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किसानों के मोबाइल नंबर और धान खरीद की वीडियो क्लिप क्रय केंद्रों से तलब
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लखीमपुर खीरी। सरकारी धान खरीद में इस वर्ष अचानक तेजी से लक्ष्य की पूर्ति होने से अधिकारी भी भौचक्के हैं। गड़बड़ियों की संभावनाओं को खंगालने के लिए कवायद तेज हो गई है। एडीएम/जिला खरीद अधिकारी अरुण कुमार सिंह ने सभी एजेंसियों के जिला प्रबंधकों को क्रय केंद्रों पर खरीदे गए धान की मात्रा का सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए उन्होंने क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन क्रय मात्रा का सत्यापन प्रमाण पत्र, किसानों के मोबाइल नंबर, धान खरीद कार्य के दौरान बनाई गई शॉर्ट वीडियो क्लिप को जिला खाद्य विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
जनपद में एक लाख 93 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 95 प्रतिशत धान खरीद हो गई है। नवंबर माह में सबसे ज्यादा धान खरीदा गया। जबकि 31 जनवरी 2020 तक क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जाना है, लेकिन नवंबर में ही लक्ष्य के करीब पहुंचते ही क्रय केंद्रों को बंद करने का सिलसिला शुरू हो गया है। पीसीएफ के 30 क्रय केंद्रों को डीएम के अनुमोदन से बंद किया जा चुका है। सिर्फ विपणन शाखा और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर धान खरीद चालू होने की बात कही जा रही है, जबकि अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर खरीद बंद की जा चुकी हैै। एडीएम ने सभी एजेंसियों के प्रबंधकों और क्रय केंद्र प्रभारियों को खरीदे गए धान के सापेक्ष शत-प्रतिशत धान/सीएमआर प्रेषण का मूवमेंट चालान जनरेट करते हुए संबंधित मिल और डिपो को ऑनलाइन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन क्रय मात्रा का सत्यापन प्रमाण पत्र, किसानों के मोबाइल नंबर और धान खरीद की शॉर्ट वीडियो क्लिप जिला खाद्य विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने निर्देशों के बार-बार उल्लंघन किए जाने पर सख्त लहजे में कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
एडीएम ने नौ अक्तूबर को सभी एजेंसी प्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि धान खरीद की जाती है, तो ई-उपार्जन पोर्टल से धान/सीएमआर भेजने के लिए मूवमेंट चालान जनरेट कर और धान क्रय मात्रा का सत्यापन करके रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी को सौंपी जाए। इसके बाद महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन एजेंसी प्रबंधकों ने सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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सभी एजेंसियों के क्रय केंद्रों से दैनिक खरीद के सत्यापन प्रमाण पत्र मांगे हैं। एजेंसी प्रबंधक द्वारा सत्यापन प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने हैैं, जबकि विपणन शाखा के क्रय केंद्रों के प्रमाण पत्र क्षेत्रीय विपणन अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे। इस सूचना को उपलब्ध कराने में लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट जिला खरीद अधिकारी को भेज दी जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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जनपद में एक लाख 93 हजार मीट्रिक टन धान खरीदने का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 95 प्रतिशत धान खरीद हो गई है। नवंबर माह में सबसे ज्यादा धान खरीदा गया। जबकि 31 जनवरी 2020 तक क्रय केंद्रों के माध्यम से किसानों का धान खरीदा जाना है, लेकिन नवंबर में ही लक्ष्य के करीब पहुंचते ही क्रय केंद्रों को बंद करने का सिलसिला शुरू हो गया है। पीसीएफ के 30 क्रय केंद्रों को डीएम के अनुमोदन से बंद किया जा चुका है। सिर्फ विपणन शाखा और एफसीआई के क्रय केंद्रों पर धान खरीद चालू होने की बात कही जा रही है, जबकि अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्रों पर खरीद बंद की जा चुकी हैै। एडीएम ने सभी एजेंसियों के प्रबंधकों और क्रय केंद्र प्रभारियों को खरीदे गए धान के सापेक्ष शत-प्रतिशत धान/सीएमआर प्रेषण का मूवमेंट चालान जनरेट करते हुए संबंधित मिल और डिपो को ऑनलाइन प्रेषित करने के निर्देश दिए हैं। क्रय केंद्रों पर प्रतिदिन क्रय मात्रा का सत्यापन प्रमाण पत्र, किसानों के मोबाइल नंबर और धान खरीद की शॉर्ट वीडियो क्लिप जिला खाद्य विपणन अधिकारी को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एडीएम ने निर्देशों के बार-बार उल्लंघन किए जाने पर सख्त लहजे में कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है।
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एडीएम ने नौ अक्तूबर को सभी एजेंसी प्रबंधकों को पत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि धान खरीद की जाती है, तो ई-उपार्जन पोर्टल से धान/सीएमआर भेजने के लिए मूवमेंट चालान जनरेट कर और धान क्रय मात्रा का सत्यापन करके रिपोर्ट अधोहस्ताक्षरी को सौंपी जाए। इसके बाद महीने से अधिक समय बीत गया, लेकिन एजेंसी प्रबंधकों ने सूचनाएं उपलब्ध नहीं कराई। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी है।
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सभी एजेंसियों के क्रय केंद्रों से दैनिक खरीद के सत्यापन प्रमाण पत्र मांगे हैं। एजेंसी प्रबंधक द्वारा सत्यापन प्रमाण पत्र निर्गत किए जाने हैैं, जबकि विपणन शाखा के क्रय केंद्रों के प्रमाण पत्र क्षेत्रीय विपणन अधिकारी द्वारा जारी किए जाएंगे। इस सूचना को उपलब्ध कराने में लापरवाही करने वाली एजेंसियों के खिलाफ रिपोर्ट जिला खरीद अधिकारी को भेज दी जाएगी।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी