलवा भी भेजा जाना था। इस बात को लेकर एक शिक्षक ने एनजीओ मैनेजर को फोन पर आपत्ति जताई तो वह भड़क गया। मैनेजर शिक्षक से बोला ‘ठेका तुम खुद ले लो, फिर चार रुपये में खिलाना हलवा पूड़ी सब्जी।’ शिक्षक को हड़काकर मैनेजर ने यह कहते हुए फोन काट दिया कि ‘तुम मुझसे बात मत करो।’ कुछ देर बाद यह रिकार्डिंग वायरल हुई तो शिक्षकों में रोष फैल गया।
विज्ञापन
उधर, शिक्षक व एनजीओ मैनेजर के बीच फोन पर हुए विवाद की ऑडियो वायरल होने पर बीएसए डॉ. लक्ष्मीकांत पांडेय ने तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई है। एमडीएम जिला समन्वयक ऋतुराज सिंह ने बताया कि मामले की जांच कमेटी करेगी, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
एनजीओ के मैनेजर का वार्तालाप निंदनीय
शिक्षक इस एनजीओ की कार्यशैली की शिकायत काफी समय से कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान तक आवाज नहीं पहुंचती। इससे पहले छह अगस्त को स्कूलों में एमडीएम की जगह पारले बिस्किट बांटे गए थे। धौरहरा शिक्षक संघ के अध्यक्ष सौरभ मिश्र का कहना है कि एनजीओ के मैनेजर का वार्तालाप निंदनीय है। यह अक्सर एमडीएम में गड़बड़ी करता है। आपत्ति करने वाले शिक्षक के साथ उसके अशिष्ट व्यवहार को लेकर उच्च अधिकारियों से कार्रवाई के लिए बात करेंगे।
दबी जुबान में शिक्षक भी फैसले से असहज
लखीमपुर खीरी। बीएसए ने 11 से 17 अगस्त तक बच्चों को विशेष भोज देने की व्यवस्था का एलान तो कर दिया, लेकिन इस मद में संबंधितों को कोई अतिरिक्त राशि नहीं जारी की गई है। ऐसे में शिक्षकों में पहले से ही भीतर खाने नाराजगी है कि वह आखिर सात दिन तक एमडीएम के अतिरिक्त विशेष भोज में शामिल हलवा, खीर, बूंदी, लड्डू और फल आदि बच्चों को अपनी जेब से कैसे खिलाएं। संवाद