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Lakhimpur Kheri News: जिला अस्पताल में ही जल्द शुरू होगा डे-केयर कैंसर सेंटर
Fri, 27 Feb 2026 11:09 PM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
Updated Fri, 27 Feb 2026 11:09 PM IST
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जिला अस्पताल में छह बेड का बना डे केयर कैंसर सेंटर। स्रोत : स्वास्थ्य विभाग
लखीमपुर खीरी। कैंसर रोगियों को अब इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से संबद्ध जिला चिकित्सालय में डे-केयर कैंसर सेंटर की स्थापना की तैयारियां पूरी हो गई हैं।
शुक्रवार को सीएमएस डॉ. आरके कोली ने सेंटर का निरीक्षण किया और बताया कि प्रारंभिक रूप से छह बेड के सेंटर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां कीमोथेरेपी व बायोप्सी जांच की जाएगी।
सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि स्टाफ नर्स नीरज कुमार, सर्वेश कुमार एवं वर्षा सिंह को भी राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके पूर्ण होते ही सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सेंटर में प्रारंभिक जांच, कीमोथेरेपी, बायोप्सी, छोटे ट्यूमर सर्जरी की तैयारी, फॉलोअप, दर्द प्रबंधन व परामर्श सहित कई सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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कैंसर की समय पर पहचान का महत्व
कैंसर के मामलों में समय पर पहचान जीवन बचाने की सबसे अहम कड़ी मानी जाती है। शुरुआती चरण में बीमारी पकड़ में आने पर इलाज आसान, कम खर्चीला और सफल होने की संभावना अधिक रहती है। देर से पहचान होने पर कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है, जिससे उपचार जटिल और महंगा हो जाता है। डे-केयर कैंसर सेंटर में उपलब्ध स्क्रीनिंग, बायोप्सी और परामर्श सुविधाएं मरीजों को शुरुआती लक्षणों की जांच कराने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे जिले में कैंसर की समय पर पहचान बढ़ेगी और मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है।
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डे-केयर मॉडल ऐसे बदलता है इलाज का तरीका
डे-केयर कैंसर सेंटर इलाज के पारंपरिक मॉडल से अलग है, जहां मरीज को लंबे समय तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती। कीमोथेरेपी, जांच और परामर्श जैसी सेवाएं कुछ घंटों में देकर मरीज को उसी दिन घर भेज दिया जाता है। इस मॉडल से अस्पतालों पर भार कम होता है, मरीजों का खर्च घटता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से मरीजों की नियमित फॉलोअप और उपचार की निरंतरता बेहतर होती है, जिससे इलाज के परिणाम भी प्रभावी होते हैं।
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शुक्रवार को सीएमएस डॉ. आरके कोली ने सेंटर का निरीक्षण किया और बताया कि प्रारंभिक रूप से छह बेड के सेंटर में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां कीमोथेरेपी व बायोप्सी जांच की जाएगी।
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सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने बताया कि स्टाफ नर्स नीरज कुमार, सर्वेश कुमार एवं वर्षा सिंह को भी राज्य स्तर पर प्रशिक्षित किया जा रहा है। इसके पूर्ण होते ही सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता ने बताया कि सेंटर में प्रारंभिक जांच, कीमोथेरेपी, बायोप्सी, छोटे ट्यूमर सर्जरी की तैयारी, फॉलोअप, दर्द प्रबंधन व परामर्श सहित कई सेवाएं उपलब्ध होंगी।
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कैंसर की समय पर पहचान का महत्व
कैंसर के मामलों में समय पर पहचान जीवन बचाने की सबसे अहम कड़ी मानी जाती है। शुरुआती चरण में बीमारी पकड़ में आने पर इलाज आसान, कम खर्चीला और सफल होने की संभावना अधिक रहती है। देर से पहचान होने पर कैंसर शरीर के अन्य हिस्सों में फैल जाता है, जिससे उपचार जटिल और महंगा हो जाता है। डे-केयर कैंसर सेंटर में उपलब्ध स्क्रीनिंग, बायोप्सी और परामर्श सुविधाएं मरीजों को शुरुआती लक्षणों की जांच कराने के लिए प्रेरित करेंगी। इससे जिले में कैंसर की समय पर पहचान बढ़ेगी और मृत्यु दर में कमी आने की उम्मीद है।
डे-केयर मॉडल ऐसे बदलता है इलाज का तरीका
डे-केयर कैंसर सेंटर इलाज के पारंपरिक मॉडल से अलग है, जहां मरीज को लंबे समय तक भर्ती रहने की जरूरत नहीं होती। कीमोथेरेपी, जांच और परामर्श जैसी सेवाएं कुछ घंटों में देकर मरीज को उसी दिन घर भेज दिया जाता है। इस मॉडल से अस्पतालों पर भार कम होता है, मरीजों का खर्च घटता है और मानसिक तनाव भी कम होता है। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से मरीजों की नियमित फॉलोअप और उपचार की निरंतरता बेहतर होती है, जिससे इलाज के परिणाम भी प्रभावी होते हैं।