बाघ की मौत का रहस्य बरकरार
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खीरी
सोमवार
शाम गोला से करीब चार किलोमीटर
दूर बखारी पुल के पास खीरी
ब्रांच नहर से बाघ का शव बरामद
किया गया था। बाघ की उम्र करीब
सात साल बताई जा रही है। सोमवार
देर रात बाघ के शव को रेंजर
उमेश राय द्वारा पोस्टमार्टम
के लिए आईवीआरआई बरेली लाया
गया था। आईवीआरआई के चिकित्सकों
ने अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट
का खुलासा नहीं किया है। रेंजर
उमेश राय ने बताया कि बाघ का
विसरा सुरक्षित कर लिया गया
है, ताकि
मौत के कारणों का सही पता लगाया
जा सके। इसकी परीक्षण रिपोर्ट
हफ्ते भर में आने की उम्मीद
है।
स्थानीय
लोगों का कहना है कि खीरी ब्रांच
नहर में शुक्रवार को ही पानी
छोड़ा गया था। नहर में अभी
इतना पानी भी नहीं है कि बाघ
का शव कहीं दूर से बहकर यहां
पहुंचता। अनुमान है कि बाघ
की मौत बीमारी या दूसरे किसी
कारण से आसपास सूखी नहर में
हो गई होगी।
कंधे
की धारियों से होगी क्षेत्र
की पहचान विशेषज्ञों
का कहना है कि जिस तरह इंसानों
के फिंगर प्रिंट अलग-अलग
होते हैं,
उसी
तरह बाघ के अगले कंधों की
धारियां भी दूसरे बाघों से
मेल नहीं खातीं। वन विभाग
पिछले साल कैमरों में ट्रैप
की गई तस्वीरों से मृत बाघ की
तस्वीरों से मैच कर पता लगाएगा
कि मृत बाघ मूल रूप से जंगल के
किस क्षेत्र का है। एक
माह में शेड्यूल वन के तीन
प्राणियों की मौत दक्षिण
खीरी वन प्रभाग में पिछले एक
माह में अनुसूची एक के तीन
प्राणियों की मौत हुई है। छह
नवंबर को शारदानगर रेंज में
एक तेंदुए का शव मिला था। इसके
बाद इसी रेंज में एक काले हिरन
को जानवरों ने मार डाला। अब
बाघ का शव बरामद हुआ है। डीएफओ
साउथ,
खीरी नीरज
कुमार ने बताया कि पोस्टमार्टम
रिपोर्ट आने के बाद ही बाघ की
मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
फिलहाल यह पता लगाने की कोशिश
कर रहे हैं कि बाघ की मौत कहां
हुई और यहां तक उसका शव कैसे
पहुंचा।