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Lakhimpur Kheri News: दाने-दाने को मोहताज कटान पीड़ित, जब भी कोई गाड़ी गुजरती है, आंखें उम्मीद से भर जाती हैं
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देवमनिया तालियाघाट कटान का निरक्षण करते अधिक्षण अभियंता
खीरी। पहाड़ों पर हुई भारी बारिश से जिले की नदियों ने ऐसा कटान किया कि, ग्रामीण तबाह हो गए। लखीमपुर तहसील के श्रीनगर क्षेत्र के अहिरान गांव में शारदा नदी एक-एक कर घरों को निगलती जा रही है तो गोला तहसील के बिजुआ ब्लॉक अंतर्गत कोरियाना गांव में हालत दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं।
कटान पीड़ित भूख प्यास से व्याकुल हैं। उन्हें अभी तक खाने के पैकेट तक नहीं पहुंचाए जा सके हैं। जब भी कोई गाड़ी कटान पीड़ित गांव की तरफ जाती है तो बच्चे इस उम्मीद के साथ दौड़ पड़ते हैं कि शायद कुछ खाने-पीने का सामान आया हो। जब वहां कुछ नहीं मिलता है तो मायूस होकर फिर गांव की तरफ लौट आते हैं।
गोला तहसील की ग्राम पंचायत रूरा सुल्तानपुर के मजरा कोरियाना में भूकटान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, नदी लगातार कटान कर रही है। बीते 24 घंटों में कोई मकान तो नहीं कटा लेकिन नदी ने नीचे से मकानों की मिट्टी काट दी है। इससे मकान हवा में लटके हुए हैं। पीड़ित अपने आप मकानों को तोड़कर ईंट सरिया आदि निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
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जमीनें लगातार कट रही हैं। इस चिलचिलाती धूप में जिनके मकान कट गए हैं। उनके बच्चे बुजुर्ग और पशु खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। जानवरों के लिए चारे की बड़ी दिक्कत हो गई है।
रविवार को चौथे दिन तक शासन की तरफ से कटान पीड़ितों के खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कटान पीड़ित इधर-उधर से मांग कर अपना काम चला रहे हैं। जबकि डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सभी मौके पर जाकर हालात का जायजा ले चुके हैं।
कानूनगो बलराम सिंह ओर लेखपाल अविनाश मिश्रा ने 31 कटान पीड़ितों की सूची बनाई है। अभी तक 13 परिवारों के लिए खाने पीने की या अन्य कोई भी व्यवस्था नहीं हो पाई है।
बेलहा सिकटिहा गांव में भरने लगा बाढ़ का पानी
ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत बेलहा सिकटिया में भी शारदा नदी का पानी गांव के अंदर घरों में घुसने लगा है। शनिवार शाम से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ग्राम प्रधान नेपाली राम ने बताया कि नदी का पानी गांव की गलियों में और घरों में पहुंच गया है। कुछ घरों में रखा हुआ भूसा, अनाज और कपड़े भीग गए। लेखपाल अमन सत्यार्थी ने बताया कि चार-पांच घरों के अंदर पानी पहुंच गया है और घरेलू सामान भीग गया है।
सोमवार को हटाया जाएगा तनसुखपुरवा में अतिक्रमण
हल्का लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया की कटान पीड़ितों को बसाने के लिए डीएम ने जो भूमि चिह्नित की थी, उस पर लोगों का अवैध कब्जा है। कब्जा हटाने के लिए तहसील से एक टीम गठित कर दी गई है। फूलबेहड़ थाना प्रभारी ने फोर्स देने का आश्वासन दिया है। जिससे सोमवार को कब्जा हटाकर बाढ़ पीड़ितों को बसाने का कार्य किया जा सके।
घाघरा में समा चुकी कई बीघा जमीन
रमियाबेहड़। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। किसानाें की कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। अधीक्षण अभियंता लखीमपुर धर्मेंद्र कुमार, एक्सईएन राजीव कुमार व सहायक अभियंता बीडी गौतम ने शनिवार शाम रमियाबेहड़ के देवीपुरवा, सुजानपुर, माथुरपुर, कुरतैहा, लालापुर, मोटेबाबा, परौरी व देवमानियां तालियाघाट का निरीक्षण किया। माथुरपुर-लालापुर व देवमनिया तालियाघाट के बीच सीमेंट की खाली बोरी में आरबीएम (बालू) भरकर लगाया जा रहा है। देवमनीय तालियाघाट के किसान अग्घरा, गुलरिया निवासी कमलेश विश्वकर्मा, प्रधान कल्लूराम वर्मा, राम नरेश, मुल्ले सिंह, विनोद, जगदीश लोधी व गोगे के खेत नदी में समा चुके हैं। मोटेबाबा निवासी नगीना, लालता, मालती, विनोद, इरशाद खां, रत्तीराम चक्रवर्ती आदि किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी की कटान में कट गई।
बाढ़ और कटान पर बराबर नजर रखी जा रही है। संबंधित एसडीएम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके भोजन और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम खीरी।
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कटान पीड़ित भूख प्यास से व्याकुल हैं। उन्हें अभी तक खाने के पैकेट तक नहीं पहुंचाए जा सके हैं। जब भी कोई गाड़ी कटान पीड़ित गांव की तरफ जाती है तो बच्चे इस उम्मीद के साथ दौड़ पड़ते हैं कि शायद कुछ खाने-पीने का सामान आया हो। जब वहां कुछ नहीं मिलता है तो मायूस होकर फिर गांव की तरफ लौट आते हैं।
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गोला तहसील की ग्राम पंचायत रूरा सुल्तानपुर के मजरा कोरियाना में भूकटान से हालात बिगड़ते जा रहे हैं, नदी लगातार कटान कर रही है। बीते 24 घंटों में कोई मकान तो नहीं कटा लेकिन नदी ने नीचे से मकानों की मिट्टी काट दी है। इससे मकान हवा में लटके हुए हैं। पीड़ित अपने आप मकानों को तोड़कर ईंट सरिया आदि निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
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जमीनें लगातार कट रही हैं। इस चिलचिलाती धूप में जिनके मकान कट गए हैं। उनके बच्चे बुजुर्ग और पशु खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। जानवरों के लिए चारे की बड़ी दिक्कत हो गई है।
रविवार को चौथे दिन तक शासन की तरफ से कटान पीड़ितों के खाने-पीने की कोई व्यवस्था नहीं की गई है। कटान पीड़ित इधर-उधर से मांग कर अपना काम चला रहे हैं। जबकि डीएम, एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो, लेखपाल ग्राम पंचायत विकास अधिकारी सभी मौके पर जाकर हालात का जायजा ले चुके हैं।
कानूनगो बलराम सिंह ओर लेखपाल अविनाश मिश्रा ने 31 कटान पीड़ितों की सूची बनाई है। अभी तक 13 परिवारों के लिए खाने पीने की या अन्य कोई भी व्यवस्था नहीं हो पाई है।
बेलहा सिकटिहा गांव में भरने लगा बाढ़ का पानी
ब्लॉक बिजुआ की ग्राम पंचायत बेलहा सिकटिया में भी शारदा नदी का पानी गांव के अंदर घरों में घुसने लगा है। शनिवार शाम से शारदा नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। ग्राम प्रधान नेपाली राम ने बताया कि नदी का पानी गांव की गलियों में और घरों में पहुंच गया है। कुछ घरों में रखा हुआ भूसा, अनाज और कपड़े भीग गए। लेखपाल अमन सत्यार्थी ने बताया कि चार-पांच घरों के अंदर पानी पहुंच गया है और घरेलू सामान भीग गया है।
सोमवार को हटाया जाएगा तनसुखपुरवा में अतिक्रमण
हल्का लेखपाल अविनाश मिश्रा ने बताया की कटान पीड़ितों को बसाने के लिए डीएम ने जो भूमि चिह्नित की थी, उस पर लोगों का अवैध कब्जा है। कब्जा हटाने के लिए तहसील से एक टीम गठित कर दी गई है। फूलबेहड़ थाना प्रभारी ने फोर्स देने का आश्वासन दिया है। जिससे सोमवार को कब्जा हटाकर बाढ़ पीड़ितों को बसाने का कार्य किया जा सके।
घाघरा में समा चुकी कई बीघा जमीन
रमियाबेहड़। घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर ने तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। किसानाें की कृषि योग्य भूमि नदी में समा रही है। अधीक्षण अभियंता लखीमपुर धर्मेंद्र कुमार, एक्सईएन राजीव कुमार व सहायक अभियंता बीडी गौतम ने शनिवार शाम रमियाबेहड़ के देवीपुरवा, सुजानपुर, माथुरपुर, कुरतैहा, लालापुर, मोटेबाबा, परौरी व देवमानियां तालियाघाट का निरीक्षण किया। माथुरपुर-लालापुर व देवमनिया तालियाघाट के बीच सीमेंट की खाली बोरी में आरबीएम (बालू) भरकर लगाया जा रहा है। देवमनीय तालियाघाट के किसान अग्घरा, गुलरिया निवासी कमलेश विश्वकर्मा, प्रधान कल्लूराम वर्मा, राम नरेश, मुल्ले सिंह, विनोद, जगदीश लोधी व गोगे के खेत नदी में समा चुके हैं। मोटेबाबा निवासी नगीना, लालता, मालती, विनोद, इरशाद खां, रत्तीराम चक्रवर्ती आदि किसानों की कृषि योग्य भूमि नदी की कटान में कट गई।
बाढ़ और कटान पर बराबर नजर रखी जा रही है। संबंधित एसडीएम लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। कटान पीड़ितों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के साथ उनके भोजन और रहने की व्यवस्था की जा रही है।
- महेंद्र बहादुर सिंह, डीएम खीरी।

देवमनिया तालियाघाट कटान का निरक्षण करते अधिक्षण अभियंता

देवमनिया तालियाघाट कटान का निरक्षण करते अधिक्षण अभियंता