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देवोत्थानी एकादशी श्रद्धा के साथ मनाई
लखीमपुर खीरी
Updated Mon, 23 Nov 2015 12:26 AM IST
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जिले भर में देवोत्थानी एकादशी का पर्व श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस मौके पर श्रद्धालुओं ने घरों में रंगोली बनाकर गन्ने का मंडप बनाया। साथ ही शकरकंद आलूूू, सिंघाड़ा, फल और नैवेद्य आदि अर्पित कर भगवान विष्णु का पूजन किया। लोगों ने मंदिरों में जाकर पूजन अर्चन किया। कई जगह धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया। मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही।
लायंस क्लब उपकार ने उपकार नेत्र चिकित्सालय परिसर में देवोत्थानी एकादशी के मौके पर दीपोत्सव कार्यक्रम घर-घर दीप जले के नाम से आयोजित किया। संस्था सदस्यों ने सपरिवार इस कार्यक्रम में भागीदारी की। इस मौके कई प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का निर्देशन लेखनी सेठ और अर्चना सिंह ने किया जबकि अध्यक्षता विशाल सेठ ने की। प्रभारी के रूप में राम मोहन गुप्ता मौजूद रहे।
महिला सदस्यों के बीच वंदनवार और परिधान प्रतियोतिगता हुई। इसमें कविता अग्रवाल विजेता और सोनी गुप्ता उपविजेता चुनी गईं। इस मौके पर ज्योति से ज्योति जलाते चलो, दीप माला बनाते चलो प्रतियोगिता हुई। बच्चों के लिए टैलेंट शो भी आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम में आर्येंद्र पाल सिंह, पीएल जुनेजा, अशोक गुप्ता, यूके श्रीवास्तव, डॉ. केके मिश्र, डॉ. रूपक टंडन, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. हर्षित मेहरोत्रा, डॉ. अमित सिंह, डॉ. नित्य मेहरोत्रा, डॉ. अमृता सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, राजकुमार सक्सेना, ज्ञानेंद्र सक्सेना, राजवीर सिंह, प्रसून टंडन, अमित मिश्र, कुलदीप गुप्ता, श्रद्धा मिश्रा, शशि सक्सेना, रमा सिंह, अंजू सक्सेना, श्वेता टंडन, रितिका सक्सेना मौजूद रहे।
बांकेगंज। कस्बा में देवोत्थान एकादशी धूमधाम और श्रद्धा से मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने घरों में गन्ने का मंडप बनाकर शकरकंद, आलू, सिंघाड़ा, फल, धूप, दीप, नैवेद्य से मंडप के नीचे सिंहासन पर विराजमान भगवान विष्णु की विधि-विधान विधान से पूजा अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा राधाकृष्ण मंदिर में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु चार माह के लिए शयन करते हैं। पौराणिक रीति-रिवाजों के चलते इस दौरान सनातन धर्म में विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते। इसके ठीक चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के जागने के उपरांत ही मांगलिक उत्सव शुरू होते हैं। रविवार कस्बा के श्रद्धालुओं ने राधाकृष्ण मंदिर और घरों में देवोत्थान एकादशी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई। इस दौरान मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन का आयोजन किया।
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लायंस क्लब उपकार ने उपकार नेत्र चिकित्सालय परिसर में देवोत्थानी एकादशी के मौके पर दीपोत्सव कार्यक्रम घर-घर दीप जले के नाम से आयोजित किया। संस्था सदस्यों ने सपरिवार इस कार्यक्रम में भागीदारी की। इस मौके कई प्रतियोगिताएं और कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रम का निर्देशन लेखनी सेठ और अर्चना सिंह ने किया जबकि अध्यक्षता विशाल सेठ ने की। प्रभारी के रूप में राम मोहन गुप्ता मौजूद रहे।
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महिला सदस्यों के बीच वंदनवार और परिधान प्रतियोतिगता हुई। इसमें कविता अग्रवाल विजेता और सोनी गुप्ता उपविजेता चुनी गईं। इस मौके पर ज्योति से ज्योति जलाते चलो, दीप माला बनाते चलो प्रतियोगिता हुई। बच्चों के लिए टैलेंट शो भी आयोजित किया गया।
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कार्यक्रम में आर्येंद्र पाल सिंह, पीएल जुनेजा, अशोक गुप्ता, यूके श्रीवास्तव, डॉ. केके मिश्र, डॉ. रूपक टंडन, डॉ. नीरज सिंह, डॉ. हर्षित मेहरोत्रा, डॉ. अमित सिंह, डॉ. नित्य मेहरोत्रा, डॉ. अमृता सिंह, शैलेंद्र प्रताप सिंह, राजकुमार सक्सेना, ज्ञानेंद्र सक्सेना, राजवीर सिंह, प्रसून टंडन, अमित मिश्र, कुलदीप गुप्ता, श्रद्धा मिश्रा, शशि सक्सेना, रमा सिंह, अंजू सक्सेना, श्वेता टंडन, रितिका सक्सेना मौजूद रहे।
बांकेगंज। कस्बा में देवोत्थान एकादशी धूमधाम और श्रद्धा से मनाई गई। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने घरों में गन्ने का मंडप बनाकर शकरकंद, आलू, सिंघाड़ा, फल, धूप, दीप, नैवेद्य से मंडप के नीचे सिंहासन पर विराजमान भगवान विष्णु की विधि-विधान विधान से पूजा अर्चन कर सुख समृद्धि की कामना की। इसके अलावा राधाकृष्ण मंदिर में कई धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया।
मान्यता है कि आषाढ़ शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु चार माह के लिए शयन करते हैं। पौराणिक रीति-रिवाजों के चलते इस दौरान सनातन धर्म में विवाह आदि मांगलिक कार्यक्रम नहीं होते। इसके ठीक चार माह बाद कार्तिक शुक्ल एकादशी को भगवान विष्णु के जागने के उपरांत ही मांगलिक उत्सव शुरू होते हैं। रविवार कस्बा के श्रद्धालुओं ने राधाकृष्ण मंदिर और घरों में देवोत्थान एकादशी धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाई। इस दौरान मंदिर प्रांगण में भजन-कीर्तन का आयोजन किया।